दिल्ली में CJP के प्रदर्शन के दौरान भारी बैरिकेडिंग, सुरक्षा बलों की तैनाती और प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने को लेकर विवाद सामने आया. स्टेट मिरर के ग्राउंड कवरेज में कुछ प्रदर्शनकारियों और वकीलों ने पुलिस व सुरक्षा कर्मियों पर धक्कामुक्की, गाली-गलौज और गलत तरीके से हिरासत में लेने के आरोप लगाए. सिकंदरा रोड के पास स्थानीय लोगों ने दावा किया कि घर जाने के लिए उन्हें आधार कार्ड, पते के प्रमाण और वीडियो कॉल के जरिए अपनी पहचान साबित करनी पड़ी. मंडी हाउस के पास छात्रों और प्रदर्शनकारियों ने मेट्रो सेवाओं में पाबंदियों, लंबी पैदल यात्रा और इंटरनेट व ऑनलाइन पेमेंट में परेशानी की बात कही. प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और SIR के दौरान मतदाता सूची से नाम हटाए जाने के मुद्दे पर जवाब मांगा. प्रदर्शनकारियों ने कहा कि सरकार ने बहुत सारे मेट्रो बंद कर दिए हैं. यहां तक ट्रेनें भी बंद कर दी हैं. सरकार इतनी फोर्स अगर पुलवामा में लगा देती तो आतंकवादी हमला नहीं होता.