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भारतीय क्रिकेट की मजबूरी का नाम हैं Bhuvneshwar Kumar, क्या मोहम्मद शमी पर भी सलेक्टर्स को लेना पड़ेगा यू-टर्न, गंभीर-अगरकर के हर दांव ने मुंह की खाई

भुवनेश्वर कुमार की T20I टीम में वापसी ने भारत की युवा गेंदबाजों वाली रणनीति पर सवाल खड़े कर दिए हैं. IPL 2026 में शानदार प्रदर्शन के बाद भुवी को न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए चुना गया, जबकि मोहम्मद शमी लंबे समय से राष्ट्रीय टीम से बाहर हैं.

भारतीय क्रिकेट की मजबूरी का नाम हैं Bhuvneshwar Kumar, क्या मोहम्मद शमी पर भी सलेक्टर्स को लेना पड़ेगा यू-टर्न, गंभीर-अगरकर के हर दांव ने मुंह की खाई
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( Image Source:  x.com/Cricketmythos/IS_Netwrk29 )

कौन कहता है कि आसमान में सुराग नहीं होता... एक पत्थर तो तबियत से उछालों यारों... भुवनेश्वर कुमार की कहानी भी कुछ ऐसी ही है... 22 नवंबर 2022 को उन्होंने भारत की ओर से अपना आखिरी टी-20 मुकाबला खेला था... उसके बाद वे टीम इंडिया से बाहर हो गए... अजीत अगरकर के नेतृत्व वाली चयन समिति में भुवनेश्वर के नाम पर चर्चा होनी भी बंद हो गई. युवा गेंदबाजों को मौका देने की रणनीति अपनाई गई... लेकिन यह स्ट्रैटेजी भी धराशाही हो गई.

भारतीय पिच पर भी भारतीय गेंदबाज बेबस और बेसहाय नजर आए. एक तरफ भुवनेश्वर कुमार ने जहां आईपीएल में अपनी स्विंग और सीम से बल्लेबाजों को परेशान किया... वहीं, अन्य भारतीय गेंदबाजों की गेंदों पर गेंद बाउंड्री पार ही नजर आई. भुवनेश्वर की सटीक गेंदबाजी की बदौलत रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने लगातार दूसरे साल आईपीएल पर अपना कब्जा जमाया. भुवनेश्वर ने 8 से भी कम इकोनॉमी के साथ 28 विकेट चटकाए. उनकी आउट स्विंगर और इन स्विंगर बल्लेबाजों को समझ में ही नहीं आई.

सचिन तेंदुलकर ने बताया भुवनेश्वर कुमार की सफलता का राज

महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर ने आईपीएल 2026 के खत्म होने के बाद 31 मई को एक वीडियो जारी कर भुवनेश्वर कुमार की सफलता का राज बताया था. उन्होंने कहा था, जब कोई गेंदबाज लंबा इनस्विंगर या आउट स्विंगर करना चाहता है तो आउट स्विंगर के लिए सीम फर्स्ट स्लिप या सेकंड स्लिप की ओर होती है... वहीं इन स्विंगर के लिए सीम लेग स्लिप की ओर होती है. रिस्ट पोजिशन भी चेंज हो जाती है.

तेंदुलकर ने कहा कि भुवी की सीम वॉबल सीम आ रही है. इससे बल्लेबाजों को पता नहीं चलता कि गेंद बाहर जाएगी या अंदर आएगी. इसी भुवी की सफलता का मंत्र है.

न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए टीम में हुआ चयन

न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए जब 6 अक्टूबर को टीम का ऐलान किया गया तो चौंकाने वाला नाम भुवनेश्वर कुमार का था. करीब 4 साल बाद उनकी टी-20 में वापसी हुई है.

आखिरी T20I में कैसा रहा था भुवनेश्वर कुमार का प्रदर्शन?

22 नवंबर 2022 को नेपियर में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेले गए आखिरी T20I में भुवनेश्वर कुमार ने 4 ओवर में 35 रन दिए थे. हालांकि, उन्हें कोई विकेट नहीं मिला था. अब करीब 4 साल बाद फिर से वे न्यूजीलैंड के खिलाफ उसी की धरती पर गेंदबाजी करते हुए दिखाई देंगे.

भुवी ने अब तक कितने T20I खेले हैं?

भुवी ने अब तक 87 T20I की 86 पारियों में 6.96 की इकोनॉमी से 90 विकेट चटकाए हैं. उनका बेस्ट बॉलिंग फिगर 4 रन देकर 5 विकेट चटकाना है.

न्यूजीलैंड के खिलाफ टी-20 सीरीज के लिए भुवी को क्यों चुना गया?

न्यूजीलैंड की पिच तेज गेंदबाजों के लिए मददगार है. जिस तरह से भुवी ने आईपीएल में गेंदबाजी की है, उससे कीवी टीम के खिलाफ वे कारगर साबित हो सकते हैं. उनका अनुभव भी टीम के काम आएगा.

क्या अगरकर और गंभीर की रणनीति काम नहीं की?

  • अगरकर और गंभीर ने युवा गेंदबाजों को सीनियर गेंदबाजों पर तरजीह दी... लेकिन वे सभी बेअसर साबित हुए... चाहे वे गुरनूर बरार हों. मयंक यादव हों, हर्षित राणा हों, सूर्यांश शेडगे हो, अंशुल कंबोज हों, प्रिंस यादव हों, नितीश कुमार रेड्डी हों या फिर ऑकिब नबी डार. ये सभी अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहे.
  • गंभीर का फोकस ऑलराउंडर्स पर ज्यादा रहा. वे ऐसे गेंदबाज चाहते थे, जो बैटिंग भी कर सके. इससे कई गेंदबाजों को मैच से बाहर भी बैठना पड़ा. इसमें कुलदीप यादव प्रमुख हैं... लेकिन सारी रणनीति धरी की धरी रह गई.
  • वेस्टइंडीज के खिलाफ वनडे सीरीज में भारतीय गेंदबाजी बेअसर साबित हुई. यही वजह है कि तीसरे वनडे में 351 रन बनाने के बावजूद भारत जीत हासिल नहीं कर सका.
  • मोहम्मद सिराज ने 8 ओवर में 52 रन, अंशुल कंबोज ने 9 ओवर में 82 रन, गुरनूर बरार ने 9.1 ओवर में 64 रन, नितीश कुमार रेड्डी ने 6.5 ओवर में 50 रन और नमन धीर ने 5.2 ओवर में 33 रन दिए. कुलदीप यादव ने 10 ओवर में 62 रन दिए. सिराज, बरार, धीर और कुलदीप ने 1-1 विकेट लिए.

क्या शमी का होगा कमबैक?

मोहम्मद शमी लंबे समय से टीम से बाहर चल रहे हैं. ऐसे में सवाल है कि क्या भुवनेश्वर कुमार की तरह उनकी भी टीम में वापसी होगी.... टीम मैनेजमेंट और चयन समित का फोकस 2027 वनडे वर्ल्ड कप को ध्यान में रखते हुए युवा तेज गेंदबाजों पर है. 36 साल के शमी 2025 के बाद से टीम इंडिया से बाहर चल रहे हैं. कई पूर्व खिलाड़ियों और एक्सपर्ट्स का मानना है कि टीम इंडिया अब शमी से आगे देखना शुरू कर दिया है. यही वजह है कि घरेलू क्रिकेट में शानदार प्रदर्शन करने के बावजूद शमी को राष्ट्रीय टीम में जगह नहीं मिली.

शमी ने भारत के लिए आखिरी बार कब खेला था?

शमी ने भारत के लिए आखिरी मुकाबला चैंपियंस ट्रॉफी में न्यूजीलैंड के खिलाफ 9 मार्च 2025 को खेला. उस मैच में उन्होंने 1 विकेट चटकाया था. इस टूर्नामेंट में शमी ने बांग्लादेश के खिलाफ 5 और ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ 3 विकेट लिए थे. उन्होंने 6 जनवरी 2013 को पाकिस्तान के खिलाफ दिल्ली में अपना टी-20 डेब्यू किया था.

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