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Ram Navami 2026: 26 या 27 मार्च कब मनाई जाएगी रामनवमी? जानिए सही तिथि, पूजा शुभ मुहूर्त और महत्व

राम नवमी 2026 की सही तारीख को लेकर लोगों में असमंजस बना हुआ है कि इसे 26 मार्च को मनाया जाए या 27 मार्च को. ऐसे में सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और इसका धार्मिक महत्व जानना बेहद जरूरी हो जाता है, ताकि इस पावन पर्व को विधि-विधान से मनाया जा सके.

Lord Ram
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( Image Source:  AI SORA )
State Mirror Astro
By: State Mirror Astro3 Mins Read

Updated on: 22 March 2026 6:30 AM IST

सनातन धर्म में रामनवमी के पर्व का विशेष महत्व होता है. राम नवमी का पर्व श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में हर वर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मनाया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार नवमी तिथि दोपहर अभिजीत मुहूर्त में प्रभु श्रीराम का जन्म हुआ था. पूरे देश में रामनवमी के पर्व को विशेष रूप से अयोध्य में बड़ी ही धूम-धाम के साथ रामनवमी का त्योहार मनाया जाता है.

रामनवमी चैत्र नवरात्रि का आखिरी दिन भी होता है. नवमी तिथि पर मां दुर्गा के नौवें स्वरूप मां सिद्धिदात्री की पूजा करने का विधान होता है. लेकिन इस वर्ष नवमी तिथि दो दिन होने के कारण रामनवमी की तिथि को लेकर कुछ संशय की स्थिति बनी हुई है. ऐसे में आइए जानते हैं रामनवमी का पर्व 26 या 27 मार्च को किस दिन मनाया जाएगा, तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व के बारे में जानते हैं.

26 या 27 मार्च कब है रामनवमी?

हिंदू पंचांग के अनुसार चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि की शुरुआत 26 मार्त 2026 को सुबह 11 बजकर 46 मिनट से प्रारंभ होगी जिसका समापन 27 मार्च को सुबह 10 बजकर 07 मिनट पर होगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार भगवान राम का जन्म चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि पर दोपहर अभिजीत मुहूर्त में हुआ था. ऐसे में 26 मार्च 2026 को रामनवमी का पर्व मनाना लाभकारी रहेगा. वहीं अगर उदया तिथि के आधार पर रामनवमी 27 मार्च 2026 को मनाया जाएगा. 27 मार्च को शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि सुबह 10 बजकर 7 मिनट तक रहेगी. ऐसे में राम नवमी का मध्याह्र मुहूर्त 11 बजकर 13 मिनट से लेकर 01 बजकर 41 मिनट के बीच होगा. इस वर्ष अयोध्या में राम रवमी का त्योहार 26 मार्च 2026 को मनाई जाएगी. अभिजीत मुहूर्त में पूरे अयोध्या में राम नवमी का पर्व बड़े ही धूम-धाम के साथ मनाई जाएगी.

पूजा का शुभ मुहूर्त ?

राम नवमी का त्योहार 26 मार्च को बनाना सबसे शुभ और लाभकारी साबित होता है. 26 मार्च को दोपहर के बाद नवमी तिथि भी होगी और दोपहर अभिजीत मुहूर्त 11 बजकर 13 मिनट से लेकर 01 बजकर 41 मिनट तक रहेगा. ऐसे में इस शुभ मुहूर्त में रान नवमी का पर्व मनाना शुभ रहेगा.

रामनवमी का धार्मिक महत्व

हिंदू धर्म में रामनवमी के त्योहार का विशेष महत्व होता है. रामनवमी के पर्व को भगवान श्रीराम के जन्मोत्सव के रूप में बड़ी ही धूम-धाम के साथ मनाया जाता है. भगवान राम को मर्यादा पुरुषोतम, सर्वोच्च आदर्श, धर्म पारायण और सत्य का प्रतीक माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, रामनवमी के दिन विधि-विधान और सच्चे मन से जो भी पूजा करता है उसके जीवन में सुख, शांति और समृद्धि की प्राप्ति होती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार त्रेता युग में रावण का वध करने, अधर्म का नाश करने और धर्म की फिर से स्थापना के लिए भगवान विष्णु ने श्रीराम के रूप में अवतार लिया था.

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