बसंत पंचमी कब है और क्यों मनाया जाता है यह पर्व, जानिए महत्व और शुभ तिथि
बसंत पंचमी हिंदू धर्म का एक प्रमुख और शुभ पर्व है, जो वसंत ऋतु के आगमन का प्रतीक माना जाता है. इस दिन ज्ञान, विद्या, संगीत और कला की देवी मां सरस्वती की विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. मान्यता है कि बसंत पंचमी के दिन मां सरस्वती का प्राकट्य हुआ था, इसलिए यह दिन विद्यार्थियों, कलाकारों और विद्वानों के लिए बेहद खास होता है.
हिंदू धर्म में हर एक पर्व का विशेष महत्व होता है. वैदिक पंचांग के अनुसार, हर साल माघ के शुक्ल पक्ष की पचंमी तिथि को बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है. बसंत पंचमी पर विद्या और ज्ञान की देवी मां सरस्वती की विशे रूप से पूजा आराधना की जाती है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बसंत पंचमी पर देव सरस्वती की पूजा करने से सभी तरह की मनोकामनाएं पूरी होती है और ज्ञान की प्राप्ति होती है.
बसंत पचंमी का पर्व छात्रों के लिए खास महत्व रखता है. इस दिन स्कूल और कॉलेज में कई तरह के सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. इस साल बसंत पंचमी का उत्सव 23 जनवरी 2026 को मनाया जाएगा. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन देवी सरस्वती का जन्म हुआ था.
देवी सरस्वती की उत्पत्ति
पुराणों के अनुसार जब ब्रह्मांड की रचना हुई, तब संसार में चारो तरफ अज्ञान और अंधकार था. भगवान ब्रह्मा ने जब सृष्टि की संरचना की, तो एक दिव्य शक्ति की रचना की, जिसने ब्रह्मांड को ज्ञान और प्रकाश से भर दिया. यही शक्ति सरस्वती थीं, जो ज्ञान, विद्या और संगीत की देवी बनीं.
बसंत पंचमी पर पीले रंग का महत्व
बसंत पंचमी के पर्व पर पीले रंग का खास महत्व होता है क्योंकि यह रंग देवी सरस्वती को बहुत ही प्रिय होता है. बसंत पंचमी पर पीले रंग को अत्यंत शुभ और सौभाग्यशाली माना जाता है. इस दिन विशेष रूप से पीले वस्त्र धारण करने, पीले पुष्प अर्पित करने और पीले रंग के भोजन का सेवन करने की परंपरा है. पीला रंग समृद्धि , ज्ञान, सूर्य के तेज, बुद्धि के विकास और आनंद के संचार का प्रतीक माना जाता है. बसंत पंचमी पर घरों, मंदिरों और विद्यालयों में पीले पुष्पों से सजावट की जाती है. इस दिन देवी सरस्वती की मूर्ति और वेदी को भी पीले रंग से भी सजाया जाता है.
बसंत पंचमी तिथि 2026
हिंदू पंचांग के अनुसार, माघ महीने की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि 23 जनवरी 2026 को सुबह 2 जबकर 29 मिनट पर शुरू होगी और इसका समापन 24 जनवरी को सुबह 01 बजकर 45 मिनट पर होगा. ऐसे में इस साल बसंत पंचमी का त्योहार 23 जनवरी को मनाया जाएगा.
पूजा का शुभ मुहूर्त
बसंत पंचमी पर मां सरस्वती की पूजा करने का विधान होता है. वैदिक पंचांग के अनुसार सरस्वती पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 7 बजकर 13 मिनट से दोपहर 12 बजकर 34 मिनट तक रहेगा.





