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वैशाख माह 2026: 03 अप्रैल से शुरू होगा पुण्य का महीना, जानें महत्व और व्रत-त्योहार

वैशाख माह हिंदू धर्म में बेहद पवित्र और पुण्य देने वाला माना जाता है. साल 2026 में यह महीना 03 अप्रैल से शुरू हो रहा है, जिसे स्नान, दान और व्रत-उपवास के लिए खास महत्व दिया जाता है. मान्यता है कि इस दौरान किए गए अच्छे कर्म कई गुना फल देते हैं.

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वैशाख महीने के तीज-त्योहार

( Image Source:  AI SORA )
State Mirror Astro
By: State Mirror Astro3 Mins Read

Updated on: 3 April 2026 6:30 AM IST

हिंदू पंचांग के अनुसार 3 अप्रैल 2026 से वैशाख माह का आरंभ हो रहा है. यह महीना सनातन धर्म में अत्यंत पवित्र और फलदायी माना जाता है. धार्मिक मान्यता है कि इस पूरे महीने में स्नान, दान, जप-तप और पूजा-पाठ करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है. खासकर जल का दान इस माह में बहुत शुभ माना गया है, जिससे जीवन में सुख, शांति और समृद्धि आती है.

इस वर्ष वैशाख माह 3 अप्रैल 2026 से शुरू होकर 1 मई 2026 को समाप्त होगा. यह हिंदू कैलेंडर का दूसरा महीना है और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जाता है. शास्त्रों में इसे “माधव मास” भी कहा गया है, क्योंकि यह भगवान विष्णु को विशेष रूप से प्रिय है.

वैशाख माह का महत्व

हिंदू धर्म में वैशाख माह को पुण्य कमाने का श्रेष्ठ समय माना गया है. मान्यता है कि इस माह में किए गए शुभ कार्यों का फल कई गुना बढ़ जाता है. पवित्र नदियों में स्नान, दान और भगवान विष्णु की पूजा करने से अश्वमेघ यज्ञ के समान फल मिलता है. पौराणिक कथाओं के अनुसार, वैशाख माह में भगवान विष्णु ने कई अवतार धारण किए थे, जिनमें नर-नारायण, नृसिंह और भगवान परशुराम प्रमुख हैं. इसी महीने माता सीता का जन्म भी हुआ था. इसलिए यह महीना धार्मिक दृष्टि से और भी खास बन जाता है.

वैशाख नाम कैसे पड़ा?

हिंदू पंचांग के महीनों के नाम नक्षत्रों के आधार पर रखे जाते हैं. वैशाख माह का संबंध “विशाखा नक्षत्र” से है, इसलिए इसका नाम वैशाख पड़ा. इस नक्षत्र के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं, जो ज्ञान और धर्म के प्रतीक माने जाते हैं. यही कारण है कि इस माह में किए गए धार्मिक कार्य अक्षय पुण्य प्रदान करते हैं.

वैशाख माह से जुड़ी मान्यताएं

शास्त्रों में वैशाख माह की महिमा का विशेष वर्णन मिलता है. कहा गया है कि जैसे युगों में सतयुग श्रेष्ठ है, शास्त्रों में वेद सर्वोत्तम हैं, वैसे ही महीनों में वैशाख सबसे उत्तम माना गया है.एक अन्य मान्यता के अनुसार, भगवान विष्णु ने इसी माह में “मधु” नामक राक्षस का वध किया था, जिसके कारण इस महीने को “माधव मास” भी कहा जाता है. इस दौरान भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष कृपा प्राप्त होती है.

वैशाख माह के प्रमुख व्रत और त्योहार (2026)

  • वरुथिनी एकादशी – 13 अप्रैल
  • मेष संक्रांति – 14 अप्रैल
  • सोलर नववर्ष – 14 अप्रैल
  • परशुराम जयंती – 19 अप्रैल
  • अक्षय तृतीया – 19 अप्रैल
  • गंगा सप्तमी – 23 अप्रैल
  • सीता नवमी – 25 अप्रैल
  • मोहिनी एकादशी – 27 अप्रैल
  • नृसिंह जयंती – 30 अप्रैल
  • बुद्ध पूर्णिमा – 1 मई
  • वैशाख पूर्णिमा – 1 मई
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