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कब से शुरू होंगे शारदीय नवरात्रि? जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और 9 दिनों की पूरी तिथियां

हिंदू धर्म में आश्विन मास के शुक्ल पक्ष से शुरू होने वाली शारदीय नवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व है. वर्ष 2026 में 11 अक्टूबर से मां दुर्गा की आराधना का यह महापर्व शुरू होगा. शुभ मुहूर्त में घटस्थापना के साथ भक्त नौ दिनों तक देवी के विभिन्न रूपों की पूजा करेंगे. इस बार माता का आगमन समृद्धि के प्रतीक हाथी पर हो रहा है.

कब से शुरू होंगे शारदीय नवरात्रि? जानें कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त और 9 दिनों की पूरी तिथियां
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Updated on: 12 Sept 2026 8:00 AM IST

हिंदू धर्म में शारदीय नवरात्रि का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है. आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से नवरात्रि का आरंभ होता है. इस दौरान नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ स्वरूपों की विधि-विधान से पूजा की जाती है. नवरात्रि के पहले दिन घरों और मंदिरों में कलश स्थापना के साथ देवी आराधना शुरू होती है.

नौ दिनों के बाद दशमी तिथि पर विजयादशमी यानी दशहरा मनाया जाता है.आइए जानते हैं वर्ष 2026 में शारदीय नवरात्रि कब से शुरू होगी, कलश स्थापना का शुभ समय क्या रहेगा और नवरात्रि के दौरान किस दिन किस देवी स्वरूप की पूजा की जाएगी.

शारदीय नवरात्रि 2026 कब से शुरू होगी?

पंचांग के अनुसार, आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि 10 अक्टूबर 2026 की रात 9 बजकर 19 मिनट से शुरू होगी. इसका समापन 11 अक्टूबर 2026 की रात 9 बजकर 30 मिनट पर होगा. ऐसे में उदयातिथि के आधार पर शारदीय नवरात्रि का आरंभ 11 अक्टूबर 2026 से माना जाएगा. नवरात्रि के पहले दिन ही घर में विधिपूर्वक घटस्थापना यानी कलश स्थापना की जाएगी. इसके साथ ही मां दुर्गा की नौ दिनों तक चलने वाली आराधना शुरू हो जाएगी.

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

नवरात्रि के पहले दिन घटस्थापना का विशेष महत्व होता है. इस दिन शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करके मां दुर्गा का आह्वान किया जाता है.

घटस्थापना मुहूर्त:

11 अक्टूबर 2026, सुबह 6:31 बजे से 10:27 बजे तक

अभिजित मुहूर्त:

11 अक्टूबर 2026, दोपहर 12:01 बजे से 12:49 बजे तक

धार्मिक मान्यता के अनुसार, शुभ मुहूर्त में कलश स्थापना करने से नवरात्रि की पूजा का संकल्प विधिपूर्वक पूरा माना जाता है.

हाथी पर सवार होकर आएंगी मां दुर्गा

शारदीय नवरात्रि 2026 में मां दुर्गा के वाहन को लेकर भी विशेष चर्चा है. इस वर्ष नवरात्रि का आरंभ रविवार से हो रहा है, इसलिए माता रानी का वाहन हाथी माना गया है. धार्मिक मान्यताओं में हाथी को सुख, समृद्धि और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है. देवी का हाथी पर सवार होकर धरती पर आगमन शुभ संकेत के रूप में देखा जाता है.

शारदीय नवरात्रि 2026 की प्रमुख तिथियां

11 अक्टूबर 2026: नवरात्रि का पहला दिन, घटस्थापना और मां शैलपुत्री की पूजा

12 अक्टूबर 2026: नवरात्रि का दूसरा दिन, मां ब्रह्मचारिणी की आराधना

13 अक्टूबर 2026: नवरात्रि का तीसरा दिन, मां चंद्रघंटा की पूजा

14 अक्टूबर 2026: नवरात्रि का चौथा दिन, मां कूष्मांडा की उपासना

15 अक्टूबर 2026: नवरात्रि का पांचवां दिन, मां स्कंदमाता की पूजा

16 अक्टूबर 2026: नवरात्रि का छठा दिन, मां कात्यायनी की आराधना

17 अक्टूबर 2026: नवरात्रि का सातवां दिन, मां कालरात्रि की पूजा

18 अक्टूबर 2026: नवरात्रि से जुड़े विशेष पूजन का दिन

19 अक्टूबर 2026: अष्टमी और नवमी से जुड़े पर्व, महागौरी पूजा, दुर्गा अष्टमी

20 अक्टूबर 2026: नवमी पूजा, मां सिद्धिदात्री की आराधना, दुर्गा विसर्जन और विजयादशमी से जुड़े अनुष्ठान

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