Begin typing your search...

Sawan 2026: सावन के पहले सोमवार भूलकर भी न करें ये गलतियां, भोलेनाथ हो सकते हैं नाराज

सावन का पहला सोमवार 3 अगस्त को होगा. ऐसे में अगर आप व्रत रख रहे हैं, तो भूलकर भी शिवलिंग पर हल्दी और सिंदूर न चढ़ाएं. इससे भगवान शिव नाराज हो सकते हैं.

Sawan 2026: सावन के पहले सोमवार भूलकर भी न करें ये गलतियां, भोलेनाथ हो सकते हैं नाराज
X
( Image Source:  chatgpt )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत3 Mins Read

Updated on: 2 Aug 2026 9:00 AM IST

सावन का पहला सोमवार भगवान शिव की पूजा और व्रत के लिए बेहद शुभ माना जाता है. इस दिन श्रद्धालु जलाभिषेक करते हैं, व्रत रखते हैं और भोलेनाथ का आशीर्वाद पाने के लिए पूरे मन से पूजा करते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पूजा के साथ-साथ कुछ ऐसी गलतियां भी हैं जिनसे बचना जरूरी माना जाता है. माना जाता है कि इन बातों का ध्यान रखने से पूजा अधिक श्रद्धापूर्वक और विधि-विधान से संपन्न होती है.

धर्म के अनुसार, सावन के पहले सोमवार बिना स्नान किए पूजा नहीं करनी चाहिए, शिवलिंग पर हल्दी और सिंदूर नहीं चढ़ाना चाहिए, टूटे या सूखे बेलपत्र अर्पित करने से बचना चाहिए. इसके अलावा झूठ बोलना, क्रोध करना, किसी का अपमान करना और तामसिक भोजन करना भी व्रत के दौरान उचित नहीं माना जाता.

शिवलिंग पर हल्दी और सिंदूर न चढ़ाएं

भगवान शिव को हल्दी और सिंदूर अर्पित करने की परंपरा नहीं है. शिवलिंग पर जल, दूध, गंगाजल, बेलपत्र, धतूरा, भांग, सफेद फूल और अक्षत चढ़ाना शुभ माना जाता है.

टूटे या कटे-फटे बेलपत्र का उपयोग न करें

शिव पूजा में बेलपत्र का विशेष महत्व है. पूजा में हमेशा साफ और साबुत बेलपत्र ही चढ़ाएं. कीड़े लगे, सूखे या फटे हुए बेलपत्र अर्पित करने से बचना चाहिए.

पूजा जल्दबाजी में न करें

कई लोग समय की कमी के कारण पूजा जल्दी-जल्दी पूरी कर लेते हैं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव की पूजा शांत मन, श्रद्धा और पूरी एकाग्रता के साथ करनी चाहिए. पूजा में भावना सबसे अधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है.

क्या केवल गलती न करने से ही मिलेगा व्रत का फल?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, भगवान शिव भोलेनाथ हैं और अपने भक्तों की सच्ची श्रद्धा से प्रसन्न होते हैं. यदि पूजा पूरे विश्वास, विनम्रता और अच्छे आचरण के साथ की जाए तो उसका शुभ फल प्राप्त होता है. इसलिए सावन के पहले सोमवार को बाहरी नियमों के साथ-साथ मन की पवित्रता और सच्ची भक्ति का भी विशेष ध्यान रखें.

नोट: यह जानकारी सामान्य मान्यताओं पर आधारित है. स्टेट मिरर हिंदी इसकी पूर्ण सत्यता या प्रमाणिकता का दावा नहीं करता है. किसी भी उपाय या जानकारी को अपनाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह अवश्य लें.


अगला लेख