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नरक चतुर्दशी पर जरूर करें ये 5 उपाय, अकाल मृत्यु का भय होगा दूर और घर में आएगी सुख-समृद्धि

नरक चतुर्दशी को छोटी दिवाली और रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है. इस दिन यमराज की पूजा, दीपदान और अभ्यंग स्नान का विशेष महत्व माना जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, छोटी दिवाली पर कुछ खास उपाय करने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है.

Narak Chaturdashi
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Narak Chaturdashi

( Image Source:  ChatGPT )
State Mirror Astro
Edited By:State Mirror Astro2 Mins Read

Updated on: 7 Nov 2026 7:00 AM IST

दीपावली के पांच दिवसीय उत्सव में नरक चतुर्दशी का विशेष धार्मिक महत्व है. इसे छोटी दिवाली और रूप चौदस के नाम से भी जाना जाता है. हिंदू धर्म की मान्यताओं के अनुसार, यह दिन मृत्यु के देवता यमराज की पूजा, दीपदान और अभ्यंग स्नान के लिए खास माना गया है. मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा-अर्चना और कुछ विशेष उपाय करने से जीवन में आने वाली परेशानियां दूर होती हैं. साथ ही व्यक्ति को उत्तम स्वास्थ्य, लंबी आयु और सुख-समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है.

नरक चतुर्दशी पर जरूर करें ये 5 खास उपाय

1. अभ्यंग स्नान

नरक चतुर्दशी की सुबह सूर्योदय से पहले उठकर शरीर पर तिल के तेल की मालिश करें. इसके बाद पारंपरिक तरीके से उबटन लगाकर स्नान करें. धार्मिक मान्यताओं में इस स्नान को अभ्यंग स्नान कहा जाता है. मान्यता है कि छोटी दिवाली पर अभ्यंग स्नान करने से शरीर और मन की शुद्धि होती है.

2. यम दीपदान

नरक चतुर्दशी की शाम यमराज के निमित्त दीपदान करना अत्यंत महत्वपूर्ण माना गया है. इस दिन घर के बाहर दक्षिण दिशा की ओर दीपक जलाकर रखना चाहिए. इसे यम दीपदान कहते हैं. धार्मिक मान्यता है कि इस दिन श्रद्धापूर्वक यमराज के नाम का दीप जलाने से अकाल मृत्यु का भय दूर होता है और परिवार के सदस्यों को लंबी आयु तथा उत्तम स्वास्थ्य का आशीर्वाद मिलता है.

3. यमराज की पूजा

छोटी दिवाली पर मृत्यु के देवता यमराज की पूजा का भी विधान है. इस दिन पूजा के दौरान यमराज को तिल, जल और दीप अर्पित करें. इसके बाद श्रद्धापूर्वक 'ॐ यमाय नमः' मंत्र का जाप करें. मान्यता है कि यमराज की आराधना करने से मृत्यु संबंधी भय और मानसिक चिंताओं से मुक्ति मिलती है.

4. मां लक्ष्मी और कुबेर की पूजा

नरक चतुर्दशी की शाम धन की देवी मां लक्ष्मी और धन के देवता भगवान कुबेर की पूजा करना भी शुभ माना जाता है. इस दिन पूजा स्थल पर 11 दीपक जलाकर दोनों देवताओं का स्मरण करें.

5. घर के मुख्य द्वार पर जलाएं दीपों की पंक्ति

नरक चतुर्दशी की शाम घर के मुख्य प्रवेश द्वार को दीपों से सजाना चाहिए. इसके अलावा घर के आंगन और आसपास भी दीपक जलाएं. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, दीपों की रोशनी अंधकार और नकारात्मकता को दूर करने का प्रतीक है.

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