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केदारनाथ से लेकर ब्रदीनाथ तक, इस साल कब बंद होगी चार धाम यात्रा, जानें कितने दिन और कर सकते हैं दर्शन

चार धाम की यात्रा करने वाले भक्तों के लिए नवंबर का महीना अहम है. इस महीने केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के मंदिरों के कपाट बंद हो जाएंगे. ऐसे में भक्तों के पास दर्शन करने के लिए कुछ ही दिन बचे हैं.

केदारनाथ से लेकर ब्रदीनाथ तक, इस साल कब बंद होगी चार धाम यात्रा, जानें कितने दिन और कर सकते हैं दर्शन
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 इस साल कब बंद होगी चार धाम यात्रा

( Image Source:  @ANI )

उत्तराखंड की चार धाम यात्रा पर जाने वाले श्रद्धालुओं के पास अब दर्शन के लिए ज्यादा समय नहीं बचा है. सर्दियों का मौसम शुरू होते ही पहाड़ों में ठंड बढ़ने लगती है. इसी वजह से हर साल नवंबर में चारों धाम के मंदिरों के कपाट बंद कर दिए जाते हैं. इस बार भी केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री के कपाट अलग-अलग तारीखों पर बंद होंगे. अगर आप भी इस साल चार धाम जाने का प्लान बना रहे हैं, तो देर करने से बचें.

इस साल चारों मंदिरों में दर्शन का मौका नवंबर के मध्य तक ही मिलेगा. गंगोत्री के कपाट सबसे पहले बंद होंगे, जबकि बद्रीनाथ में सबसे आखिर तक पूजा और दर्शन किए जा सकेंगे. ऐसे में आइए जानते हैं कि किस धाम के कपाट किस दिन बंद होंगे और श्रद्धालुओं के पास दर्शन के लिए अभी कितना समय बाकी है.

किस दिन बंद होंगे चारों धाम के कपाट?

इस साल गंगोत्री मंदिर के कपाट 10 नवंबर को बंद होंगे. इसके बाद 11 नवंबर को यमुनोत्री और केदारनाथ मंदिर के कपाट बंद कर दिए जाएंगे. वहीं, बद्रीनाथ मंदिर के कपाट 16 नवंबर को बंद होंगे. इसके साथ ही इस साल की चार धाम यात्रा का समापन हो जाएगा.

कितने दिन और कर सकते है दर्शन?

अगर आप 2 नवंबर से यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो गंगोत्री में दर्शन के लिए करीब 8 दिन, यमुनोत्री और केदारनाथ में 9 दिन और बद्रीनाथ में 14 दिन का समय बचा है. यानी श्रद्धालु अभी भी चारों धाम के दर्शन कर सकते हैं. हालांकि, यात्रा पर निकलने से पहले मौसम और रास्तों की स्थिति का ध्यान रखना जरूरी है.

कपाट बंद होने के बाद कहां होंगे भगवान के दर्शन?

चार धाम के कपाट बंद होने के बाद भी श्रद्धालुओं के लिए पूजा का सिलसिला जारी रहता है. सर्दियों में भगवान की पूजा उनके शीतकालीन निवासों पर की जाती है. केदारनाथ की पूजा उखीमठ, बद्रीनाथ की पूजा जोशीमठ, गंगोत्री की पूजा मुखबा और यमुनोत्री की पूजा खरसाली में होती है. यहां भक्त सर्दियों के दौरान भी भगवान के दर्शन कर सकते हैं.

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