गाजियाबाद के सीवेज में मिला पोलियो वायरस! क्या है VDPV1 और कितना खतरना? FAQ से जानें हर सवाल का जवाब
गाजियाबाद के एक सीवेज सैंपल में वैक्सीन-जनित पोलियो वायरस टाइप-1 (VDPV1) मिलने के बाद हड़कंप मच गया है. हालांकि अब तक किसी व्यक्ति में पोलियो का मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर 30,000 हजार घरों का सर्वे किया जाएगा.
क्या है VDPV1 और कितना खतरना
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में सीवेज के एक सैंपल में वैक्सीन-जनित पोलियो वायरस टाइप-1 (VDPV1) मिलने के बाद स्वास्थ्य विभाग अलर्ट हो गया है. यह वायरस 5 जून 2026 को डुंडाहेड़ा सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट और विजय नगर पंपिंग स्टेशन से लिए गए सैंपल में पाया गया. हालांकि अधिकारियों ने साफ किया है कि यह कोई इमरजेंसी कंडीशन नहीं है और अब तक पोलियो का एक भी मरीज सामने नहीं आया है. एहतियात के तौर पर स्वास्थ्य विभाग ने हजारों घरों का सर्वे शुरू किया है और छोटे बच्चों की जांच की जा रही है.
गाजियाबाद पोलियो वायरस मामला
सीवेज के पानी की जांच के दौरान वैक्सीन-जनित पोलियो वायरस टाइप-1 (VDPV1) का पता चला है. यह वायरस किसी मरीज में नहीं, बल्कि सीवेज सैंपल में मिला है.
यह वाइल्ड पोलियो वायरस नहीं है. यह वैक्सीन से जुड़ा कमजोर वायरस है, जो कुछ परिस्थितियों में लंबे समय तक फैलने पर बदल सकता है. फिलहाल मिला वायरस कम खतरनाक माना जा रहा है.
ओरल पोलियो वैक्सीन लेने के बाद कमजोर वायरस कुछ समय तक शरीर से मल के जरिए बाहर निकल सकता है. इसी वजह से यह सीवेज में पाया जा सकता है.
VDPV1 यानी Vaccine-Derived Poliovirus Type-1. यह पोलियो वैक्सीन में मौजूद कमजोर वायरस से जुड़ा एक प्रकार है, जो बहुत दुर्लभ मामलों में बदलकर फैल सकता है.
VDPV के 3 टाइप हैं. सर्कुलेटिंग VDPV (cVDPV), इम्यूनोडेफिशिएंसी-रिलेटेड VDPV (iVDPV) और एंबिग्युअस VDPV (aVDPV). इनमें cVDPV तब होता है जब वायरस लोगों के बीच फैलने लगे, जबकि iVDPV कमजोर इम्यूनिटी वाले व्यक्ति से जुड़ा होता है.
दुर्लभ मामलों में वायरस नर्वस सिस्टम को प्रभावित कर सकता है, जिससे हाथ-पैरों में कमजोरी, लकवा या स्थायी विकलांगता हो सकती है.
100 से अधिक स्वास्थ्य टीमें प्रभावित इलाकों में घर-घर जाकर सर्वे कर रही हैं. पांच साल से कम उम्र के बच्चों की विशेष जांच की जा रही है.
बच्चों को पोलियो वैक्सीन की सभी निर्धारित खुराक समय पर दिलवाएं. हाथों की सफाई रखें, साफ पानी पिलाएं और स्वच्छता का विशेष ध्यान रखें.




