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कभी बेहद करीब, कभी बिल्कुल दूर… रिश्तों का नया Toxic Trend बना Puffer-Fishing क्या?

Puffer-Fishing डेटिंग ट्रेंड उन लोगों से जुड़ा है जो शुरुआत में बेहद प्यार, केयर और इमोशनल अटेंशन दिखाते हैं, लेकिन जैसे ही रिश्ता गंभीर होने लगता है, वे घबराने लगते हैं.

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क्या है नया डेटिंग ट्रेंड Puffer-Fishing

( Image Source:  chatgpt )
हेमा पंत
Edited By: हेमा पंत3 Mins Read

Published on: 26 May 2026 2:04 PM

आजकल डेटिंग की दुनिया में हर कुछ दिनों में नया ट्रेंड देखने को मिल जाता है. कभी Ghosting, कभी Breadcrumbing और अब तेजी से चर्चा में है Puffer-Fishing. रिश्तों में प्यार और अपनापन हर कोई चाहता है, लेकिन कई बार कुछ लोग शुरुआत में बेहद केयरिंग और इमोशनल नजर आते हैं और फिर अचानक बदलने लगते हैं.

कभी वे घंटों बातें करते हैं, हर समय साथ रहने की कोशिश करते हैं, तो कभी बिना किसी वजह के दूरी बनाने लगते हैं. डेटिंग की दुनिया में इसी कंफ्यूजिंग बर्ताव को अब “Puffer-Fishing” नाम दिया गया है.

आखिर क्यों पड़ा इसका नाम Puffer-Fishing?

इस ट्रेंड का नाम “पफर फिश” से लिया गया है. यह एक ऐसी मछली होती है जो खतरा महसूस होते ही खुद को फुलाकर कांटेदार बना लेती है ताकि कोई उसके करीब न आ सके. ठीक इसी तरह कुछ लोग भी रिश्तों में इमोशनल नजदीकी बढ़ते ही खुद को दूर करने लगते हैं. वे अंदर से वल्नरेबल महसूस करते हैं और खुद को बचाने के लिए दूरी बना लेते हैं.

क्या हैं पफर फिशिंग के लक्षण?

ऐसे लोगों की पहचान शुरुआत में करना आसान नहीं होता, क्योंकि शुरुआत में वे काफी अफेक्शनेट और केयरिंग दिखाई देते हैं. लेकिन धीरे-धीरे उनका बर्ताव बदलने लगता है. ये संकेत दिख सकते हैं:

  • कभी बहुत ज्यादा करीब आना, फिर अचानक दूरी बना लेना
  • सीरियस बातचीत से बचना
  • रिश्ते में कमिटमेंट आते ही घबराहट महसूस करना
  • छोटी-छोटी कमियों पर जरूरत से ज्यादा ध्यान देना
  • मैसेज या कॉल से अचानक गायब हो जाना
  • कुछ समय बाद ऐसे लौटना जैसे कुछ हुआ ही नहीं
  • यह हॉट और कोल्ड बिहेवियर अक्सर सामने वाले व्यक्ति को इमोशनली कंफ्यूज्ड कर देता है.

पफर फिशिंग सही या गलत?

हर बार ऐसा बर्ताव करने वाला व्यक्ति बुरा हो, यह जरूरी नहीं है. कई बार इसके पीछे बचपन के एक्सपीरियंस, इमोशनल सिक्योरिटी या रिजेक्शन का डर जिम्मेदार होता है. जिन लोगों ने बचपन में इमोशनल सपोर्ट की कमी देखी हो, उनके लिए रिश्तों में वल्नरेबिलिटी अनकंफर्टेबल महसूस हो सकती है. हालांकि, अगर कोई बार-बार बिना बात रिश्ते से भागता है, बात बंद कर देता है या सामने वाले को लगातार एंग्जाइटी में रखता है, तो रिश्ता अनहेल्दी बन सकता है.

कैसे निकल सकते हैं इससे बाहर?

एक्सपर्ट्स मानते हैं कि सेल्फ अवेयरनेस, सही और सच्ची बातचीत और थेरेपी की मदद से इस बर्ताव को बदला जा सकता है. सबसे जरूरी है अपने डर को पहचानना और हर अनकंफर्टेबल इमोशन से भागने के बजाय उसे समझने की कोशिश करना. रिश्तों में स्पेस लेना गलत नहीं माना जाता, लेकिन बिना बताए गायब हो जाना या सामने वाले की भावनाओं को नजरअंदाज करना लंबे समय में रिश्ते को नुकसान पहुंचा सकता है.

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