Begin typing your search...

गंजेपन को कमजोरी नहीं ताकत बनाया! क्या है एलोपेसिया? जिससे जूझकर नॉर्मल गर्ल से मॉडल बनी राशि सिंह

एलोपेसिया से जूझते हुए राशि सिंह ने गंजेपन को अपनी कमजोरी नहीं बल्कि ताकत बना लिया. आज वही आत्मविश्वास उन्हें मॉडलिंग और जिंदगी में नई पहचान दिला रहा है.

गंजेपन को कमजोरी नहीं ताकत बनाया! क्या है एलोपेसिया? जिससे जूझकर नॉर्मल गर्ल से मॉडल बनी राशि सिंह
X
( Image Source:  Instagram: baldphin )
रूपाली राय
Edited By: रूपाली राय5 Mins Read

Updated on: 4 May 2026 3:40 PM IST

इसमें कोई दो राय नहीं है कि महिलाओं की खूबसूरती उनकी बॉडी फिगर से ज्यादा उनके खूबसूरत बालों के साथ आंकी जाती है. महिलाओं को गंजेपन के साथ कल्पना करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन होता है. हां, वो बात अलग है कि आज भी कुछ विधवाओं को उसके पति के मृत्यु के बाद लंबे बाल नहीं रखती. कैंसर पीड़ित महिलाओं को भी इलाज के एक स्तर पर जाने के बाद अपने सुंदर बालों से समझौता करना पड़ता है. इस बात से साफ है कि खुद महिलाएं भी बालों के बिना खुद को अधूरा मानती है भले वह लंबे न सही छोटे हो, मोटे न सही पतले हो. लेकिन बाल हो. वहीं कुछ महिलाओं को बालों के बिना की खूबसूरती को स्वीकार करना पड़ता है क्योंकि उसके पीछे कई वजह होती है. टाइम नाउ भी एक खास कहानी बताती है 26 साल की राशि सिंह की. जो केरल से हैं, जब एक दिन राशि ने रेजर उठाया और अपने बचे खुचे बालों को पूरी तरह साफ कर दिया.

क्यों उठाया ऐसा कदम?

राशि का ऐसा करना कोई हताशा में लिया गया फैसला नहीं था. यह एक जानबूझकर उठाया गया कदम था. खुद को स्वीकार करने और समाज के सुंदरता के तानों से तंग घेरे से बाहर निकलने का. एक साल पहले तक राशि की जिंदगी बिल्कुल नार्मल थी. 2021 में कॉलेज ग्रेजुएशन के बाद बेंगलुरु में नौकरी. फिर 2022 में अचानक बाल झड़ने शुरू हुए. शुरुआत में उन्होंने इसे नजरअंदाज किया, लेकिन जब उनकी मां ने सिर पर गंजे धब्बे देखे तो सच्चाई सामने आई एलोपेसिया एरेटा, एक ऑटोइम्यून बीमारी. कुछ महीनों में उनके आधे से ज्यादा बाल झड़ गए. आईना दुश्मन बन गया, स्कार्फ, जूड़े, विग हर तरीके से छुपाने की कोशिश की, लेकिन कुछ भी ठीक नहीं लगा. कॉन्फिडेंस टूट गया. नौकरी छोड़ दी और घर में सिमटकर रहने लगी.

Instagram: baldphin

फिर घूम गया कहानी का मोड़

केरल यात्रा के दौरान राशि की मुलाकात एक लड़की से हुई जिसने अपनी मर्जी से सिर मुंडवा लिया था. उस पल ने कुछ जगा दिया, राशि ने भी वही किया. वापस लौटकर उन्होंने एक नार्मल सी सेल्फी इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दी और अपनी कहानी शेयर की. रिएक्शन अनएक्पेक्टेड था. लोग राशि की हिम्मत की तारीफ कर रहे थे. 'आप बहुत अच्छी लग रही हैं', 'बहुत इंस्पायरिंग'. इन कमेंट्स ने उनकी सोच ही बदल दी. जिस चीज को वे अपनी सबसे बड़ी कमी मानती थीं, वही उनकी सबसे बड़ी ताकत बन गई. राशि कहती हैं, 'मैं सोचती थी लोग मजाक उड़ाएंगे, लेकिन उल्टा मुझे हिम्मत मिली.' उन्होंने स्कार्फ हमेशा के लिए छोड़ दिया. शुरुआत में घूरती नजरों का सामना करना पड़ा, लेकिन जैसे-जैसे वे खुद में कम्फर्ट हुईं, दुनिया भी उनकी एनर्जी को महसूस करने लगी.

Instagram: baldphin

मॉडलिंग का नया चैप्टर

गंजे लुक के साथ कॉन्फिडेंस पाने के बाद राशि ने वो किया जो पहले कभी सोचा भी नहीं था. फेमिना मिस इंडिया के लिए अप्लाई किया. मंच पर अनुभवी प्रतियोगियों के बीच उनका लुक खास तौर पर नोटिस किया गया. लोग पूछ रहे थे 'क्या आप पहले से मॉडल हैं?.' हालांकि फाइनल स्टेज तक नहीं पहुंचीं, लेकिन इस सफर ने उनके लिए कई दरवाजे खोल दिए. लैक्मे फैशन वीक में शांतनु और निखिल की टीम ने खास तौर पर उनके गंजे लुक के कारण उन्हें चुना. जिस ब्यूटी इंडस्ट्री से वे डरती थीं, वही इंडस्ट्री अब उन्हें अपने असली रूप में स्वीकार कर रहा था. आज राशि भोपाल में आर्किटेक्ट के रूप में काम करती हैं, साथ ही मॉडलिंग भी. योग उनके जीवन का अहम हिस्सा बन गया है. ऋषिकेश में टीचर ट्रेनिंग लेकर उन्होंने न सिर्फ शरीर बल्कि मन को भी मजबूत किया. स्टीवन चैंडलर की किताब Reinventing Yourself ने उन्हें बहुत प्रभावित किया खासकर विक्टिम बनने के बजाय अपनी जिंदगी की जिम्मेदारी लेने का मैसेज.


अब वे दूसरों की रोशनी बन गई हैं

राशि अब उन हजारों लड़कियों और महिलाओं के लिए इंस्पिरेशन हैं जो एलोपेसिया से जूझ रही हैं. उन्हें रोज मैसेज आते हैं. एक स्कूली छात्रा रोज लिखती है, 'दीदी, मैं आप जैसी बनना चाहती हूं.' वे कहती हैं, 'मुझे खुद कोई रोल मॉडल नहीं मिला था. आज मैं उसी जगह खड़ी हूं जहां कोई लड़की देख सके कि गंजापन छुपाने वाली बात नहीं है. आप इसे एक्सेप्ट कर सकते हैं, साफ रख सकते हैं और खुलकर जी सकते हैं.'

हेल्‍थ
अगला लेख