क्या सेफ हैं वायरलेस ईयरबड्स? राजस्थान की मेडिकल छात्रा के कान में फटा, यूज करने से पहले जान लें ये बातें
राजस्थान की एक एमबीबीएस छात्रा ने दावा किया कि उसके JBL वायरलेस ईयरबड्स इस्तेमाल के दौरान फट गए, जिससे कान में सूजन हो गई. घटना के बाद लोगों में ईयरबड्स की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है और कंपनी ने जांच का भरोसा दिया.
राजस्थान की एक MBBS मेडिकल छात्रा ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की, जिसमें उसने दावा किया कि उसके JBL Tune Beam 2 वायरलेस ईयरबड्स इस्तेमाल करते समय अचानक फट गए। इस घटना से उसके दाहिने कान के पर्दे (टिम्पेनिक मेम्ब्रेन) में सूजन हो गई। छात्रा ने बताया कि ईयरबड्स उसे अपनी बहन ने लगभग एक महीने पहले गिफ्ट किए थे। वह संगीत सुन रही थी, तभी अचानक तेज आवाज़ या सनसनी जैसा कुछ हुआ और कान में चोट लग गई.
उसने अपनी पोस्ट में डॉक्टर के पर्चे की फोटो भी लगाई, जिसमें ENT स्पेशलिस्ट (कान-नाक-गले के डॉक्टर) ने दाहिने कान में सूजन, चक्कर आना और उल्टी जैसे लक्षणों का जिक्र किया था। डॉक्टर ने दवाइयाँ लिखीं और स्थिति का इलाज किया। यह पोस्ट तेजी से वायरल हो गई और इंटरनेट पर लोगों में वायरलेस ईयरबड्स की सुरक्षा को लेकर काफी चर्चा शुरू हो गई। कई यूजर्स ने अपनी चिंता जताई, कुछ ने अपने समान अनुभव शेयर किए, तो कुछ ने पूछा कि क्या ऐसे गैजेट्स सच में खतरनाक हैं।
कंपनी JBL की प्रतिक्रिया
जेबीएल कंपनी ने इस मामले पर तुरंत प्रतिक्रिया दी. उन्होंने सार्वजनिक बयान में कहा, 'नमस्कार, स्थिति के बारे में बताने के लिए धन्यवाद. हमने आपकी पोस्ट देख ली है और इस जानकारी को भारत में अपनी टीम के साथ शेयर कर दिया है, ताकि वे आपसे सीधे संपर्क कर सकें.' कंपनी ने मामले की जांच का वादा किया, लेकिन ईयरबड के “फटने” वाले आरोप पर कोई सीधा जवाब नहीं दिया. वे बस यह कहकर चले गए कि वे मामले को गंभीरता से ले रहे हैं.
स्वास्थ्य की नजर से पूरी बात समझें
स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए इस घटना पर गौर करें तो यह चिंता का विषय है, लेकिन इसे पूरी तरह सामान्य न समझें. वायरलेस ईयरबड्स (जैसे ब्लूटूथ वाले) में छोटी-छोटी बैटरी लगी होती है. अगर बैटरी खराब हो, ओवरहीट हो, या कोई मैन्युफैक्चरिंग दोष हो, तो बहुत दुर्लभ मामलों में गर्मी, सूजन या फटने जैसी समस्या हो सकती है. भारत में पहले भी कुछ साल पहले राजस्थान में ही एक युवक की मौत का मामला सामने आया था, जब उसके ब्लूटूथ हेडफोन में चार्जिंग के दौरान विस्फोट हुआ था. ऐसे मामले बहुत कम होते हैं, लेकिन हो सकते हैं. सबसे बड़ा खतरा जो रोजाना होता है, वह है जोर से आवाज़ सुनना. ईयरबड्स कान के अंदर सीधे लगते हैं इसलिए आवाज़ ज्यादा तेज और सीधे कान की नाजुक कोशिकाओं तक पहुंचती है. अगर आप 80-90% वॉल्यूम पर घंटों सुनते रहें, तो धीरे-धीरे कान की छोटी-छोटी बाल जैसी कोशिकाएं (हेयर सेल्स) क्षतिग्रस्त हो जाती हैं. इससे स्थायी सुनने की समस्या, कान में घंटी बजने जैसा शोर (टिनिटस) या कान में दर्द हो सकता है. इसके अलावा, ईयरबड्स कान के अंदर नमी और गर्मी फंसाते हैं, जिससे कान में इन्फेक्शन (बैक्टीरिया या फंगल) का खतरा बढ़ जाता है. अगर कान में मैल ज्यादा हो तो ईयरबड्स उसे अंदर धकेल सकते हैं, जिससे ब्लॉकेज हो जाता है. ब्लूटूथ से निकलने वाली रेडिएशन (नॉन-आयनाइजिंग) बहुत कम होती है और आमतौर पर सुरक्षित मानी जाती है, लेकिन लंबे समय तक इस्तेमाल से थोड़ी बहुत असुविधा हो सकती है.
तो क्या ईयरबड्स का इस्तेमाल करें या नहीं?
एक्सपर्ट्स कहते हैं हां, इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन बहुत सावधानी से. पूरी तरह बंद करना जरूरी नहीं, क्योंकि आजकल ज्यादातर लोग इनका इस्तेमाल करते हैं और ज्यादातर मामलों में कोई बड़ी समस्या नहीं होती. लेकिन स्वास्थ्य को प्राथमिकता दें, तो इन नियमों का पालन जरूर करें:
1. वॉल्यूम कम रखें: 60% से ज्यादा वॉल्यूम पर कभी न सुनें. अगर आसपास शोर है तो भी वॉल्यूम न बढ़ाएं। 60/60 नियम याद रखें- 60% वॉल्यूम पर 60 मिनट से ज्यादा न सुनें.
2. समय सीमित रखें: लगातार 1-2 घंटे से ज्यादा इस्तेमाल न करें. बीच-बीच में ब्रेक लें, कान को आराम दें.
3. साफ-सफाई का ध्यान रखें: ईयरबड्स को रोज साफ करें. कान में मैल न हो, तो डॉक्टर से साफ करवाएं. दूसरे व्यक्ति के साथ शेयर न करें, क्योंकि इन्फेक्शन फैल सकता है.
4. अच्छी क्वालिटी चुनें: सस्ते या नकली ईयरबड्स न खरीदें. ब्रांडेड और सर्टिफाइड प्रोडक्ट्स ही लें, जिनमें ओवरहीटिंग प्रोटेक्शन हो. अगर चार्जिंग करते समय इस्तेमाल न करें.
5. कान में कोई समस्या हो तो तुरंत रुकें: अगर कान में दर्द, सूजन, चक्कर या सुनाई कम दे, तो तुरंत डॉक्टर से मिलें और ईयरबड्स बंद कर दें.
6. विकल्प अपनाएं: अगर ज्यादा चिंता है तो ओवर-ईयर हेडफोन्स इस्तेमाल करें. ये आवाज़ को थोड़ा फैलाकर कम तेज पहुंचाते हैं या स्पीकर पर सुनें जब घर में अकेले हों.
अगर आपको भी ऐसे कोई लक्षण दिखें या कोई संदेह हो, तो ENT डॉक्टर से परामर्श जरूर लें. सावधानी बरतकर ईयरबड्स का मजा लें, लेकिन कान की सेहत को सबसे ऊपर रखें. स्वस्थ कान ही जीवन की खुशियों की आवाज़ साफ-साफ सुनाते हैं.




