Hema Malini का 54 साल पुराना घर 'अद्वितीय', जहां बसती है कला, संस्कृति और धर्मेंद्र-हेमा की खूबसूरत यादें
ईशा देओल ने पहली बार अपनी मां हेमा मालिनी के 54 साल पुराने आलीशान बंगले का इनसाइड टूर कराया, जिसमें घर की अनदेखी झलकियां सामने आईं. इस बंगले में विशाल डांस हॉल, दो अलग-अलग किचन, हर सदस्य के लिए अलग फ्लोर और 'अद्वितीय' नाम के पीछे की दिलचस्प कहानी भी सामने आई.
बॉलीवुड की 'ड्रीम गर्ल' हेमा मालिनी (Hema Malini) का घर सिर्फ एक मकान नहीं, बल्कि इतिहास, कला और अटूट प्यार की एक जीती-जागती मिसाल है. हाल ही में, हेमा मालिनी की बड़ी बेटी और एक्ट्रेस ईशा देओल ने अपने इस 54 साल पुराने ऐतिहासिक पारिवारिक घर का एक रेयर और बेहद खूबसूरत टूर कराया. 'कर्लीटेल्स' (CurlyTales) द्वारा 25 जून को यूट्यूब पर शेयर किए गए एक वीडियो में, ईशा ने इस आलीशान घर के उन कोनों को दिखाया जो आमतौर पर दुनिया की नजरों से छिपे रहते हैं.
नाम के पीछे की कहानी
ईशा देओल ने वीडियो में एक बहुत ही हैरान करने वाला फैक्ट शेयर किया. उन्होंने बताया कि इतने सालों तक इस घर का कोई आधिकारिक या सरकारी नाम नहीं था. लोग इसे केवल 'हेमा मालिनी बंगला' के नाम से जानते थे. लेकिन हाल ही में, आध्यात्मिक गुरु श्री श्री रवि शंकर ने इस घर को एक बेहद खूबसूरत नाम दिया 'अद्वितीय'. 'अद्वितीय' का अर्थ होता है जिसके जैसा कोई दूसरा न हो, यानी बेहद अनोखा और रहस्यमय.
घर के कोने-कोने में रची-बसी है कला की खुशबू
यह घर 50 साल से भी ज्यादा पुराना है. जब हेमा मालिनी पहली बार मुंबई आई थीं, तब से वह इसी जगह पर रह रही हैं. इस घर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां कदम रखते ही आपको एहसास हो जाएगा कि नृत्य और भारतीय संस्कृति इस परिवार की जड़ों में कितनी गहराई से समाई हुई है. घर के एंट्री गेट को कांसे (Bronze) की बनी खूबसूरत कलाकृतियों से सजाया गया है, जिनमें अलग-अलग नृत्य मुद्राओं (Dance Poses) को दर्शाया गया है. घर का लिविंग रूम बेहद ग्रैंड है. यह कमरा केवल मेहमानों के बैठने के लिए नहीं है, बल्कि यह एक डांस रिहर्सल हॉल भी है. हेमा मालिनी आज भी यहां हर दिन अपनी डांस की प्रैक्टिस करती हैं. इस कमरे के फर्श को विशेष रूप से लकड़ी (Wooden Flooring) से तैयार किया गया है ताकि डांस करते समय पैर न फिसलें. यह हॉल इतना बड़ा है कि इसमें एक साथ 30 लोग आसानी से डांस कर सकते हैं.
2005 की बाढ़ के बाद हुआ नया कायाकल्प
अगर यह परिवार पिछले कई दशकों से इस जमीन पर रह रहा है, लेकिन साल 2005 में मुंबई में आई भयानक बाढ़ के कारण मूल बंगले को काफी नुकसान पहुंचा था. इसके बाद इस जर्जर हो चुके बंगले का पूरी तरह से रेनोवेशन किया गया. आज यह बंगला एक आधुनिक तीन से चार मंजिला इमारत में बदल चुका है. परिवार की प्राइवेसी और सुविधा को ध्यान में रखते हुए इसे अलग-अलग मंजिलों में बांटा गया है. जिसमें से एक मंजिल पूरी तरह हेमा मालिनी जी के लिए है. दूसरी मंजिल ईशा देओल के लिए है. तीसरी मंजिल ईशा की बहन (अहाना देओल) के लिए है. खास बात यह है कि हर मंजिल का इंटीरियर और सजावट वहां रहने वाले सदस्य की पसंद और उनकी शख्सियत को ध्यान में रखकर की गई है.
खान-पान के सख्त नियम और दो अलग रसोईघर
इस घर में खान-पान को लेकर बेहद दिलचस्प व्यवस्था है. घर के अंदर दो अलग-अलग रसोईघर बनाए गए हैं: यहां हेमा मालिनी का पर्सनल किचेन है क्योंकि यहां हेमा मालिनी के लिए सात्विक और शाकाहारी भोजन बनता है. इस रसोई में किसी भी बाहरी व्यक्ति या परिवार के दूसरे सदस्यों को आसानी से जाने की अनुमति नहीं है. दूसरा किचेन अन्य परिवार के सदस्यों के लिए है. परिवार के बाकी सदस्यों और बच्चों के लिए खाना बनता है. दरअसल, ईशा के बच्चे और उनके दादा-दादी मांसाहारी (Non-vegetarian) भोजन भी करते हैं. चूंकि हेमा मालिनी शुद्ध शाकाहार और नियमों को लेकर बेहद सख्त हैं, इसलिए उन्होंने घर में यह दोहरी व्यवस्था बनाई है ताकि किसी की पसंद में खलल न पड़े.




