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क्या आपने पिया है प्यार का काढ़ा? जिसकी खुशबू भर से जग सकता है आपके पार्टनर में लव हार्मोन

लोककथाओं के 'लव पोटियन' से अलग, विज्ञान कहता है कि प्यार ऑक्सीटोसिन, डोपामाइन और वैसोप्रेसिन जैसे हार्मोन्स से जुड़ा है. एक रिपोर्ट में बताया गया कि 'लव हार्मोन' भी जबरदस्ती प्यार नहीं करा सकता.

kya oxytocin se badh-sakta hai pyar love hormone science hindi
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( Image Source:  Create By AI )
रूपाली राय
By: रूपाली राय4 Mins Read

Updated on: 20 Feb 2026 6:20 AM IST

एक कवि ने बहुत खूब लिखा है- वक़्त के साथ अपना रिश्ता भी हो रहा है गाढ़ा, चलो सिखाते हैं बनाना तुम्हें हम इश्क़-ए-काढ़ा. दोस्तों, क्या आपने कभी सोचा है कि कोई प्यार का काढ़ा पीकर कोई भी इंसान आपके प्यार में पड़ सकता है? पुरानी कहानियों, फिल्मों और लोककथाओं में तो ऐसे 'इश्क़ की दवा' या 'लव पोटियन' की बातें बहुत सुनाई देती हैं. जैसे कोई जड़ी-बूटी, जादू का ताबीज या कोई खास रसायन जो दिल को काबू में कर ले.

लेकिन क्या ये सब सिर्फ कहानियां हैं, या विज्ञान में भी कुछ ऐसा है? DW हिंदी ने हाल ही में एक बहुत ही मजेदार और जानकारी से भरा 1 मिनट का एनिमेटेड वीडियो शेयर किया है. इस छोटे से वीडियो में वो पुराने-पुराने मिथकों का मजेदार तरीके से खंडन करता है. वो बताता है कि असल में प्यार कोई जादुई दवा नहीं है, बल्कि हमारे दिमाग में कुछ खास केमिकल्स काम करते हैं और इनमें सबसे बड़ा नाम है ऑक्सीटोसिन जिसे लोग अक्सर 'लव हॉर्मोन' या 'प्यार का हार्मोन' कहते हैं.

क्या प्रेम जगाने वाला काढ़ा वाकई में हो सकता है?

DW के मुताबिक, जैसे आपने कुछ सूंगा हो मतलब ऐसा कुछ जिसमें ओक्सिटोसिन होर्मोन हो. जब आप प्यार में होते हैं तो ओक्सिटोसिन ही आपको जड़ाव महसूस कराता है तो क्या हम इसका इस्तेमाल करके प्यार को थोड़ा और गहरा नहीं बना सकते? एक स्टडी में एक ही साथी के साथ रहने वाले हेट्रोसेक्सुअल पुरुषों को एक को ओक्सिटोसिन दिया गया और एक को बिना असर वाला पदार्थ और उनकी मुलाकात एक आकर्षण वाली महिला रिसर्चर से कराई गई. जिन पुरुषों को ओक्सिटोसिन मिला उन्होंने उससे ज्यादा दूरी बनाए रखी. लेकिन सिंगल पुरुषों पर किए गए स्टडी में ऐसा नहीं हुआ.

क्या कहती है दूसरी स्टडी?

दूसरी स्टडी से पता चलता है कि ओक्सिटोसिन जलन कम कर सकता है और आपकी साथी को आपके लिए और भी अट्रैक्टिव बना सकता है. तो क्या ओक्सिटोसिन आपकी लव लाइफ को बदल सकता है? बात इतनी सरल नहीं है. ओक्सिटोसिन सिफ प्रेम का होर्मोन नहीं है इसके कई अलग-अलग काम होते है और प्रेम में कई दूसरे होर्मोन भी शामिल होते हैं. जैसे सेरोटोनिन, डोपामीन और वैसुप्रेसिन लेकिन अगर कोई पेय आपके रिश्ते को बहतर बना सके तो क्या आप उसका इस्तिमाल करेंगे?.

ऑक्सीटोसिन क्या है और ये कैसे काम करता है?

ऑक्सीटोसिन हमारे शरीर में खुद-ब-खुद बनने वाला एक हार्मोन (न्यूरोकेमिकल) है. ये तब रिलीज होता है जब हम किसी से गले लगते हैं, किस करते हैं, बच्चे को दूध पिलाते हैं, या किसी भरोसेमंद इंसान के साथ अच्छा समय बिताते हैं. इसे 'बॉन्ड ऑफ हार्मोन' भी कहते हैं क्योंकि ये हमें दूसरों पर भरोसा करने, जुड़ाव महसूस करने और रिश्ते मजबूत बनाने में मदद करता है. लेकिन क्या ये कोई जादुई दवा है जो किसी को जबरदस्ती प्यार में डाल दे? नहीं. साइंस कहता है कि ऑक्सीटोसिन अकेला नहीं काम करता. प्यार में कई केमिकल्स मिलकर काम करते हैं:

  • डोपामाइन- ये वो केमिकल है जो अट्रैक्शन, एक्साइटमेंट और क्रश वाली फीलिंग देता है. जैसे नया प्यार होने पर दिल तेज़ धड़कना, नींद न आना.
  • वैसोप्रेसिन- ये खासतौर पर पुरुषों में काम करता है और लंबे समय तक एक साथ रहने, वफादारी और 'सिंगल-माइंडेड' रिश्ते बनाने में मदद करता है.

ऑक्सीटोसिन इन दोनों के साथ मिलकर रिश्ते को मजबूत बनाता है. लेकिन ये सब मिलकर भी कोई 'जबरदस्ती प्यार' नहीं करवा सकते.

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