कांग्रेस कर्नाटक में सबकुछ ठीक नहीं! 'हम सीनियर हैं, मंत्री बने', इस डिमांड को लेकर 30 विधायक पहुंचे दिल्ली, क्या मना पाएंगे राहुल?
कर्नाटक में कांग्रेस के अंदर असंतोष खुलकर सामने आता दिख रहा है. करीब 30 विधायक दिल्ली पहुंचकर पार्टी हाईकमान से मुलाकात करने वाले हैं. इन विधायकों की मुख्य मांग है कि राज्य मंत्रिमंडल का जल्द से जल्द फेरबदल किया जाए और वरिष्ठ नेताओं को मंत्री बनने का अवसर दिया जाए.
कर्नाटक की राजनीति एक बार फिर हलचल में है. कांग्रेस पार्टी के भीतर मंत्रिमंडल विस्तार और विभागों के बंटवारे को लेकर असंतोष और दबाव लगातार बढ़ता जा रहा है. इसी बीच राज्य के करीब 30 वरिष्ठ कांग्रेस विधायक सोमवार को दिल्ली के लिए रवाना हुए हैं. हां वे पार्टी हाईकमान से सीधे मुलाकात करेंगे. इस दौरे ने राज्य की सियासत में नई चर्चा और अटकलों को जन्म दे दिया है.
सूत्रों के अनुसार, इन विधायकों का मुख्य उद्देश्य कर्नाटक सरकार में लंबे समय से लंबित कैबिनेट फेरबदल को जल्द लागू कराना और खुद के लिए मंत्री पद सुनिश्चित करना है. यह पूरा घटनाक्रम मार्च में हुई एक अहम डिनर बैठक के बाद बनी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें भविष्य की राजनीतिक भूमिका और मंत्रिमंडल में हिस्सेदारी को लेकर सहमति बनी थी.
कर्नाटक कांग्रेस के 30 विधायक दिल्ली क्यों जा रहे हैं?
कर्नाटक कांग्रेस के लगभग 30 विधायक दिल्ली पहुंचकर पार्टी नेतृत्व से मुलाकात करने वाले हैं. उनका साफ कहना है कि वे राज्य सरकार में कैबिनेट विस्तार और नए मंत्रियों की नियुक्ति को लेकर अपनी बात रखेंगे. विधायकों का मानना है कि सरकार बनने के बाद से अब तक कई बार संगठनात्मक संतुलन की बात हुई, लेकिन जमीनी स्तर पर इसका पूरा पालन नहीं हो सका.
क्या कैबिनेट फेरबदल को लेकर बढ़ रहा है दबाव?
कांग्रेस विधायक बेलूर गोपालकृष्णा ने इस मांग को सामूहिक बताते हुए कहा कि ऐसे नेता भी हैं जिन्हें तीन, चार और यहां तक कि पांच-पांच बार मौके दिए जा चुके हैं. हम यह अनुरोध करने जा रहे हैं कि जिन नेताओं को अभी तक अवसर नहीं मिला है, उन्हें भी मौका दिया जाए.' उनका कहना है कि पार्टी में लंबे समय से कुछ नेताओं को बार-बार जिम्मेदारी मिल रही है, जबकि कई वरिष्ठ विधायक अब भी मंत्री पद से वंचित हैं.
क्या यह सिर्फ संगठनात्मक संतुलन की मांग है?
कांग्रेस विधायक अशोक पटन ने साफ किया कि यह किसी तरह का विवाद नहीं बल्कि संगठनात्मक संतुलन का मुद्दा है. उन्होंने कहा कि 'हमारी सिर्फ एक ही मांग है. हम अनुरोध कर रहे हैं कि जल्द से जल्द कैबिनेट में फेरबदल किया जाए और हम जैसे वरिष्ठ सदस्यों को भी अवसर दिया जाए.' उन्होंने यह भी बताया कि पहले पार्टी नेतृत्व की ओर से संकेत दिया गया था कि ढाई साल बाद मंत्रिमंडल में बदलाव होगा, लेकिन अब लगभग तीन साल बीत चुके हैं.
राहुल गांधी से लेकर खड़गे तक- किनसे होगी मुलाकात?
दिल्ली पहुंचकर विधायक प्रतिनिधिमंडल कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व से मुलाकात करेगा. इसमें मल्लिकार्जुन खड़गे, राहुल गांधी, केसी वेणुगोपाल और रणदीप सुरजेवाला जैसे वरिष्ठ नेताओं से मिलने की योजना है. हालांकि यह मुलाकात उनकी उपलब्धता पर निर्भर करेगी.
क्या यह राजनीतिक दबाव की रणनीति है?
विधायकों का दावा है कि उनकी मांग पूरी तरह पार्टी हित और संगठनात्मक व्यवस्था के तहत है. उनका कहना है कि कैबिनेट फेरबदल लंबे समय से लंबित है और अब इसे जल्द लागू किया जाना चाहिए ताकि सरकार में सभी वर्गों और नेताओं को उचित प्रतिनिधित्व मिल सके. दिल्ली दौरे को कर्नाटक कांग्रेस की आंतरिक राजनीति में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, जिससे आने वाले दिनों में बड़े राजनीतिक फैसलों की संभावना और भी बढ़ गई है.




