BMC का धुरंधर कौन? ठाकरे ब्रदर्स बनाम BJP-शिंदे, इन चार एग्जिट पोल में भाजपा का दबदबा!
मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव, अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है. वोटिंग पूरी होते ही आए एग्जिट पोल ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. लगभग सभी बड़े सर्वे संकेत दे रहे हैं कि इस बार बीएमसी की सत्ता पर बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना वाली महायुति भारी बढ़त बनाती दिख रही है.
महाराष्ट्र की सियासत का सबसे बड़ा रण, मुंबई महानगरपालिका (BMC) चुनाव, अब अपने निर्णायक मोड़ पर पहुंच चुका है. वोटिंग पूरी होते ही आए एग्जिट पोल ने राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है. लगभग सभी बड़े सर्वे संकेत दे रहे हैं कि इस बार बीएमसी की सत्ता पर बीजेपी और एकनाथ शिंदे की शिवसेना वाली महायुति भारी बढ़त बनाती दिख रही है. हालांकि ये एग्जिट पोल है इसका रिजल्ट 16 जनवरी को आएगा.
करीब सात साल बाद हुए इस हाई-वोल्टेज चुनाव में बदले गठबंधन, टूटी-पुनी पुरानी राजनीतिक धुरी और ‘मराठी मानूस’ बनाम विकास की जंग ने मुकाबले को बेहद दिलचस्प बना दिया. लेकिन एग्जिट पोल के आंकड़े बता रहे हैं कि उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का 20 साल बाद हुआ राजनीतिक मिलन भी वोटरों को खासा प्रभावित नहीं कर पाया.
एग्जिट पोल में महायुति की बड़ी बढ़त
ज्यादातर एग्जिट पोल्स के मुताबिक, बीजेपी-शिवसेना (एकनाथ शिंदे) गठबंधन यानी महायुति 227 सदस्यीय बीएमसी में स्पष्ट बहुमत हासिल कर सकती है.
- Axis My India ने महायुति को 131 से 151 सीटें मिलने का अनुमान जताया है.
- JVC Exit Poll के अनुसार महायुति को 138 सीटें मिल सकती हैं.
- Sakal Poll ने बीजेपी-शिवसेना गठबंधन को 119 सीटें मिलने की संभावना जताई है.
- DV Research ने महायुति को 107 से 122 सीटें मिलने का अनुमान दिया है.
इन आंकड़ों से साफ है कि एशिया की सबसे अमीर नगर निकाय में सत्ता परिवर्तन लगभग तय माना जा रहा है.
ठाकरे बंधुओं का दांव पड़ा फीका?
उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे की 20 साल बाद हुई राजनीतिक एकजुटता को चुनाव से पहले बड़ा मास्टरस्ट्रोक माना जा रहा था. लेकिन एग्जिट पोल्स ने इस उम्मीद पर पानी फेर दिया.
- Axis My India ने शिवसेना (UBT)+ गठबंधन को 58-68 सीटें दी हैं.
- JVC के अनुसार यह आंकड़ा 59 सीटों पर सिमट सकता है.
चुनाव प्रचार में मराठी अस्मिता और ‘बालासाहेब ठाकरे की विरासत’ को केंद्र में रखा गया, लेकिन लगता है कि यह रणनीति मुंबई के मतदाताओं को उतनी नहीं भा सकी.
कांग्रेस और अन्य दलों की स्थिति
एग्जिट पोल्स के मुताबिक कांग्रेस इस बार भी सीमित दायरे में ही सिमटती दिख रही है.
- JVC ने कांग्रेस को 23 सीटें मिलने का अनुमान दिया है.
- Axis My India के अनुसार कांग्रेस+ को 12-16 सीटें मिल सकती हैं.
- अन्य दलों के खाते में 6 से 12 सीटें जा सकती हैं.
अजित पवार की एनसीपी इस चुनाव में अलग लड़ी, लेकिन उसका प्रभाव सीमित ही नजर आ रहा है.
वोट शेयर में भी बीजेपी आगे
वोट शेयर के आंकड़े भी महायुति की मजबूती दिखा रहे हैं. DV Research के मुताबिक महायुति को करीब 41% वोट मिल सकते हैं. ठाकरे बंधुओं के गठबंधन को 33% वोट मिलने की संभावना है. कांग्रेस और VBA को मिलाकर करीब 13% वोट. Axis My India के अनुसार, युवा वोटर्स और महिलाएं बड़ी संख्या में बीजेपी के पक्ष में नजर आईं.
2017 के मुकाबले बदला समीकरण
2017 के बीएमसी चुनाव में अविभाजित शिवसेना 84 सीटों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि बीजेपी को 82 सीटें मिली थीं. उस समय शिवसेना का वोट शेयर 28.29% और बीजेपी का 27.32% था. लेकिन इस बार एग्जिट पोल्स बता रहे हैं कि एकनाथ शिंदे गुट के उभार ने ठाकरे परिवार की पारंपरिक पकड़ को कमजोर कर दिया है.
मतदान, उम्मीदवार और आगे का शेड्यूल
बीएमसी की 227 सीटों के लिए मतदान सुबह 7:30 बजे शुरू होकर शाम 5:30 बजे तक चला. जिसमें कुल 1,729 उम्मीदवार मैदान में थे. मुंबई में 1.03 करोड़ से ज्यादा मतदाता हैं. वोटों की गिनती शुक्रवार, 16 जनवरी सुबह 10 बजे से होगी और नतीजे उसी दिन आने की उम्मीद है. एग्जिट पोल पर प्रतिक्रिया देते हुए बीजेपी प्रवक्ता सैयद जफर इस्लाम ने कहा कि ठाकरे परिवार का मराठी समाज से वह जुड़ाव अब नहीं रहा, जो कभी हुआ करता था. एग्जिट पोल के आंकड़े भी इसी ओर इशारा कर रहे हैं.





