कौन हैं शुभेंदु अधिकारी के 'साथी' सुब्रत गुप्ता? SIR में उड़ाई थी ममता की नींद, अब मिली ये जिम्मेदारी
1990 बैच के रिटायर्ड IAS अधिकारी सुब्रत गुप्ता को पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री Suvendu Adhikari का सलाहकार बनाया गया है. विधानसभा चुनाव से पहले वे चुनाव आयोग के SIR अभियान में स्पेशल रोल ऑब्जर्वर थे.
कोलकाता की सत्ता बदल चुकी है. 15 साल तक बंगाल की राजनीति पर राज करने वाली तृणमूल कांग्रेस विपक्ष में जा चुकी थी और पहली बार BJP ने राज्य की कमान संभाल ली थी और शुभेंदु अधिकारी सीएम बनते ही एक ऐसा फैसला लिया जो कि बंगाल की राजनीति में और भी हलचल मच गई. दरअसल आपको बता दे कि बंगाल चुनाव के दौरान जो सबसे ज्यादा चर्चा में रहा नाम सुब्रता गुप्ता शुभेंदु अधिकारी ने इन्हें मुख्यमंत्री कार्यालय में सबसे अहम भूमिका दे दी.
कौन हैं सुब्रत गुप्ता, जिन्हें CM का सलाहकार बनाया गया?
रिटायर्ड IAS अधिकारी Subrata Gupta अब पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के सलाहकार होंगे. 1990 बैच के इस अफसर को चुनाव आयोग ने विधानसभा चुनाव से पहले स्पेशल रोल ऑब्जर्वर बनाया था. वही SIR प्रक्रिया… जिसका ममता बनर्जी लगातार विरोध कर रही थीं. चुनाव के दौरान बंगाल हिंसा, बूथ कब्जाने और प्रशासनिक पक्षपात के आरोपों से लगातार घिरा रहा. ऐसे माहौल में सुब्रत गुप्ता को संवेदनशील इलाकों की निगरानी, प्रशासनिक समन्वय और सुरक्षा व्यवस्था की बड़ी जिम्मेदारी दी गई थी. कहा जाता है कि कई जिलों में उन्होंने सीधे अधिकारियों से रिपोर्ट ली, सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और चुनाव आयोग को लगातार फीडबैक भेजा. BJP नेताओं ने उस समय उनके काम की खुलकर तारीफ भी की थी.
आखिर यह नियुक्ति इतनी बड़ी क्यों मानी जा रही है?
राजनीतिक एक्सपर्ट का मानना है कि यह सिर्फ एक प्रशासनिक नियुक्ति नहीं, बल्कि नई सरकार का पहला बड़ा संदेश है. संदेश साफ है कि अब बंगाल का शासन राजनीतिक नहीं, सिस्टम आधारित मॉडल पर चलेगा.' सूत्रों के मुताबिक, सुब्रत गुप्ता सरकार को कई अहम मुद्दों पर सलाह देंगे. प्रशासनिक सुधार, चुनावी वादों का क्रियान्वयन, नौकरशाही में समन्वय, संवेदनशील इलाकों में कानून-व्यवस्था. नई सरकार चाहती है कि मुख्यमंत्री कार्यालय सीधे प्रशासनिक नियंत्रण का केंद्र बने और फैसलों की निगरानी मजबूत तरीके से हो.
ममता बनर्जी क्यों थीं नाराज?
चुनाव के दौरान जिस SIR प्रक्रिया को लेकर विवाद हुआ था, उसी से सुब्रत गुप्ता का नाम सबसे ज्यादा जुड़ा रहा. ममता ने कई बार आरोप लगाया था कि चुनाव आयोग की कार्रवाई राज्य सरकार को कमजोर करने के लिए की जा रही है. TMC नेताओं ने SIR प्रक्रिया पर सवाल उठाए थे और इसे 'राजनीतिक हस्तक्षेप' तक बताया था. अब वही अधिकारी मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के सबसे करीबी प्रशासनिक सलाहकार बन गए हैं. इसलिए इस नियुक्ति को सिर्फ प्रशासनिक नहीं, बल्कि राजनीतिक संकेत के तौर पर भी देखा जा रहा है.
मुख्यमंत्री कार्यालय में दूसरा बड़ा बदलाव
नई सरकार ने सिर्फ सलाहकार ही नहीं बदला, बल्कि मुख्यमंत्री कार्यालय की पूरी टीम को नए सिरे से तैयार करना शुरू कर दिया है. 2017 बैच के IAS अधिकारी Shantanu Bala को मुख्यमंत्री का निजी सचिव नियुक्त किया गया है. शंतनु बाला इससे पहले दक्षिण 24 परगना में अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट (ADM) के पद पर तैनात थे. सरकार ने आदेश में कहा कि यह नियुक्ति “लोकहित” में की गई है. अधिकारियों के मुताबिक, आने वाले दिनों में बंगाल के प्रशासनिक ढांचे में और भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं.
बंगाल में BJP सरकार का पहला बड़ा संदेश
2026 विधानसभा चुनाव में BJP ने 207 सीटें जीतकर इतिहास रच दिया. इसके साथ ही राज्य में पहली बार BJP की सरकार बनी और तृणमूल कांग्रेस का 15 साल पुराना शासन खत्म हो गया. शुभेंदु अधिकारी ने शपथ लेते ही जिस तरह प्रशासनिक फेरबदल शुरू किया है, उससे साफ संकेत मिल रहा है कि नई सरकार कानून-व्यवस्था, प्रशासनिक अनुशासन और सख्त मॉनिटरिंग को अपनी प्राथमिकता बनाने जा रही है. शपथ ग्रहण समारोह में पीएम मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और BJP अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई बड़े नेता मौजूद रहे.




