कौन हैं वो मुस्लिम विधायक Sofia Firdous, जिनका वोट गया BJP को, कांग्रेस से नाराजगी की ये है वजह
Sofia Firdous: राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस विधायक सोफिया फिरदौस की क्रॉस वोटिंग से सियासी समीकरण बदले. आइए जानते हैं उनके बारे में और साथ ही ये भी जानते हैं कि उनकी कांगेस से नराजगी की वजह क्या है जिसके कारण उन्होंने भाजपा को सपोर्ट कर दिया है.
राज्यसभा चुनाव में इस बार नतीजे जितने दिलचस्प रहे, उतने ही चौंकाने वाले भी. सत्ताधारी बीजेपी ने जहां चार में से दो सीटें जीतकर अपनी ताकत दिखाई, वहीं बीजेडी और बीजेपी समर्थित एक निर्दलीय उम्मीदवार ने भी एक-एक सीट अपने नाम की. लेकिन असली चर्चा का केंद्र बनीं कांग्रेस की युवा विधायक Sofia Firdous, जिनकी एक चाल ने पूरे राजनीतिक समीकरण को हिला दिया और सोशल मीडिया पर उनकी खूब चर्चा हो रही है.
इस चुनाव में क्रॉस-वोटिंग ने बड़ा रोल निभाया, लेकिन कांग्रेस के लिए सबसे बड़ा झटका तब लगा जब पार्टी की ही उभरती अल्पसंख्यक चेहरा सोफिया फिरदौस ने अप्रत्याशित कदम उठाया. कांग्रेस नेतृत्व तक इस फैसले से हैरान रह गया. वहीं सोशल मीडिया में आगे दावा किया है कि क्रॉस वोटिंग करने के बाद उन्होंने राहुल गांधी और खड़गे की (X) पर पोस्ट को रिट्वीट किया है जिसके बाद सोशल मीडिया यूजर्स उसे भी शेयर कर रहे है.
ओडिशा राज्यसभा चुनाव में किसे कितनी सीटें मिलीं?
राज्यसभा चुनाव में बीजेपी के ओडिशा प्रदेश अध्यक्ष मनमोहन सामल और सांसद सुजीत कुमार को 35-35 वोट मिले और दोनों ने जीत दर्ज की. बीजेडी के उम्मीदवार संत्रुत मिश्रा को 31 वोट मिले और उन्होंने भी अपनी सीट सुरक्षित कर ली. वहीं, बीजेपी समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार और पूर्व केंद्रीय मंत्री दिलीप रे ने दूसरे वरीयता के वोटों के आधार पर चौथी सीट जीत ली. उन्होंने विपक्ष समर्थित उम्मीदवार दत्तेश्वर होता को हराया.
क्या कांग्रेस में हुई क्रॉस-वोटिंग ने बदला नतीजा?
तीन विधायकों ने किया क्रॉस वोट, लेकिन सबसे बड़ा झटका सोफिया से. इस चुनाव में कांग्रेस के तीन विधायकों ने क्रॉस-वोटिंग की, लेकिन सबसे बड़ा झटका तब लगा जब सोफिया फिरदौस ने पार्टी लाइन से हटकर वोट किया. कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष भक्त चरण दास ने भी स्वीकार किया कि सोफिया के इस फैसले ने पूरी पार्टी को चौंका दिया. किसी को उम्मीद नहीं थी कि पार्टी का युवा चेहरा इस तरह से बाजी पलट देगा.
कौन हैं सोफिया फिरदौस?
ओडिशा की पहली मुस्लिम महिला विधायक, जो 35 साल सोफिया फिरदौस एक राजनीतिक परिवार से आती हैं. वह कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मोहम्मद मोकिम की बेटी हैं. 2024 के ओडिशा विधानसभा चुनाव में पार्टी ने उन्हें उनके पिता की जगह उम्मीदवार बनाया और उन्होंने जीत दर्ज की. वह बाराबती-कटक सीट से विधायक बनीं और ओडिशा की पहली मुस्लिम महिला विधायक के रूप में पहचान बनाई. उन्होंने बीजेपी उम्मीदवार और प्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. पूर्ण चंद्र महापात्र को 8,001 वोटों से हराया.
Sofia Firdous की शिक्षा के बारे में...
इंजीनियरिंग से मैनेजमेंट तक मजबूत शैक्षणिक बैकग्राउंड, सोफिया फिरदौस ने कलिंग इंस्टीट्यूट ऑफ इंडस्ट्रियल टेक्नोलॉजी से सिविल इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल की है. इसके अलावा, उन्होंने 2022 में इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ मैनेजमेंट, बेंगलुरु (IIMB) से एग्जीक्यूटिव जनरल मैनेजमेंट प्रोग्राम भी पूरा किया है.
सोफिया फिरदौस की निजी जिंदगी और करियर क्या कहता है?
सोफिया फिरदौस 2023 में CREDAI (रियल एस्टेट डेवलपर्स एसोसिएशन) के भुवनेश्वर चैप्टर की अध्यक्ष चुनी गई थीं. वह CREDAI के विमेंस विंग की ईस्ट जोन कोऑर्डिनेटर भी हैं. इसके अलावा, CII-इंडियन ग्रीन बिल्डिंग काउंसिल (IGBC) के भुवनेश्वर चैप्टर की को-चेयर और INWEC इंडिया की कोर मेंबर भी हैं. उनकी शादी उद्यमी शेख मेराज उल हक से हुई है.
ओडिशा की पहली महिला मुख्यमंत्री को मानती हैं आदर्श, सोफिया फिरदौस ओडिशा की पहली महिला मुख्यमंत्री नंदिनी सत्पथी को अपना आदर्श मानती हैं. दिलचस्प बात यह है कि नंदिनी सत्पथी ने भी 1972 में उसी बाराबती-कटक सीट का प्रतिनिधित्व किया था.
24 साल पुराना बीजेडी शासन खत्म, बीजेपी की सरकार
2024 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी ने 147 में से 78 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया और 24 साल पुरानी नवीन पटनायक की सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया. यह जीत ओडिशा की राजनीति में एक बड़े बदलाव का संकेत मानी जा रही है.




