Begin typing your search...

मुंबई को मिली पहली महिला BMC कमिश्नर, कौन हैं Ashwini Bhide?

अश्विनी भिड़े बनीं मुंबई की पहली महिला BMC कमिश्नर, 160 साल का इतिहास टूटा. अब उनके सामने इंफ्रास्ट्रक्चर, बजट और राजनीतिक संतुलन की बड़ी चुनौती.

मुंबई को मिली पहली महिला BMC कमिश्नर, कौन हैं Ashwini Bhide?
X
( Image Source:  @MBureaucrats-X )
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी4 Mins Read

Updated on: 31 March 2026 11:51 PM IST

मुंबई की सियासत और प्रशासनिक गलियारों में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है. राज्य सरकार ने मंगलवार को वरिष्ठ IAS अधिकारी अश्विनी भिड़े को मुंबई नगर निगम (BMC) का नया नगर आयुक्त नियुक्त कर दिया. खास बात यह है कि BMC के 160 साल से ज्यादा लंबे इतिहास में पहली बार किसी महिला को इस पद की जिम्मेदारी सौंपी गई है.

1995 बैच की IAS अधिकारी अश्विनी भिड़े 2030 में रिटायर होंगी, ऐसे में उन्हें पूरे तीन साल का कार्यकाल मिलने की संभावना है. उनकी नियुक्ति को सिर्फ प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि मुंबई के शहरी विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए एक बड़ा संकेत माना जा रहा है.

कौन हैं अश्विनी भिड़े और क्यों हैं चर्चा में?

अश्विनी भिड़े एक सख्त और परिणाम देने वाली अधिकारी के रूप में जानी जाती हैं. उन्हें “मुंबई की मेट्रो वुमन” कहा जाता है, क्योंकि उन्होंने मेट्रो लाइन-3 जैसे बड़े प्रोजेक्ट को लीड किया है. इसके अलावा, एडिशनल म्यूनिसिपल कमिश्नर रहते हुए उन्होंने मुंबई कोस्टल रोड प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई थी.

क्या है BMC कमिश्नर की जिम्मेदारी और कितना बड़ा है बजट?

मुंबई नगर निगम देश का सबसे अमीर नगर निगम माना जाता है, जिसका बजट 80,000 करोड़ रुपये से ज्यादा है. ऐसे में भिड़े के सामने सबसे बड़ी जिम्मेदारी इस विशाल बजट का सही प्रबंधन और शहर की बुनियादी समस्याओं का समाधान करना होगा.

अश्विनी भिड़े के सामने सबसे बड़ी चुनौतियां क्या होंगी?

भिड़े को अपनी नई भूमिका में कई बड़ी चुनौतियों से जूझना होगा-

  • मानसून से पहले इंफ्रास्ट्रक्चर की तैयारी
  • पुराने नागरिक मुद्दों का समाधान
  • बड़े प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करना
  • कैपिटल एक्सपेंडिचर (करीब 60%) का संतुलन

क्या राजनीतिक संतुलन भी बड़ी चुनौती बनेगा?

BMC में इस समय भाजपा और एकनाथ शिंदे की शिवसेना सत्ता में है, जबकि विपक्ष में उद्धव ठाकरे गुट की मजबूत मौजूदगी है. ऐसे में भिड़े को सिर्फ प्रशासन ही नहीं, बल्कि राजनीतिक संतुलन भी साधना होगा ताकि योजनाएं बिना रुकावट आगे बढ़ सकें.

नियुक्ति को लेकर सियासी हलचल क्यों बढ़ी?

सोमवार रात डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और सीएम देवेंद्र फडणवीस की मुलाकात के बाद से ही कयास लगाए जा रहे थे कि बड़े प्रशासनिक फेरबदल होने वाले हैं. बताया जा रहा है कि दोनों नेताओं की पसंद अलग-अलग थी, लेकिन आखिरकार मुख्यमंत्री की पसंद पर मुहर लगी.

किसे रिप्लेस कर बनीं BMC चीफ?

अश्विनी भिड़े ने भुषण गगरानी की जगह ली है, जो मंगलवार को रिटायर हो गए. इससे पहले गगरानी को मार्च 2024 में चुनाव आयोग के निर्देश पर नियुक्त किया गया था. सूत्रों के मुताबिक, इस पद के लिए संजय मुखर्जी, असीम गुप्ता और मिलिंद म्हैस्कर जैसे वरिष्ठ IAS अधिकारियों के नाम भी चर्चा में थे, लेकिन बाजी भिड़े के हाथ लगी.

क्या यह महिला नेतृत्व की नई शुरुआत है?

महाराष्ट्र में हाल के वर्षों में महिला अधिकारियों को अहम पद दिए गए हैं. इससे पहले रश्मि शुक्ला को राज्य की पहली महिला DGP और सुजाता सौनिक को पहली महिला मुख्य सचिव बनाया गया था. अब भिड़े की नियुक्ति इसी कड़ी को आगे बढ़ाती है.

अगला लेख