Begin typing your search...

Arun Yadav कौन, जिन्हें BJP की सोशल मीडिया टीम में मिली जगह, हरियाणा बीजेपी ने क्यों पद से हटाया था, वायरल हुए पुराने ट्वीट तो प्राइवेट किया अकाउंट

भाजपा की नई सोशल मीडिया टीम में अरुण यादव को भी जगह मिली है, अरुण पहले हरियाणा भाजपा की सोशल मीडिया टीम के हेड भी रह चुके हैं लेकिन विवादों के चलते उनको हटा दिया गया था.

Arun Yadav BJP Social Media Team
X

Arun Yadav BJP Social Media Team

( Image Source:  X/ @SPhangnon )

भारतीय जनता पार्टी की सोशल मीडिया टीम के ऐलान के साथ ही अरुण यादव एक बार फिर चर्चा में आ गए हैं. भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन की ओर से अमित मालवीय की जगह दीपक म्हास्के को नया सोशल मीडिया संयोजक बनाए जाने और अरुण यादव समेत अन्य नेताओं को सह-संयोजक की जिम्मेदारी दिए जाने के बाद सोशल मीडिया पर अरुण यादव के पुराने विवादित पोस्ट फिर से साझा किए जाने लगे हैं. नई जिम्मेदारी मिलते ही अरुण यादव का अकाउंट लॉक दिखने लगा. जिसको लेकर काफी सवाल भी उठ रहे हैं.

बता दें. अरुण इससे पहले हरियाणा भाजपा के आईटी और सोशल मीडिया संगठन से जुड़े अहम पदों पर काम कर चुके हैं. लेकिन बाद में उनको हरियाणा बीजेपी ने इस जिम्मेदारी से हटा दिया था, क्योंकि उनके विवादित ट्वीट को लेकर काफी बवाल देखने को मिला था. वहीं आज एकबार फिर से अरुण वही ट्वीट सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसको लेकर विपक्ष भी भाजपा की नई सोशल मीडिया टीम पर सवाल उठा रहा है.

BJP हरियाणा ने क्यों हटाया था?

अरुण यादव से जुड़ा विवाद नया नहीं है. साल 2022 में उनके साल 2017 के कुछ पुराने ट्वीट सोशल मीडिया पर दोबारा वायरल हुए थे. इन पोस्ट को लेकर उन पर इस्लाम और पैगंबर मुहम्मद के संबंध में आपत्तिजनक और विवादित टिप्पणी करने के आरोप लगाए गए थे. उस समय सोशल मीडिया पर उनके पुराने ट्वीट बड़े पैमाने पर शेयर किए गए. इसी दौरान ऑल्ट न्यूज़ के सह-संस्थापक मोहम्मद जुबैर की एक पुराने ट्वीट से जुड़े मामले में गिरफ्तारी भी हुई थी.

विवाद बढ़ने के बाद जुलाई 2022 में हरियाणा भाजपा के तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष ओपी धनखड़ ने अरुण यादव को पार्टी के आईटी सेल प्रमुख के पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया था. हालांकि, उस समय पार्टी की ओर से उन्हें पद से हटाए जाने का कोई आधिकारिक कारण सार्वजनिक नहीं किया गया था.

कौन हैं अरुण यादव?

अरुण यादव हरियाणा के गुरुग्राम के रहने वाले हैं. उन्होंने साल 2009 में MBA के साथ LLB की पढ़ाई पूरी की. राजनीति में सक्रिय होने से पहले उन्होंने कॉरपोरेट क्षेत्र में काम किया. उन्होंने Mercer Consulting और Aon Hewitt जैसी कंपनियों में अहम जिम्मेदारियां निभाईं. इसके बाद अक्टूबर 2018 में वह भारतीय जनता पार्टी से जुड़े. भाजपा में आने के बाद अरुण यादव ने डिजिटल कैंपेनिंग में सक्रिय भूमिका निभाई.

साल 2019 के जींद उपचुनाव के दौरान डिजिटल अभियान संभालने के बाद उन्हें पार्टी के सोशल मीडिया और आईटी संगठन में पहचान मिली. इसके बाद उन्हें हरियाणा भाजपा की आईटी सेल की जिम्मेदारी दी गई. जनवरी 2024 में उन्हें हरियाणा भाजपा का सोशल मीडिया प्रमुख बनाया गया था.

नई टीम के सामने क्या बनी चुनौती?

भाजपा की नई सोशल मीडिया टीम ऐसे समय में बनाई गई है, जब राजनीतिक दलों के डिजिटल अभियानों में व्यक्तिगत सोशल मीडिया गतिविधियों की भूमिका लगातार बढ़ी है. राष्ट्रीय स्तर पर सोशल मीडिया की जिम्मेदारी संभालने वाले नेताओं के पुराने पोस्ट भी सार्वजनिक चर्चा का विषय बन सकते हैं. अरुण यादव के मामले में नई नियुक्ति के साथ पुराने ट्वीट्स का दोबारा सामने आना इसी चुनौती की ओर इशारा करता है.

अगला लेख