बच्चों के WhatsApp पर पैरेंट्स की नजर! लेकिन क्या सुरक्षित रहेगी प्राइवेसी? जानिए नया फीचर कितना कारगर
WhatsApp बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा के लिए नया ‘Primary Control’ फीचर टेस्ट कर रहा है. इस फीचर से पैरेंट्स को कंट्रोल मिलेगा, लेकिन चैट की प्राइवेसी पूरी तरह सुरक्षित रहेगी.
आज के डिजिटल दौर में बच्चों के हाथ में मोबाइल होना आम बात हो गई है. पढ़ाई से लेकर मनोरंजन तक, हर जरूरत के लिए बच्चे स्मार्टफोन और इंटरनेट पर निर्भर हैं. लेकिन इसी के साथ ऑनलाइन खतरों की आशंका भी तेजी से बढ़ी है.
माता-पिता की सबसे बड़ी चिंता यही रहती है कि कहीं कोई अनजान व्यक्ति उनके बच्चे को मैसेज न करे या बच्चा किसी खतरनाक लिंक पर क्लिक न कर दे. अब इसी चिंता को दूर करने के लिए WhatsApp एक नया सेफ्टी फीचर लाने की तैयारी कर रहा है.
WhatsApp का नया ‘Primary Control’ फीचर क्या है?
WhatsApp जिस नए फीचर पर काम कर रहा है, उसे फिलहाल ‘प्राइमरी कंट्रोल’ (Primary Control) कहा जा रहा है. इस फीचर के तहत माता-पिता अपने WhatsApp अकाउंट को बच्चे के अकाउंट से डिजिटल रूप से लिंक कर सकेंगे. एक बार यह लिंक हो जाने के बाद, बच्चे के WhatsApp की प्राइवेसी और सेफ्टी सेटिंग्स माता-पिता के नियंत्रण में रहेंगी.
रिपोर्ट के मुताबिक, बच्चों के लिए बनाए जाने वाले ये सेकेंडरी अकाउंट कुछ खास सीमाओं के साथ आएंगे. इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बच्चे को सिर्फ उन्हीं लोगों से कॉल या मैसेज मिल पाएगा, जो उसकी कॉन्टैक्ट लिस्ट में पहले से मौजूद हैं. यानी कोई भी अनजान व्यक्ति बच्चे को कॉल या मैसेज कर परेशान नहीं कर सकेगा.
पैरेंट्स के लिए राहत या बच्चों पर डिजिटल निगरानी?
इस नए फीचर को लेकर सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि क्या इससे बच्चों की निजता प्रभावित होगी? WhatsApp ने इस मामले में साफ कर दिया है कि सुरक्षा और गोपनीयता के बीच संतुलन बनाए रखा जाएगा. माता-पिता को बच्चों की WhatsApp गतिविधि से जुड़ी कुछ रिपोर्ट्स और ओवरव्यू जरूर मिलेंगी, लेकिन वे बच्चों की निजी चैट या कॉल्स नहीं देख पाएंगे. WhatsApp की एंड-टू-एंड एन्क्रिप्शन तकनीक के चलते बच्चों के मैसेज पूरी तरह सुरक्षित रहेंगे. यानी यह फीचर बच्चों पर नजर रखने के लिए नहीं, बल्कि उन्हें ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए बनाया जा रहा है.
अभी टेस्टिंग फेज में क्यों है यह फीचर?
फिलहाल WhatsApp का यह नया सेफ्टी फीचर पूरी तरह लॉन्च नहीं हुआ है. कंपनी इसे अलग-अलग स्तर पर टेस्ट कर रही है ताकि जब यह आम यूज़र्स के लिए उपलब्ध हो, तो इसका इंटरफेस सरल, सुरक्षित और भरोसेमंद हो. WhatsApp की कोशिश है कि माता-पिता बिना किसी तकनीकी परेशानी के अपने बच्चों के लिए सही सेफ्टी सेटिंग्स चुन सकें.
माता-पिता को मिलेगी बड़ी राहत
कुल मिलाकर, WhatsApp का यह कदम उन माता-पिता के लिए बड़ी राहत साबित हो सकता है, जो अपने बच्चों को डिजिटल आज़ादी तो देना चाहते हैं, लेकिन उनकी सुरक्षा से कोई समझौता नहीं करना चाहते. इस फीचर के आने के बाद माता-पिता यह तय कर सकेंगे कि उनके बच्चे का डिजिटल अनुभव कितना सुरक्षित और नियंत्रित रहेगा.
WhatsApp का यह नया कदम साफ संकेत देता है कि आने वाले समय में सोशल मीडिया और मैसेजिंग प्लेटफॉर्म बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा को प्राथमिकता देने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ने वाले हैं.





