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वंदे मातरम् पर आने वाला है बड़ा फैसला? केंद्र सरकार राष्ट्रीय गीत के लिए प्रोटोकॉल बनाने पर कर रही तैयारी

केंद्र सरकार राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम्’ के सम्मान, गायन और पाठ को लेकर औपचारिक नियम बनाने पर गंभीरता से विचार कर रही है. गृह मंत्रालय की अगुवाई में हुई बैठक ने इसे एक बार फिर राजनीति और कानून के केंद्र में ला दिया है.

वंदे मातरम् पर आने वाला है बड़ा फैसला? केंद्र सरकार राष्ट्रीय गीत के लिए प्रोटोकॉल बनाने पर कर रही तैयारी
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( Image Source:  ANI )
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी

Updated on: 24 Jan 2026 8:05 AM IST

राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' के सम्मान, गायन और पाठ को लेकर केंद्र सरकार के शीर्ष स्तर पर गंभीर मंथन शुरू हो गया है. इंडियन एक्सप्रेस में छपी रिपोर्ट के मुताबिक, इस महीने की शुरुआत में हुई एक उच्चस्तरीय सरकारी बैठक में इस बात पर चर्चा की गई कि क्या वंदे मातरम् के लिए भी राष्ट्रीय गान ‘जन गण मन’ की तरह कोई औपचारिक प्रोटोकॉल, शिष्टाचार या नियम बनाए जाने चाहिए. सूत्रों के मुताबिक, यह बैठक गृह मंत्रालय (MHA) की अगुवाई में हुई, जिसमें अन्य मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी भी शामिल थे.

बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम् स्वदेशी आंदोलन (1905-08) के दौरान स्वतंत्रता संग्राम का प्रमुख नारा बना. संविधान सभा ने इसे राष्ट्रीय गान के समान “सम्मान और आदर” दिया, लेकिन आज तक इसके गायन या पाठ को लेकर कोई अनिवार्य नियम, मुद्रा या कानूनी बाध्यता तय नहीं की गई है.

सरकार क्यों कर रही है प्रोटोकॉल पर विचार?

सरकार के भीतर चल रही यह चर्चा सत्तारूढ़ भाजपा के उस रुख से जुड़ी है, जिसमें पार्टी का कहना है कि कांग्रेस ने तुष्टिकरण की राजनीति के तहत वंदे मातरम् के महत्व को कम किया. भाजपा का आरोप है कि 1937 के कांग्रेस अधिवेशन में गीत के कुछ महत्वपूर्ण अंतरों को हटाया गया, जिससे इसकी मूल भावना कमजोर हुई. इसी पृष्ठभूमि में केंद्र सरकार ने वंदे मातरम् के सम्मान में एक साल तक चलने वाले कार्यक्रमों की शुरुआत की है. इसका पहला चरण नवंबर में पूरा हो चुका है, दूसरा चरण इसी महीने, तीसरा अगस्त 2026 और चौथा नवंबर 2026 में प्रस्तावित है.

बैठक में किन सवालों पर हुई चर्चा?

सूत्रों के अनुसार, गृह मंत्रालय द्वारा बुलाई गई बैठक में कई अहम बिंदुओं पर विचार हुआ, जैसे- किन परिस्थितियों में वंदे मातरम् गाया या पढ़ा जाए, क्या इसे राष्ट्रीय गान के साथ गाया जाना चाहिए, क्या इसके अपमान पर दंड का प्रावधान होना चाहिए, हालांकि, गृह मंत्रालय के प्रवक्ता ने इस बैठक को लेकर पूछे गए सवालों पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी.

कानूनी स्थिति क्या कहती है?

पिछले कुछ वर्षों में अदालतों में कई याचिकाएं दाखिल की गई हैं, जिनमें वंदे मातरम् के लिए एक स्पष्ट ढांचे और दंडात्मक प्रावधानों की मांग की गई है. वर्ष 2022 में केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट को बताया था कि राष्ट्रीय सम्मान अपमान निवारण अधिनियम, 1971 राष्ट्रीय गान के अपमान पर तो सजा का प्रावधान करता है, लेकिन राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के लिए ऐसा कोई प्रावधान नहीं है. सरकार ने यह भी स्पष्ट किया था कि अब तक वंदे मातरम् के गायन या वादन की परिस्थितियों को लेकर कोई आधिकारिक निर्देश जारी नहीं किए गए हैं.

राष्ट्रीय गान को क्यों मिलता है अलग दर्जा?

संविधान के अनुच्छेद 51A(a) के तहत नागरिकों का यह मौलिक कर्तव्य है कि वे राष्ट्रीय गान का सम्मान करें. इसके लिए गृह मंत्रालय ने विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं-

आधिकारिक कार्यक्रमों में पूरा राष्ट्रीय गान बजने पर खड़ा होना अनिवार्य

गान के विकृत या नाटकीय रूप पर प्रतिबंध

जानबूझकर गान में बाधा डालने पर तीन साल तक की जेल का प्रावधान

वंदे मातरम् को फिलहाल इस तरह की संवैधानिक या वैधानिक सुरक्षा प्राप्त नहीं है.

राजनीति के केंद्र में वंदे मातरम्

हाल के वर्षों में वंदे मातरम् राष्ट्रवाद और पहचान की राजनीति का अहम मुद्दा बन गया है. पिछले साल संसद के शीतकालीन सत्र में गृह मंत्री अमित शाह ने कांग्रेस पर आरोप लगाया था कि उसने वंदे मातरम् की गरिमा को दबाया और यही सोच आगे चलकर तुष्टिकरण की नीति में बदली, जिसने देश के विभाजन का रास्ता खोला.

यह विवाद गीत के छह में से चार अंतरों को हटाने से जुड़ा है. पहले दो अंतरों में मातृभूमि का गुणगान है, जबकि बाद के अंतरों में भारत को देवी स्वरूप में दर्शाया गया है, जिस पर संविधान सभा के कुछ सदस्यों ने आपत्ति जताई थी. कांग्रेस ने इन आरोपों को इतिहास से छेड़छाड़ करार दिया और पश्चिम बंगाल चुनावों के मद्देनजर राष्ट्रीय गीत पर बहस को राजनीतिक बताया.

आगे क्या?

सरकार के भीतर चल रही यह चर्चा संकेत देती है कि आने वाले समय में वंदे मातरम् के लिए भी औपचारिक नियम और शिष्टाचार तय किए जा सकते हैं. हालांकि, इस पर अंतिम फैसला राजनीतिक सहमति और कानूनी संतुलन के बाद ही लिया जाएगा.

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