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ऐसे बनाया जा रहा था तिरुपति लड्डू में इस्तेमाल होने वाला घी, Sukriti Foods के प्रमोटर की गिरफ्तारी से क्या-क्या हुए खुलासे?

तिरुपति लड्डू प्रसादम में इस्तेमाल होने वाले घी में कथित मिलावट के मामले में ED ने Sukriti Foods के प्रमोटर कैलाश चंद मंगला को गिरफ्तार किया है. ED का दावा है कि कथित मिलावटी घी रिफाइंड पाम ऑयल, पामोलीन और कई केमिकल से तैयार किया गया था.

ऐसे बनाया जा रहा था तिरुपति लड्डू में इस्तेमाल होने वाला घी, Sukriti Foods के प्रमोटर की गिरफ्तारी से क्या-क्या हुए खुलासे?
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( Image Source:  @ANI (File Photo) )
समी सिद्दीकी
Edited By:समी सिद्दीकी4 Mins Read

Updated on: 19 Sept 2026 10:18 AM IST

तिरुपति मंदिर के लड्डू प्रसादम में इस्तेमाल होने वाले घी में कथित मिलावट के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने एक बड़ी कार्रवाई की है. ED ने शुक्रवार को बताया कि उसने घी बनाने वाली कंपनी के प्रमोटर को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तार किया है. एजेंसी के मुताबिक, तिरुपति लड्डू प्रसादम तैयार करने में कथित तौर पर जिस मिलावटी घी का इस्तेमाल किया गया, उसे रिफाइंड पाम ऑयल, पामोलीन और कई तरह के केमिकल से तैयार किया गया था.

ED ने बताया कि Sukriti Foods के प्रमोटर कैलाश चंद मंगला को 17 सितंबर को हैदराबाद स्थित ED कार्यालय ने तिरुमला तिरुपति देवस्थानम (TTD) के घी में कथित मिलावट से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के बाद मंगला को विशाखापत्तनम की विशेष Prevention of Money Laundering Act (PMLA) अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया.

घी में किन चीजों के इस्तेमाल का दावा?

ED के मुताबिक, जांच में सामने आया कि तिरुपति लड्डू प्रसादम तैयार करने में कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया मिलावटी घी रिफाइंड पाम ऑयल, पाम कर्नेल ऑयल, पामोलीन और कई तरह के केमिकल से बनाया गया था. एजेंसी ने जिन केमिकल का नाम लिया है, उनमें MG-90, Monoglycerides, Myvacet Soft 400 और Acetic Acid Ester शामिल हैं. ED का आरोप है कि इस तैयार उत्पाद को बाद में TTD को Agmark Special Grade Cow Ghee के तौर पर सप्लाई किया गया.

ईडी ने और क्या किया दावा?

ED ने दावा किया कि साल 2019 से 2024 के बीच TTD को कथित तौर पर की गई घी की फर्जी सप्लाई की कुल कीमत करीब 230 करोड़ रुपये थी. एजेंसी के अनुसार, इसमें से करीब 96 करोड़ रुपये का कथित मिलावटी घी कैलाश चंद मंगला की फैक्ट्री में तैयार किया गया था.

मंगला पर क्या आरोप है?

ED के मुताबिक, कैलाश चंद मंगला इस मामले में कथित तौर पर साजिश में शामिल लोगों में से एक था. एजेंसी का आरोप है कि उसने मिलावट के लिए इस्तेमाल होने वाली चीजों की खरीद और अपनी फैक्ट्री में मिलावटी घी तैयार करने की प्रक्रिया में मदद की. एजेंसी ने यह भी आरोप लगाया कि मंगला ने कई फ्रंट कंपनियों के जरिए मिलावटी घी की सप्लाई को आगे बढ़ाने में समन्वय किया. इनमें Sri Vyshnavi Dairy Specialities, Malganga Milk & Agro Products और A.R. Dairy Foods के नाम शामिल हैं.

फर्जी रिकॉर्ड बनाने का भी आरोप?

ED ने आरोप लगाया कि मंगला ने घी और रिफाइंड पाम ऑयल की खरीद-बिक्री से जुड़े गलत रिकॉर्ड तैयार किए और उन्हें बनाए रखा. एजेंसी के मुताबिक, इसका उद्देश्य मिलावट में इस्तेमाल किए गए पदार्थों के वास्तविक इस्तेमाल को छिपाना और इस तरह यह दिखाना था कि असली गाय के घी का वैध तरीके से उत्पादन और सप्लाई की जा रही है.

पहले भी हो चुकी है गिरफ्तारी

ED ने बताया कि इस मामले में इससे पहले Bhole Baba Organic Dairy Milk के प्रमोटर और डायरेक्टर विपिन जैन को भी गिरफ्तार किया जा चुका है. एजेंसी ने उनके खिलाफ भी इसी तरह के आरोपों के आधार पर कार्रवाई की थी. ED की ओर से लगाए गए ये आरोप जांच का हिस्सा हैं और एजेंसी ने इन्हें अपनी जांच के निष्कर्षों के रूप में बताया है.

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