थलापति की पार्टी की मंत्री एस. कीर्तना कौन हैं? छोटी ड्रेस वाली वायरल वीडियो पर ट्रोलर्स को दिया करारा जवाब- सामने आई सच्चाई
तमिलनाडु में वायरल एक वीडियो को मंत्री एस कीर्तना से जोड़कर सोशल मीडिया पर दावे किए गए, जिसके बाद उन्होंने इसे गलत बताते हुए सफाई दी. कीर्तना ने कहा कि वीडियो में महिला वह नहीं हैं और सवाल उठाया कि किसी महिला के कपड़े या निजी पसंद को राजनीतिक मुद्दा क्यों बनाया जाए.
तमिलनाडु में सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है. वीडियो में एक महिला कार से उतरती नजर आ रही है. महिला ने काले रंग की शॉर्ट ड्रेस पहनी हुई है. वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर कुछ यूजर्स ने महिला की पहचान तमिलनाडु की उद्योग एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री एस कीर्तना के तौर पर करने की कोशिश की. इसके बाद वीडियो को लेकर राजनीतिक टिप्पणियां और ट्रोलिंग शुरू हो गई.
विवाद बढ़ने के बाद मंत्री एस कीर्तना ने खुद सफाई दी और कहा कि वीडियो में नजर आ रही महिला वह नहीं हैं. हालांकि, उन्होंने इस पूरे विवाद को महिलाओं के कपड़ों और निजी पसंद को लेकर समाज की सोच से जोड़ते हुए सवाल उठाया कि अगर वीडियो में दिख रही महिला वह होतीं भी, तो आखिर इससे किसी और को क्या फर्क पड़ना चाहिए?
वायरल वीडियो को लेकर कैसे शुरू हुआ विवाद?
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक छोटा वीडियो तेजी से शेयर किया गया, जिसमें एक महिला कार से बाहर निकलती दिखाई दे रही है. वीडियो में महिला ने काले रंग की शॉर्ट ड्रेस पहन रखी है. कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने महिला की शक्ल को एस कीर्तना से मिलाते हुए सवाल उठाया कि क्या वीडियो में दिखाई दे रही महिला मंत्री हैं.
इसके बाद वीडियो पर राजनीतिक टिप्पणियां आने लगीं और महिला के कपड़ों को लेकर भी कई तरह की बातें कही गईं. देखते ही देखते यह मामला सोशल मीडिया से निकलकर राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया. हालांकि, वीडियो में दिखाई देने वाली महिला की पहचान को लेकर किए गए दावों की स्वतंत्र पुष्टि सामने नहीं आई है.
एस कीर्तना ने दी सफाई, बोलीं- ‘वो महिला मैं नहीं हूं’
विवाद बढ़ने के बाद एस कीर्तना ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक लंबी पोस्ट के जरिए अपनी बात रखी. उन्होंने साफ किया कि वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली महिला वह नहीं हैं. मंत्री ने कहा कि केवल शक्ल में समानता होने की वजह से किसी महिला को विवाद में घसीटना गलत है. उन्होंने इस पूरे मामले को महिलाओं के खिलाफ होने वाली ऑनलाइन ट्रोलिंग और लैंगिक पूर्वाग्रह से जोड़कर निशाना साधा. कीर्तना ने सवाल उठाया कि किसी महिला के कपड़े, उसका रूप या उसका अपनी जिंदगी को अपनी पसंद से जीना आखिर सार्वजनिक बहस का विषय क्यों बन जाता है.
अगर मैं होती भी तो इससे फर्क क्यों पड़ना चाहिए?
एस कीर्तना ने विवाद पर सबसे ज्यादा चर्चा बटोरने वाली बात यही कही कि अगर वीडियो में दिखाई देने वाली महिला वह होतीं भी, तो इससे फर्क क्यों पड़ना चाहिए? उनका कहना था कि महिलाओं के कपड़ों और निजी पसंद को लेकर उन्हें सार्वजनिक तौर पर कटघरे में खड़ा करने की मानसिकता पर सवाल उठना चाहिए. उन्होंने इस तरह की सोच को पुरानी और पिछड़ी मानसिकता बताते हुए कहा कि महिलाओं की निजी जिंदगी को राजनीतिक हथियार की तरह इस्तेमाल करना उचित नहीं है.
एस कीर्तना कौन हैं?
एस. कीर्तना तमिलनाडु की युवा राजनीतिज्ञ हैं, जो अभिनेता से नेता बने थलापति विजय की पार्टी तमिलगा वेट्री कज़गम (TVK) से जुड़ी हैं. मई 2026 में उन्होंने विजय के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री पद की शपथ ली और उन्हें उद्योग, वाणिज्य एवं निवेश प्रोत्साहन जैसे महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी मिली. महज 29 वर्ष की उम्र में मंत्री बनने के कारण वह सरकार की सबसे कम उम्र की और इकलौती महिला मंत्रियों में प्रमुख चेहरा बनीं.
कीर्तना का जन्म 1996 में तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले में हुआ था. 2026 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने शिवकाशी सीट से जीत हासिल की और लंबे समय बाद इस क्षेत्र से महिला विधायक के तौर पर पहचान बनाई. राजनीति में सक्रिय होने से पहले वह राजनीतिक रणनीतिकार के रूप में काम कर चुकी हैं और चुनावी प्रबंधन से जुड़े कई संगठनों के साथ जुड़ी रही हैं. मध्यमवर्गीय परिवार से आने वाली कीर्तना ने अपनी राजनीतिक और रणनीतिक पृष्ठभूमि के जरिए कम उम्र में राज्य की राजनीति में अलग पहचान बनाई है.
कीर्तना ने विपक्ष पर साधा निशाना
मंत्री ने अपने बयान में सीधे तौर पर राजनीतिक विरोधियों पर भी निशाना साधा. उन्होंने आरोप लगाया कि जब सरकार की नीतियों, कामकाज और शासन के रिकॉर्ड पर ठोस सवाल नहीं उठाए जा सकते, तब नेताओं और उनके परिवारों की निजी जिंदगी से जुड़े मुद्दों को सामने लाने की कोशिश की जाती है. उन्होंने इसी संदर्भ में महिलाओं के खिलाफ होने वाली टिप्पणियों को राजनीति का पुराना हथियार बताया. कीर्तना ने यह भी कहा कि सोशल मीडिया पर व्यक्तिगत जिंदगी से जुड़े मुद्दों को उछालना किसी भी राजनीतिक बहस का स्वस्थ तरीका नहीं है.
वायरल वीडियो में दिख रही महिला से भी मांगी माफी
एस कीर्तना ने अपने बयान में उस महिला का भी जिक्र किया जो वायरल वीडियो में दिखाई दे रही है. उन्होंने कहा कि केवल शक्ल में समानता की वजह से उस महिला को विवाद में घसीटा गया. मंत्री ने इसके लिए महिला से माफी मांगते हुए कहा कि उसे बिना वजह इस पूरे विवाद का हिस्सा बनना पड़ा. उन्होंने महिला की तारीफ भी की और कहा कि उसे अपनी जिंदगी अपनी शर्तों पर जीते रहना चाहिए.
इसी विवाद के बीच वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली महिला का भी रिएक्शन सामने आया है. महिला ने आरोप लगाया कि DMK से जुड़े महिला-विरोधी लोगों ने उसका वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया और उसे मंत्री एस. कीर्तना जैसा दिखने का दावा करते हुए विवाद खड़ा कर दिया. महिला के मुताबिक, इस तरह उसकी पहचान और छवि को लेकर बेवजह गलत बातें फैलाई गईं. उसने साफ किया कि वीडियो को गलत संदर्भ में पेश किया गया और बिना किसी आधार के उसे राजनीतिक विवाद में घसीटा गया.
सार्वजनिक कार्यक्रम में भी बोलीं एस कीर्तना
वायरल वीडियो को लेकर एस कीर्तना ने एक सार्वजनिक कार्यक्रम में भी अपनी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने आरोप लगाया कि सप्ताहांत में सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ गलत प्रचार चलाया जाता है. उन्होंने डीएमके और एआईएडीएमके दोनों पर महिलाओं को लेकर ऑनलाइन राजनीति करने का आरोप लगाया और दोहराया कि वीडियो में दिखाई देने वाली महिला वह नहीं हैं. हालांकि, राजनीतिक दलों की ओर से लगाए गए इन आरोप-प्रत्यारोपों को संबंधित नेताओं के बयान के तौर पर ही देखा जाना चाहिए.
डीएमके नेता टीआरबी राजा ने भी किया कीर्तना का समर्थन
विवाद के बीच डीएमके आईटी विंग के सचिव टीआरबी राजा ने एस कीर्तना के समर्थन में बयान दिया. उन्होंने सोशल मीडिया पर महिलाओं के खिलाफ की जा रही टिप्पणियों की आलोचना की. राजा ने कहा कि किसी महिला को उसकी पसंद और निजी जिंदगी को लेकर अपमानित करने को सही नहीं ठहराया जा सकता. उन्होंने महिलाओं की गरिमा, अधिकार और स्वतंत्रता की रक्षा की बात कही. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि राजनीतिक मतभेद अपनी जगह हैं, लेकिन ऐसी कोई भी टिप्पणी स्वीकार्य नहीं होनी चाहिए जो शालीनता की सीमा पार करती हो.
महिला के कपड़ों पर सवाल उठाने को लेकर छिड़ी बहस
इस पूरे विवाद ने एक बार फिर सोशल मीडिया पर महिलाओं के पहनावे और निजी स्वतंत्रता को लेकर बहस छेड़ दी है. एक तरफ वीडियो को राजनीतिक रंग देने की कोशिशों पर सवाल उठ रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ यह चर्चा भी हो रही है कि किसी महिला के कपड़े या व्यक्तिगत पसंद को राजनीतिक हमले का आधार क्यों बनाया जाए.
फिलहाल वायरल वीडियो में दिखाई देने वाली महिला की पहचान को लेकर अलग-अलग दावे सोशल मीडिया पर मौजूद हैं, लेकिन इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है. इसलिए वीडियो को लेकर सामने आए अपुष्ट दावों को तथ्य के तौर पर पेश करना उचित नहीं होगा.




