बाढ़ आई, नदी में बह गए 3000 गैस सिलेंडर... वीडियो वायरल होने के बाद लोगों को क्या दी प्रशासन ने चेतावनी?
महाराष्ट्र के रायगढ़ में भारी बारिश के चलते आई बाढ़ में भारी तबाही मची है. बाढ़ के कारण एचपीसीएल (HPCL) के पातालगंगा एलपीजी बॉटलिंग प्लांट से करीब 3,000 गैस सिलेंडर तेज बहाव में बह गए.
LPG Cylinders Washed Away viral video
मानसून एक्टिव होने के साथ ही देशभर के कई हिस्सों में भारी बारिश और बाढ़ से हालात बिगड़ते हुए दिखाई दे रहे हैं. दिल्ली, गुजरात से लेकर मुंबई, महाराष्ट्र तक भारी बारिश से मची तबाही का मंजर देखने को मिल रहा है, इस बीच महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले से एक हैरान करने वाली घटना सामने आई है. भारी बारिश और बाढ़ के कारण एचपीसीएल (HPCL) के पातालगंगा एलपीजी बॉटलिंग प्लांट से करीब 3,000 गैस सिलेंडर तेज बहाव में बह गए. इन सिलेंडरों के पातालगंगा नदी में तैरने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.
घटना के बाद प्रशासन अलर्ट मोड पर है। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि यदि किसी को नदी या आसपास के क्षेत्रों में गैस सिलेंडर दिखाई दें, तो उन्हें किसी भी स्थिति में घर न ले जाएं और तुरंत प्रशासन या एचपीसीएल को इसकी सूचना दें. सुरक्षा को देखते हुए विशेष निर्देश भी जारी किए गए हैं.
कैसे हुई यह घटना?
अधिकारियों के अनुसार, रायगढ़ में लगातार हो रही भारी बारिश के चलते एचपीसीएल के पातालगंगा एलपीजी बॉटलिंग प्लांट की सुरक्षा दीवार ढह गई. इसके बाद बाढ़ का पानी तेजी से प्लांट परिसर में घुस गया और वहां रखे लगभग 3,000 गैस सिलेंडर पानी के तेज बहाव में बह गए. बहते हुए सिलेंडर पातालगंगा नदी और खरपाड़ा नाले तक पहुंच गए, जहां उन्हें पानी में तैरते हुए देखा गया.
घटना के दौरान कई स्थानीय लोगों ने नदी पर बने पुल से बहते हुए गैस सिलेंडरों का वीडियो अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड किया. देखते ही देखते यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और लोगों के बीच चिंता का विषय बन गया.
सिलेंडर को लेकर क्या है प्रशासन का कहना?
प्रशासन का कहना है कि नदी में बहकर पहुंचे कुछ सिलेंडरों में गैस भरी हो सकती है. ऐसे में उन्हें छूना, उठाना या अपने कब्जे में रखना जोखिम भरा साबित हो सकता है. इसी कारण प्रशासन ने लोगों से अतिरिक्त सावधानी बरतने की अपील की है. रायगढ़ के कलेक्टर किशन जावले ने नागरिकों से आग्रह किया है कि यदि किसी को बहकर आए गैस सिलेंडर मिलते हैं, तो वे उन्हें सुरक्षित तरीके से संबंधित अधिकारियों या एचपीसीएल को सौंप दें.
प्रशासन ने क्यों जारी की चेतावनी?
सुरक्षा के मद्देनजर जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि नागरिक इन सिलेंडरों को अपने घरों में न रखें और न ही उनका उपयोग करने की कोशिश करें. कलेक्टर किशन जावले ने कहा "इस बात की कोई गारंटी नहीं है कि नदी में बहकर आए सिलेंडरों में गैस है या वे सुरक्षित स्थिति में हैं. जिज्ञासावश या उपयोग के लिए उन्हें उठाना, खोलना या घर ले जाना बेहद खतरनाक हो सकता है."
पिछले एक सप्ताह से महाराष्ट्र के कई हिस्सों में लगातार भारी बारिश हो रही है. रायगढ़ उन जिलों में शामिल है, जहां सबसे अधिक असर देखने को मिला है. कई क्षेत्रों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं, नदियां उफान पर हैं और जनजीवन प्रभावित हुआ है. प्रशासन स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों से सतर्क रहने की अपील कर रहा है.




