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जब 14 दिन के बेटे को छोड़ इंडोनेशिया गए थे बीजू पटनायक, प्रधाननमंत्री और उपराष्ट्रपति को सुरक्षित लेकर लौटे थे भारत

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नेहरू के इशारे पर जब Biju Patnaik Indonesia के PM को दुश्मनों के बीच से दिल्ली उठा लाए| State Mirror

भारत के पूर्व मुख्यमंत्री और महान पायलट बीजू पटनायक ने इंडोनेशिया की आजादी की लड़ाई में ऐतिहासिक भूमिका निभाई थी. उस समय उनके घर सिर्फ 14 दिन पहले बेटे का जन्म हुआ था, लेकिन देश और इंसानियत के लिए वे खतरनाक मिशन पर निकल पड़े. उनकी पत्नी ज्ञान पटनायक, जो भारत की पहली महिला कमर्शियल पायलटों में थीं, भी इस मिशन में उनके साथ थीं. पंडित जवाहरलाल नेहरू ने बीजू पटनायक को इंडोनेशिया के प्रधानमंत्री सुल्तान सहरिर और उपराष्ट्रपति मोहम्मद हट्टा को सुरक्षित भारत लाने की जिम्मेदारी सौंपी थी. डच सेना ने विमान को मार गिराने की धमकी दी, लेकिन बीजू पटनायक पीछे नहीं हटे. उन्होंने जकार्ता पहुंचकर दोनों नेताओं को सुरक्षित निकाला और दिल्ली लेकर आए. दिल्ली पहुंचने के बाद इंडोनेशियाई नेताओं ने दुनिया के सामने डच शासन के अत्याचारों का खुलासा किया. अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ने के बाद 27 दिसंबर 1949 को नीदरलैंड ने इंडोनेशिया की आजादी को मान्यता दे दी. इंडोनेशिया ने बीजू पटनायक को अपने सर्वोच्च नागरिक सम्मानों में से एक 'बिंतांग जासा उतामा' से सम्मानित किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी ऑस्ट्रेलिया यात्रा के बाद इंडोनेशिया में अपने संबोधन के दौरान बीजू पटनायक के साहस और योगदान का उल्लेख किया.


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