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दीदी से हमेशा रहेगा रिश्ता, उन्हीं की वजह से जीते चुनाव, TMC की बागी सांसद ने बता दी बगावत की पूरी कहानी

टीएमसी छोड़कर नेशनल सिटिजन पार्टी ऑफ इंडिया में शामिल हुईं हुगली सांसद रचना बनर्जी ने अपने फैसले पर पहली बार खुलकर बात की है. उन्होंने इस दौरान बताया कि आखिर उन्होंने टीएमसी का साथ छोड़ा.

दीदी से हमेशा रहेगा रिश्ता, उन्हीं की वजह से जीते चुनाव, TMC की बागी सांसद ने बता दी बगावत की पूरी कहानी
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एक मशहूर शेर हैं कि "कुछ तो मजबूरियां रही होंगी, यूं ही कोई बेवफा नहीं होता... टीएमसी के बागी सांसदों को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं कि क्या सिर्फ एक हार से इतना कुछ बदल गया कि 20 सांसदों ने पार्टी और अपनी नेता ममता बनर्जी से बगावत ही कर ली. बागी सांसदों में से एक रचना बनर्जी ने काफी हद तक इसका जवाब देने की कोशिश की है. हालांकि उनका जवाब कितना संतोषजनक है, ये सब पर अलग-अलग निर्भर करता है. उनका कहना है वो उन्हें ममता दीदी से कोई शिकायत नहीं है. वो दीदी का सम्मान करती हैं, लेकिन अलग रास्ता चुनना उनकी मजबूरी है. वो लोगों के लिए काम कर सकें, अपने क्षेत्र में विकास कर सकें, इसलिए उन्होंने ये कदम उठाया.

अपने फैसले के पीछे की वजह बताते हुए उन्होंने कहा है कि ममता बनर्जी (दीदी) के साथ उनका रिश्ता हमेशा बना रहेगा. मैं बगावत कर ही नहीं सकती. दीदी के साथ मेरा सालों पुराना रिश्ता है और आगे भी रहेगा. उनके प्रति सम्मान हमेशा रहेगा. ज्ञात हो कि टीएमसी के 20 सांसद बाग़ी होने के बाद नेशनल सिटिजन पार्टी ऑफ इंडिया में विलय कर रहे हैं. यह पार्टी पूर्वोत्तर भारत में अधिक सक्रिय मानी जाती है और हाल ही में इसके एनडीए में शामिल होने की चर्चाएं भी चल रही हैं.

'कोई यूं ही बेवफा नहीं होता', क्या बोलीं रचना बनर्जी?

रचना बनर्जी ने कहा, "यह सही है कि हमें दीदी के चेहरे की वजह से वोट मिले, लेकिन लोगों ने हमें इसलिए चुना ताकि हम उनके लिए काम कर सकें. दीदी पार्टी का चेहरा थीं, लेकिन जनता ने हमें अपने क्षेत्र में काम करने के लिए वोट दिया था."

उन्होंने आगे कहा, "मेरे इस्तीफा देने की कोई मजबूरी नहीं थी. लेकिन मुझे लगा कि अगर केंद्र और राज्य में एक ही राजनीतिक शक्ति हो, तो विकास कार्य करना कहीं ज्यादा आसान हो जाता है. पिछले 15 वर्षों में हमें ऐसा देखने को नहीं मिला था."

ममता बनर्जी पर क्या आरोप लगाए?

हुगली से सांसद रचना बनर्जी ने कहा कि वे अपने क्षेत्र में विकास कार्य करना चाहती हैं और इसके लिए केंद्र सरकार का सहयोग जरूरी है. उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी में रहते हुए कई बार उन्हें लगा कि विकास कार्यों में रुकावटें पैदा की गईं और कई ऐसे काम नहीं हो पाए जो होने चाहिए थे.

बीजेपी के काम पर क्या बोलीं रचना?

उन्होंने कहा, "जब से नई सरकार आई है, हम देख रहे हैं कि सिर्फ दो महीनों में काफी काम हुआ है. शायद लोगों ने लंबे समय से पश्चिम बंगाल में इस तरह का काम नहीं देखा होगा."

एनडीए के साथ मर्जर पर क्या बोलीं रचना?

रचना ने आगे कहा, "हमें सिर्फ किसी पार्टी का टैग लेकर नहीं घूमना है और न ही अपने क्षेत्र में जाकर सिर्फ हाथ हिलाकर लौट आना है. हमारी प्राथमिकता विकास है. हमारी लोकसभा सीट में विकास की जरूरत है, जो अभी तक नहीं हो पाया है." एनडीए के साथ संभावित विलय के सवाल पर रचना बनर्जी ने कहा, "जो होगा, सही होगा."

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