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पुणे बस रेप का आरोपी दत्तात्रेय गाडे 72 घंटे बाद शिरुर से गिरफ्तार, पुलिस ने रखा था 1 लाख का इनाम

पुणे बस स्टैंड में महिला से दुष्कर्म मामले में पुलिस ने 72 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया. इस अभियान में 13 पुलिस टीमें, डॉग स्क्वायड और ड्रोन की मदद ली गई. पुलिस ने आरोपी के गन्ने के खेतों में छिपे होने की आशंका जताई थी, जिसके चलते खेतों में कैंप लगाया गया था.

पुणे बस रेप का आरोपी दत्तात्रेय गाडे 72 घंटे बाद शिरुर से गिरफ्तार, पुलिस ने रखा था 1 लाख का इनाम
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नवनीत कुमार
Edited By: नवनीत कुमार2 Mins Read

Updated on: 28 Feb 2025 8:32 AM IST

पुणे बस स्टैंड में महिला से हुए दुष्कर्म मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 72 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है. इस अपराधी की तलाश में पुलिस की 13 टीमें लगातार काम कर रही थीं, जिसमें डॉग स्क्वायड और ड्रोन की भी मदद ली जा रही थी. आरोपी को पकड़ने के लिए पुलिस ने हर संभव रणनीति अपनाई और इलाके में सघन तलाशी अभियान चलाया.

शुरुआती जांच में ऐसा अनुमान लगाया गया था कि आरोपी गन्ने के खेतों में छिपा हो सकता है, जिसके चलते पुलिस ने खेतों में कैंप तक लगा दिया था. कड़ी मशक्कत और आधुनिक तकनीक की मदद से पुलिस ने आखिरकार आरोपी को गिरफ्तार कर लिया.

आरोपी का आपराधिक इतिहास काफी लंबा है, जिसमें पुणे और अहिल्यानगर जिलों में चोरी, डकैती और चेन स्नेचिंग से जुड़े छह मामले दर्ज हैं. इनमें से एक मामले में उसे 2019 में जमानत पर रिहा किया गया था.

आरोपी पर था एक लाख का इनाम

आरोपी पर पुलिस ने पहले ही एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था. उसकी तलाश के लिए ड्रोन और खोजी कुत्तों की सहायता ली जा रही थी. पुणे के पुलिस कमिश्नर अमितेश कुमार के अनुसार, दत्तात्रेय को पकड़ने के लिए पुलिस ने 13 विशेष टीमें गठित की थीं, जो लगातार उसकी लोकेशन का पता लगाने में जुटी थीं.

सभी बस स्टेशनों और डिपो की होगी सुरक्षा ऑडिट

पुणे रेप केस के बाद, महाराष्ट्र के परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने राज्य सड़क परिवहन निगम (MSRTC) के सभी बस स्टेशनों और डिपो का सुरक्षा ऑडिट कराने का आदेश दिया है. राज्य में लगभग 580 बस स्टैंड और 251 बस स्टेशन हैं, जिनकी सुरक्षा जांच की जाएगी और पाई गई खामियों को दूर करने के प्रयास किए जाएंगे. मंत्री ने MSRTC में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए एक आईपीएस अधिकारी की नियुक्ति पर भी जोर दिया, क्योंकि यह पद लंबे समय से खाली पड़ा है.

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