विकसित भारत का निर्माण करना हर नागरिक की जिम्मेदारी, गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर बोलीं राष्ट्रपति मुर्मू; 10 बड़ी बातें
गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए डिजिटल इंडिया, तेज़ी से बढ़ती अर्थव्यवस्था, जनभागीदारी, जनजातीय सशक्तिकरण और किसानों के योगदान पर ज़ोर दिया. उन्होंने कहा कि विकसित भारत का निर्माण सभी नागरिकों की साझा ज़िम्मेदारी है.
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा- भारत दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था है
President Droupadi Murmu Speech on Republic Day Eve: गणतंत्र दिवस 2026 की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए सरकार की प्रमुख उपलब्धियों, आर्थिक प्रगति, सामाजिक सहभागिता और ‘विकसित भारत’ के विज़न को विस्तार से रखा. अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि बीते एक दशक में तकनीक के माध्यम से लाभार्थियों को सीधे सुविधाओं से जोड़ने का काम तेज़ी से हुआ है और ‘Ease of Living’ यानी जीवन को आसान बनाने पर विशेष ज़ोर दिया गया है.
राष्ट्रपति ने कहा कि जनभागीदारी के ज़रिये राष्ट्रीय लक्ष्यों को हासिल करने के प्रयास किए गए हैं. कई अहम राष्ट्रीय अभियानों को जन आंदोलन का रूप दिया गया है. गांव और शहरों की स्थानीय संस्थाओं को प्रगतिशील बदलाव का माध्यम बनाया गया है. उन्होंने ज़ोर देकर कहा कि ‘विकसित भारत’ का निर्माण केवल सरकार नहीं, बल्कि हर नागरिक की साझा ज़िम्मेदारी है.
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के संबोधन की 10 बड़ी बातें
- आज दुनिया के आधे से अधिक डिजिटल लेन-देन भारत में हो रहे हैं. छोटे दुकानदार से लेकर ऑटो रिक्शा तक डिजिटल भुगतान आम हो चुका है, जो वैश्विक समुदाय के लिए एक मिसाल है. उन्होंने नागरिकों से अन्य राष्ट्रीय लक्ष्यों को हासिल करने में भी इसी तरह सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की.
- अर्थव्यवस्था पर बोलते हुए राष्ट्रपति ने कहा कि भारत दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था है. वैश्विक अनिश्चितताओं के बावजूद देश निरंतर आर्थिक विकास दर्ज कर रहा है और जल्द ही दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में अग्रसर है.
- विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे में निवेश से भारत अपनी आर्थिक ताकत को नए स्तर पर ले जा रहा है.
- आत्मनिर्भरता और स्वदेशी भारत की आर्थिक यात्रा के मार्गदर्शक सिद्धांत हैं. स्वतंत्रता के बाद देश के आर्थिक एकीकरण का सबसे बड़ा निर्णय GST लागू करना रहा, जिससे ‘One Nation, One Market’ की अवधारणा साकार हुई.
- GST को और प्रभावी बनाने के हालिया फैसले अर्थव्यवस्था को और मज़बूत करेंगे. इसके साथ ही, चार श्रम संहिताओं (Labour Codes) के लागू होने से श्रमिकों को लाभ और उद्योगों के विकास को गति मिलेगी.
- जनजातीय समाज, स्वास्थ्य और शिक्षा से जुड़ी पहलें भी सरकार की तरफ से की गईं. राष्ट्रीय सिकल सेल एनीमिया उन्मूलन मिशन के तहत अब तक 6 करोड़ से अधिक स्क्रीनिंग की जा चुकी हैं.
- एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों में लगभग 1.4 लाख छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं, जिनमें से कई ने प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है. स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे अभियान आदिवासी समुदायों में परंपराओं और आधुनिक विकास के बीच तालमेल बिठाने का काम कर रहे हैं
- ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ और PM-JANMAN योजना ने PVTG समेत सभी जनजातीय समुदायों को सशक्त किया है.
- हमारे अन्नदाता किसान हमारे समाज और अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं. मेहनती अन्नदाता किसानों के कारण ही भारत खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बना है और कृषि उत्पादों का निर्यात कर पा रहा है. यह हमारे किसानों की कड़ी मेहनत का ही नतीजा है कि हम कृषि उत्पादों का निर्यात कर पा रहे हैं.
- सरकार किसानों को उचित मूल्य, सस्ती दरों पर ऋण, बीमा सुरक्षा, बेहतर बीज, सिंचाई सुविधाएं, उर्वरक, आधुनिक कृषि तकनीक और जैविक खेती को बढ़ावा दे रही है. PM किसान सम्मान निधि किसानों के योगदान को सम्मान देने और उनकी आर्थिक मजबूती का माध्यम बनी है.





