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Ajit Pawar Plane Crash: कैसी रही अजित पवार की Politics- काम, ताकत और टकराव! समर्थक vs आलोचक

बारामती विमान हादसे में अजित पवार की मौत के बाद उनकी राजनीतिक विरासत पर बहस तेज हो गई है. समर्थक उन्हें निर्णायक नेता मानते हैं, आलोचक उन्हें अवसरवादी बताते रहे हैं.

ajit pawar politics after plane crash
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( Image Source:  ANI )
प्रवीण सिंह
Edited By: प्रवीण सिंह

Updated on: 28 Jan 2026 7:13 PM IST

बारामती में हुए दर्दनाक विमान हादसे ने महाराष्ट्र की राजनीति का एक बेहद प्रभावशाली अध्याय अचानक बंद कर दिया. अजित पवार सिर्फ एक नेता नहीं थे, बल्कि ताकत, फैसलों और टकरावों से बनी एक पूरी राजनीतिक पहचान थे. समर्थकों के लिए वे ऐसे प्रशासक थे जो फाइलों से ज़्यादा फैसलों पर भरोसा करते थे, जो सत्ता की जटिल शतरंज को बखूबी समझते थे और ज़मीन पर काम कराने की क्षमता रखते थे.

वहीं आलोचकों की नज़र में वही अजित पवार कभी-कभी सख्त, जल्दबाज़ और विवादों को न्योता देने वाले नेता थे, जिनकी राजनीति पर अवसरवाद और आक्रामकता के आरोप लगते रहे. किसानों, सिंचाई परियोजनाओं, वित्त विभाग और सत्ता के समीकरणों में उनकी भूमिका निर्णायक रही. उनकी राजनीति विकास के वादों और विवादों के टकराव से बनी थी. यही वजह है कि उनके जाने के बाद भी उनकी राजनीति पर बहस खत्म नहीं हुई - क्योंकि अजित पवार एक व्यक्ति नहीं, एक राजनीतिक धारा थे.

उनके समर्थक और आलोचक उनके बारे में क्‍या सोचते थे, इन 10 बातों से आप भी समझ सकते हैं :

1. नेतृत्व शैली

समर्थक कहते हैं: मज़बूत, निर्णायक और काम निकालने वाला नेता

आलोचक: कभी-कभी आक्रामक और तानाशाही रवैया दिखता है

2. प्रशासनिक क्षमता

समर्थक: महाराष्ट्र के सबसे कुशल वित्त मंत्रियों में गिने जाते हैं

आलोचक: प्रशासनिक फैसलों में पारदर्शिता पर सवाल उठते रहे हैं

3. किसानों से जुड़ाव

समर्थक: सिंचाई परियोजनाओं और ग्रामीण विकास पर फोकस

आलोचक: कुछ योजनाओं का लाभ अपेक्षित स्तर तक किसानों तक नहीं पहुँचा

4. निर्णय लेने की रफ्तार

समर्थक: फाइलें नहीं अटकाते, तुरंत फैसला लेते हैं

आलोचक: जल्दबाज़ी में लिए गए फैसले विवादों में फँस जाते हैं

5. राजनीतिक रणनीति

समर्थक: सत्ता की राजनीति समझते हैं, व्यावहारिक नेता

आलोचक: अवसरवाद और बार-बार पाला बदलने के आरोप

6. विकास का दृष्टिकोण

समर्थक: इंफ्रास्ट्रक्चर, पानी और आर्थिक विकास पर फोकस

आलोचक: विकास असमान रहा, कुछ क्षेत्रों को ज़्यादा तरजीह मिली

7. स्पष्टवादिता

समर्थक: दो टूक बोलने वाला, दिखावटी राजनीति नहीं

आलोचक: बयान कई बार विवादास्पद और असंवेदनशील

8. संगठन पर पकड़

समर्थक: कार्यकर्ताओं और विधायकों पर मज़बूत पकड़

आलोचक: पार्टी में आंतरिक लोकतंत्र कमजोर पड़ता है

9. संकट में भूमिका

समर्थक: राजनीतिक संकटों में नेतृत्व संभाल लेते हैं

आलोचक: संकट खुद पैदा करने के आरोप भी लगते हैं

10. जनस्वीकार्यता

समर्थक: पश्चिम महाराष्ट्र में मज़बूत जनाधार

आलोचक: राज्य के अन्य हिस्सों में प्रभाव सीमित

अजित पवार
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