करने चले थे नीतीश को भारत रत्न देने की मांग, पार्टी ने दिखाया बाहर का रास्ता, कौन हैं केसी त्यागी?
जनता दल यूनाइटेड के वरिष्ठ नेता केसी त्यागी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग क्या उठाई, पार्टी नेतृत्व नाराज हो गया. यानी उनका ये दांव खुद के खिलाफ चला गया. विवाद बढ़ते ही पार्टी ने केसी त्यागी को राष्ट्रीय प्रवक्ता पद से हटा दिया. जानिए कौन हैं केसी त्यागी, उनका राजनीतिक सफर और क्यों पार्टी ने उनसे दूरी बना ली, जबकि वो हैं नीतीश के करीबी.
जनता दल यूनाइटेड के सबसे मुखर और वरिष्ठ चेहरों में शुमार केसी त्यागी अचानक सुर्खियों में हैं. इसकी वजह है, उनका बयान और नाराज पार्टी द्वारा उन्हें बाहर का रास्ता दिखाने का फैसला. उनके नाम को लेकर विवाद इसलिए उठ खड़ा हुआ कि उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को 'भारत रत्न' देने की सार्वजनिक मांग कर दी, जिस मांग को त्यागी ‘राजनीतिक सम्मान’ बता रहे थे, उसे पार्टी ने लाइन से बाहर का बयान मान लिया गया. नतीजा यह हुआ कि दशकों से पार्टी की वैचारिक आवाज रहे केसी त्यागी को राष्ट्रीय प्रवक्ता पद छोड़ना पड़ा. सवाल यह है कि आखिर केसी त्यागी कौन हैं और पार्टी ने इतना सख्त कदम क्यों उठाया?
हाल ही में केसी त्यागी ने सार्वजनिक मंच और मीडिया में यह बयान दिया कि नीतीश कुमार सामाजिक न्याय, सुशासन और संघीय राजनीति के सबसे बड़े प्रतीक हैं, उन्हें भारत रत्न मिलना चाहिए. यह बयान ऐसे समय आया जब जेडीयू विपक्षी गठबंधन और राष्ट्रीय राजनीति में संतुलन साधने की कोशिश कर रही थी. पार्टी नेतृत्व को लगा कि यह बयान व्यक्तिपूजा जैसा संदेश देता है. केंद्र सरकार और सहयोगी दलों के साथ अनावश्यक टकराव बढ़ा सकता है.
क्यों की नीतीश को 'भारत रत्न' देने की मांग
दरअसल, जहां एक ओर जनता दल (यू) के वरिष्ठ नेता और राजनीतिक सलाहकार के.सी. त्यागी को लेकर पार्टी से बाहर किए जाने की चर्चाएं तेज थीं, वहीं दूसरी ओर उन्होंने ऐसा सियासी दांव चला है, जिसे राजनीतिक गलियारों में 'छक्का' माना जा रहा है. केसी त्यागी ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को भारत रत्न देने की मांग कर दी है. उनका तर्क है कि जब चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान से नवाजा गया, तो सामाजिक न्याय और सुशासन की राजनीति को नई दिशा देने वाले नीतीश कुमार भी इस सम्मान के पूर्णतः हकदार हैं.
इसको लेकर उन्होंने 8 जनवरी 2026 को पीएम मोदी को लिखे पत्र में केसी त्यागी ने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए 30 मार्च 2024 का जिक्र किया कि जब चौधरी चरण सिंह और कर्पूरी ठाकुर को भारत रत्न से सम्मानित किया गया था. अब देखना यह है कि इस मांग पर केंद्र सरकार क्या रुख अपनाती है और बिहार की राजनीति में इसका क्या असर पड़ता है.
मुस्तफिजुर रहमान पर पार्टी लाइन से हटकर दिया था बयान
जेडीयू नेता के सी त्यागी ने बांग्लादेशी क्रिकेटर मुस्तफिजुर रहमान विवाद पर अलग लाइन ली थी. उन्होंने कहा था कि खेल और राजनीति को मिलाना नहीं चाहिए. वैसे उन्होंने स्वीकार किया कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हमलों से भारतीय समाज आक्रोशित है, लेकिन खेल को राजनीति से अलग रखते हुए मुस्तफिजुर को IPL में खेलने की अनुमति दी जानी चाहिए.
कौन हैं केसी त्यागी?
जेडीयू नेता केसी त्यागी का पूरा नाम किशन चंद त्यागी है. उनकी वैचारिक पृष्ठिभूमि समाजवादी सोच की है. 1989–1991 के दौरान वह लोकसभा सांसद भी रहे हैं. 2013 से 2016 के दौरान वह राज्यसभा सांसद रहे. उन्हें जेडीयू का वैचारिक स्तंभ माना जाता है. त्यागी लंबे समय तक राष्ट्रीय प्रवक्ता रहे.
नीतीश कुमार के करीबी और भरोसेमंद रणनीतिकार माने जाते थे. वे पार्टी के भीतर ऐसे नेता रहे हैं जो खुलकर बोलते रहे हैं. वैचारिक बहस से पीछे नहीं हटते थे. वह इससे पहले भी कई बार नेतृत्व से अलग राय रख चुके हैं.





