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Sunetra Pawar को डिप्टी CM बनाना चाहते हैं NCP के नेता, परिवार के बाहर भी इन तीन नामों की हो रही खूब चर्चा- जानें कौन

अजित पवार के आकस्मिक निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा बदलाव दिखने लगा है. NCP के भीतर सुनेत्रा पवार को डिप्टी मुख्यमंत्री बनाने की मांग तेज हो गई है. पार्टी नेताओं का मानना है कि वह संगठन को एकजुट रख सकती हैं. हालांकि पवार परिवार के बाहर भी तीन वरिष्ठ नेताओं के नामों पर चर्चा चल रही है, जिससे सत्ता संतुलन और नेतृत्व को लेकर राजनीतिक सरगर्मी और बढ़ गई है.

Sunetra Pawar को डिप्टी CM बनाना चाहते हैं NCP के नेता, परिवार के बाहर भी इन तीन नामों की हो रही खूब चर्चा- जानें कौन
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( Image Source:  @MrDemocratic_- X )
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी

Updated on: 30 Jan 2026 7:44 AM IST

महाराष्ट्र के डिप्टी मुख्यमंत्री अजित पवार के आकस्मिक निधन ने राज्य की राजनीति में गहरा शून्य पैदा कर दिया है. इस अप्रत्याशित घटना के बाद राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (NCP) के भीतर नेतृत्व को लेकर हलचल तेज हो गई है. पार्टी के वरिष्ठ नेता हालात को संभालने में जुट गए हैं और संगठन को एकजुट रखने के लिए तेजी से रणनीति बनाई जा रही है.

इसी कड़ी में NCP के अंदर यह आवाज मजबूत होती जा रही है कि अजित पवार की पत्नी और राज्यसभा सांसद सुनेत्रा पवार को एक बार फिर राज्य की सक्रिय राजनीति में लौटकर नेतृत्व संभालना चाहिए. सूत्रों के अनुसार, उन्हें महायुति सरकार में शामिल करने और यहां तक कि डिप्टी मुख्यमंत्री बनाए जाने की संभावनाओं पर भी गंभीर चर्चा शुरू हो चुकी है.

सुनेत्रा पवार से मिलने पहुंचे NCP के दिग्गज नेता

सूत्र बताते हैं कि अजित पवार के निधन के कुछ ही घंटों के भीतर NCP के शीर्ष नेताओं ने सुनेत्रा पवार से मुलाकात की. गुरुवार को उनके आवास पर पार्टी के कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, महाराष्ट्र NCP अध्यक्ष सुनील तटकरे और कैबिनेट मंत्री छगन भुजबल सहित कई वरिष्ठ नेता पहुंचे. इस दौरान शोक व्यक्त करने के साथ-साथ पार्टी की आगे की दिशा और स्थिरता पर गहन चर्चा हुई.

एक वरिष्ठ नेता ने कहा, 'अभी सबसे बड़ी प्राथमिकता पार्टी को संभालना और राजनीतिक स्थिरता बनाए रखना है.' इसी क्रम में जल्द ही मुंबई में NCP विधायक दल की बैठक होने की संभावना जताई जा रही है, जहां नए नेता के चयन पर फैसला लिया जा सकता है.

'सुनेत्रा वहिनी को कैबिनेट में लाना चाहिए' - नरहरी झिरवल

अजित पवार के करीबी और कैबिनेट मंत्री नरहरी झिरवल ने सार्वजनिक रूप से सुनेत्रा पवार के समर्थन में बयान देकर चर्चा और तेज कर दी है. बारामती में उन्होंने कहा कि जिन समर्थकों से मेरी बात हुई है, वे सभी सुनेत्रा वहिनी को राज्य कैबिनेट में देखना चाहते हैं. मैं भी इसी विचार का समर्थन करता हूं.' झिरवल ने यह भी स्पष्ट किया कि वह इस मुद्दे को पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के सामने उठाएंगे.

‘पवार परिवार के बिना NCP की पहचान अधूरी’

पार्टी के अंदरूनी सूत्रों का मानना है कि NCP की सियासी पहचान पवार परिवार से अलग नहीं की जा सकती. एक पार्टी पदाधिकारी ने कहा कि अब तक पार्टी शरद पवार, अजित पवार और सुप्रिया सुले के इर्द-गिर्द घूमती रही है. अजित पवार के असामयिक निधन के बाद पार्टी को ऐसे चेहरे की जरूरत है, जो सभी को साथ लेकर चल सके. यह भूमिका सुनेत्रा पवार ही निभा सकती हैं.' हालांकि, कुछ वरिष्ठ नेता अभी भी सतर्क रुख अपनाए हुए हैं और शरद पवार तथा सुप्रिया सुले के अगले कदम पर नजर बनाए हुए हैं. यदि दोनों NCP गुटों के बीच कोई समझौता या पुनर्मिलन होता है, तो इससे महाराष्ट्र की राजनीति का समीकरण पूरी तरह बदल सकता है.

बारामती में अगली पीढ़ी को आगे बढ़ाने की चर्चा

जमीनी स्तर पर, खासकर बारामती में, पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच यह चर्चा भी जोर पकड़ रही है कि अजित पवार के किसी बेटे- पार्थ पवार या जय पवार को उपचुनाव में उतारा जाए. अजित पवार पहले ही संकेत दे चुके थे कि वह बारामती में अपनी भूमिका सीमित कर बेटे जय पवार को बड़ी जिम्मेदारी देना चाहते हैं.

एक राजनीतिक विश्लेषक के मुताबिक, 'अजित दादा जय को बड़ी भूमिका के लिए तैयार कर रहे थे. उनके निधन के बाद यह मांग और तेज हो गई है कि जय पवार सक्रिय राजनीति में आएं. हालांकि पार्टी नेतृत्व मानता है कि अगर NCP गुटों का विलय नहीं होता, तो सुनेत्रा पवार ही पार्टी को एकजुट रख सकती हैं.'

2024 की हार के बावजूद बरकरार है राजनीतिक पकड़

गौरतलब है कि सुनेत्रा पवार 2024 के लोकसभा चुनाव में बारामती सीट से सुप्रिया सुले के खिलाफ चुनाव हार गई थीं. इसके बावजूद NCP नेताओं का मानना है कि यदि अजित पवार परिवार का कोई सदस्य बारामती से चुनावी मैदान में उतरता है, तो उसे किसी बड़े राजनीतिक विरोध का सामना नहीं करना पड़ेगा.

अजीत पवार का उत्तराधिकारी कौन?

सुनेत्रा पवार (पत्नी एवं राज्यसभा सांसद)

फिलहाल सुनेत्रा पवार सबसे मजबूत दावेदार मानी जा रही हैं. कैबिनेट मंत्री नरहरि जिरवाल सहित कई नेताओं ने खुलकर कहा है कि “सुनेत्रा वहिनी को उपमुख्यमंत्री बनाया जाना चाहिए.” वह राज्यसभा सांसद हैं और चर्चा है कि वह इस्तीफा देकर बारामती विधानसभा उपचुनाव लड़ सकती हैं. उनकी जगह पार्थ पवार को राज्यसभा भेजे जाने का विकल्प भी सामने आया है. सहानुभूति लहर और पवार परिवार को एकजुट रखने की क्षमता उन्हें स्वीकार्य चेहरा बनाती है.

पार्थ पवार (बड़े बेटे)

अजीत पवार के बड़े बेटे पार्थ पवार भी विरासत की राजनीति के दावेदार हैं. उन्होंने 2019 में मावल लोकसभा सीट से चुनाव लड़ा था, हालांकि हार का सामना करना पड़ा. अनुभव की कमी और हालिया विवाद उनके लिए चुनौती बन सकते हैं. जय पवार फिलहाल पर्दे के पीछे सक्रिय हैं. यदि पार्टी युवा नेतृत्व को आगे बढ़ाने का फैसला करती है, तो उनका नाम भी तेजी से उभर सकता है.

पवार परिवार के बाहर ये तीन बड़े नाम

प्रफुल पटेल

एनसीपी के कार्यकारी अध्यक्ष और अजीत पवार के रणनीतिकार रहे प्रफुल पटेल संगठन पर मजबूत पकड़ रखते हैं. हालांकि बारामती में उनकी स्वीकार्यता एक बड़ा सवाल है.

छगन भुजबल

वरिष्ठ ओबीसी नेता छगन भुजबल का अनुभव और जनाधार उन्हें मजबूत विकल्प बनाता है, लेकिन उनका राजनीतिक अतीत बाधा बन सकता है.

सुनील तटकरे

अजीत पवार के करीबी सहयोगी और एनसीपी (अजित गुट) के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे को भी प्रभावशाली नेता माना जाता है.

अजित पवार
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