NCERT की किताब में 'डांसिंग गर्ल' पर क्यों मचा बवाल? 5 पॉइंट्स में समझिए पूरा विवाद
NCERT की नई किताब में मोहनजोदड़ो की डांसिंग गर्ल प्रतिमा की तस्वीर बदलने पर विवाद छिड़ गया. जानिए क्या है पूरा मामला और NCERT की सफाई.
सिंधु घाटी सभ्यता की पहचान मानी जाने वाली मोहनजोदड़ो की मशहूर 'डांसिंग गर्ल' प्रतिमा अचानक विवादों के केंद्र में आ गई है. वजह बनी NCERT की कक्षा 9 की नई कला शिक्षा पुस्तक, जिसमें हजारों साल पुरानी इस कांस्य प्रतिमा की तस्वीर को बदले हुए स्वरूप में प्रकाशित किया गया.
तस्वीर में प्रतिमा के धड़ वाले हिस्से को इस तरह छायांकित दिखाया गया कि उसकी मूल आकृति नजर ही नहीं आ रही थी. इतिहासकारों, कला विशेषज्ञों और शिक्षाविदों ने इसे मूल कलाकृति के साथ छेड़छाड़ बताते हुए सवाल उठाए. बढ़ते विवाद के बाद अब NCERT ने तस्वीर को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने का फैसला किया है.
1. आखिर क्या है 'डांसिंग गर्ल' प्रतिमा?
'डांसिंग गर्ल' मोहनजोदड़ो से मिली सिंधु घाटी सभ्यता की सबसे प्रसिद्ध पुरातात्विक धरोहरों में से एक है. करीब 2600 ईसा पूर्व की मानी जाने वाली यह कांस्य प्रतिमा हड़प्पा काल की उन्नत धातु कला का बेहतरीन उदाहरण मानी जाती है. इसकी ऊंचाई लगभग चार इंच है और वर्तमान में इसे राष्ट्रीय संग्रहालय, नई दिल्ली में सुरक्षित रखा गया है.
2. NCERT की किताब में क्या बदलाव किया गया था?
कक्षा 9 की नई कला शिक्षा पुस्तक 'मधुरिमा' में प्रकाशित तस्वीर में प्रतिमा के धड़ वाले हिस्से को छायांकित कर दिया गया था. इससे प्रतिमा का मूल स्वरूप बदलता हुआ दिखाई दे रहा था. कई लोगों को लगा कि प्रतिमा को कृत्रिम रूप से ढकने या कपड़े पहनाने जैसा प्रभाव दिया गया है.
3. इतिहासकारों और विशेषज्ञों ने क्यों उठाए सवाल?
विशेषज्ञों का कहना था कि किसी ऐतिहासिक कलाकृति की तस्वीर में बिना स्पष्ट कारण बदलाव करना उसके मूल स्वरूप से छेड़छाड़ माना जा सकता है. आलोचकों ने इसे सेंसरशिप और ऐतिहासिक प्रस्तुति में हस्तक्षेप करार दिया. उनका तर्क था कि अगर यह किसी शोध या पुनर्निर्माण परियोजना का हिस्सा नहीं है तो मूल कलाकृति को उसी रूप में दिखाया जाना चाहिए.
4. NCERT ने विवाद पर क्या प्रतिक्रिया दी?
विवाद बढ़ने के बाद NCERT ने मामले को कला शिक्षा विभाग और पाठ्यपुस्तक विकास समिति के पास समीक्षा के लिए भेजा. बाद में निर्णय लिया गया कि किताब की डिजिटल और प्रिंट कॉपी में प्रतिमा की मूल तस्वीर ही प्रकाशित की जाएगी. बताया गया कि सॉफ्ट कॉपी में जल्द संशोधन कर दिया जाएगा.
5. अब आगे क्या होगा?
सूत्रों के अनुसार यह पुस्तक अभी सीमित स्तर पर ही वितरित हुई है और बड़े पैमाने पर बाजार में नहीं पहुंची है. ऐसे में संशोधन के बाद नई प्रतियां जारी की जाएंगी. यानी आने वाले संस्करणों में पाठकों को 'डांसिंग गर्ल' की वही मूल तस्वीर दिखाई देगी, जो दशकों से इतिहास और पुरातत्व की पुस्तकों में प्रकाशित होती रही है.
क्यों खास है यह विवाद?
यह सिर्फ एक तस्वीर का मामला नहीं है, बल्कि इतिहास, कला और शैक्षणिक सामग्री में मूल स्रोतों की प्रस्तुति को लेकर उठे सवालों का मुद्दा बन गया है. इसी वजह से 'डांसिंग गर्ल' पर छिड़ी बहस ने राष्ट्रीय स्तर पर ध्यान आकर्षित किया.




