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लालू का सपना पूरा कर रहे मोदी, वक्फ बिल पर ये क्या बोल गए अमित शाह; पढ़ें बड़ी बातें

अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू ने वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा में पेश कर दिया, जिसके बाद सदन में जोरदार हंगामा जारी है. इस विधेयक को पारित कराने के लिए एनडीए और उसकी सहयोगी पार्टियां एकजुट हैं, जबकि INDIA ब्लॉक इसका कड़ा विरोध कर रहा है. विधेयक पेश होने से पहले सत्ता पक्ष और विपक्ष ने महत्वपूर्ण बैठक की थी. संसद में इस पर चर्चा के लिए आठ घंटे का समय निर्धारित किया गया है.

लालू का सपना पूरा कर रहे मोदी, वक्फ बिल पर ये क्या बोल गए अमित शाह; पढ़ें बड़ी बातें
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सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी4 Mins Read

Updated on: 2 April 2025 9:21 PM IST

वक्फ संशोधन विधेयक पर बुधवार को लोकसभा में जोरदार चर्चा हुई. सुबह करीब 12 बजे अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री किरेन रिजिजू ने विधेयक पेश किया जिसके बाद चर्चा की शुरुआत हुई. चर्चा के दौरान रिजिजू ने विपक्ष को जमकर धोया. वहीं अखिलेश यादव ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए. तमाम चर्चा के बीच शाम को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मोर्चा संभाला. अमित शाह ने लोकसभा में इस मुद्दे पर विपक्ष, खासतौर पर लालू प्रसाद यादव पर तीखा हमला बोला. उन्होंने 2013 में लालू यादव द्वारा दिए गए एक बयान का हवाला देते हुए कहा, 'हम तो लालू जी का सपना पूरा कर रहे हैं.' आइए लोकसभा में अमित शाह के संबोधन की बड़ी बातें जान लेते हैं.

  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने लोकसभा में वक्फ संशोधन विधेयक का समर्थन करते हुए कहा, 'मैं अपने मंत्री साथी द्वारा पेश किए गए इस विधेयक का समर्थन करता हूं. मैं दोपहर 12 बजे से चल रही चर्चा को ध्यान से सुन रहा हूं... मुझे लगता है कि कई सदस्यों में इस विधेयक को लेकर या तो वास्तविक रूप से या फिर राजनीतिक कारणों से कई गलतफहमियां हैं. इसके अलावा, इस सदन के माध्यम से पूरे देश में भी इन गलतफहमियों को फैलाने की कोशिश की जा रही है.'
  • गृह मंत्री ने विपक्ष द्वारा उठाए गए सवालों पर जवाब देते हुए कहा, 'गैर-मुस्लिम सदस्यों को कहां शामिल किया जाएगा? वे काउंसिल और वक्फ बोर्ड में शामिल होंगे. वे किसी भी धार्मिक गतिविधि का संचालन नहीं करेंगे, बल्कि केवल इस बात की निगरानी करेंगे कि वक्फ कानून के तहत दान की गई संपत्ति का प्रशासन सही तरीके से हो रहा है या नहीं. यह देखा जाएगा कि संपत्ति का उपयोग उसी उद्देश्य के लिए किया जा रहा है, जिसके लिए उसे दान किया गया था.' अमित शाह ने जोर देकर कहा कि विधेयक को लेकर बेवजह भ्रम फैलाने की कोशिश की जा रही है, जबकि इसका मकसद वक्फ संपत्तियों का बेहतर प्रशासन और प्रबंधन सुनिश्चित करना है.
  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'वक्फ अधिनियम और बोर्ड 1995 में लागू हुआ. गैर-मुस्लिमों को शामिल करने के बारे में सभी तर्क वक्फ में हस्तक्षेप के बारे में हैं .सबसे पहले, कोई भी गैर-मुस्लिम वक्फ में नहीं आएगा. इसे स्पष्ट रूप से समझें. धार्मिक संस्थानों का प्रबंधन करने वालों में किसी भी गैर-मुस्लिम को शामिल करने का कोई प्रावधान नहीं है; हम ऐसा नहीं करना चाहते हैं. यह एक बहुत बड़ी गलत धारणा है कि यह अधिनियम मुसलमानों के धार्मिक आचरण में हस्तक्षेप करेगा और उनके द्वारा दान की गई संपत्ति में हस्तक्षेप करेगा. यह गलत धारणा अल्पसंख्यकों में अपने वोट बैंक के लिए डर पैदा करने के लिए फैलाई जा रही है.'
  • केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, 'आप (विपक्ष) इस देश को तोड़ देंगे. इस सदन के माध्यम से मैं देश के मुसलमानों से कहना चाहता हूं कि आपके वक्फ में एक भी गैर-मुस्लिम नहीं आएगा. इस कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है. लेकिन वक्फ बोर्ड और वक्फ काउंसिल क्या करेंगे? वक्फ की संपत्तियां बेचने वालों को पकड़कर बाहर निकालेंगे, वक्फ के नाम पर अपनी संपत्तियां 100 साल के लिए पट्टे पर देने वालों को पकड़ेंगे. वक्फ की आय कम हो रही है, जिस आय से हमें अल्पसंख्यकों के लिए विकास करना है और उन्हें आगे बढ़ाना है, वह पैसा चोरी हो रहा है। वक्फ बोर्ड और काउंसिल उसे पकड़ेंगे.'
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