जहां चल रहा था काम वहीं जुटे हुए थे श्रद्धालु, परभणी के हनुमान मंदिर में गिरी अंडर कंस्ट्रक्शन छत; भयावह है हादसे का वीडियो- 5 की मौत
महाराष्ट्र के परभणी जिले के यशवाड़ी देवस्थान स्थित जागृत हनुमान मंदिर में शनिवार को ऐसा ही मंजर देखने को मिला. मंदिर के गर्भगृह के सामने बने सभा मंडप में बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक कार्यक्रम में शामिल थे.
महाराष्ट्र के परभणी जिले के यशवाड़ी देवस्थान स्थित जागृत हनुमान मंदिर में शनिवार को ऐसा ही मंजर देखने को मिला. मंदिर के गर्भगृह के सामने बने सभा मंडप में बड़ी संख्या में श्रद्धालु धार्मिक कार्यक्रम में शामिल थे. कीर्तन चल रहा था, भक्त भगवान के नाम में डूबे हुए थे, तभी अचानक एक तेज आवाज सुनाई दी. देखते ही देखते सभा मंडप की छत का बड़ा हिस्सा भरभराकर नीचे आ गिरा.
सोशल मीडिया पर एक 14 सेकेंड के वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि कुछ भक्त प्रसाद लेने के लिए माथा टेकने आते हैं कि देखते ही देखते अचानक मंदिर की छत अचानक से भरभराकर गिर जाती है जिसमें फिलहाल अभी तक 5 लोगों की मौत बताई जा रही है हालाँकि मौत का आकड़ा बढ़ सकता है.
कुछ पल पहले जहां भक्ति का माहौल था, वहां अचानक चीख-पुकार और अफरा-तफरी मच गई. कई श्रद्धालु मलबे के नीचे दब गए. लोग अपने परिजनों को पुकारते हुए इधर-उधर भागने लगे. किसी की मां मलबे में फंसी थी, तो कोई अपने बच्चे को तलाश रहा था. स्थानीय लोगों ने बिना समय गंवाए राहत कार्य शुरू कर दिया. हाथों से पत्थर और मलबा हटाकर लोगों को बाहर निकालने की कोशिश की गई. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस, प्रशासन, स्वास्थ्य विभाग और बचाव दल मौके पर पहुंच गए. इसके बाद युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया गया.
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार हादसे में कई श्रद्धालु घायल हुए हैं, जिनमें कई की हालत गंभीर बताई जा रही है. घायलों को तत्काल नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है. वहीं कुछ लोगों के मलबे में फंसे होने की आशंका के चलते राहत और बचाव कार्य लगातार जारी है. इस हादसे ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है.
श्रद्धा और आस्था के केंद्र में हुए इस हादसे के बाद हर किसी की जुबान पर एक ही सवाल है- आखिर इतनी बड़ी दुर्घटना कैसे हुई? क्या निर्माण कार्य में कोई चूक हुई थी या सभा मंडप की संरचना पहले से कमजोर थी? फिलहाल प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है. लेकिन मंदिर परिसर में पसरा सन्नाटा और अपनों को खोजते लोगों की आंखों में दिख रहा दर्द बता रहा है कि यह हादसा लंबे समय तक लोगों के दिलों से मिटने वाला नहीं है.




