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19 मौतें, 25 घायल और 12 लोग हिरासत में...कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान कैसे मची भगदड़? SIT बनाने के आदेश- जानें Update

कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ से 19 लोगों की मौत और 25 घायल हो गए. आखिर ये हादसा कैसे हुआ और पुलिस ने अब तक किन लोगों को हिरासत में लिया है.

19 मौतें, 25 घायल और 12 लोग हिरासत में...कोलकाता में दुर्गा पूजा के दौरान कैसे मची भगदड़? SIT बनाने के आदेश- जानें Update
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पश्चिम बंगाल के कोलकाता स्थित चोरबागान सार्वजनिक दुर्गा पूजा पंडाल में भगदड़ मचने से मरने वालों की संख्या बढ़कर 19 हो गई है. इस हादसे में 25 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से एक की हालत गंभीर बनी हुई है. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने रविवार को कहा कि राज्य सरकार प्रभावित परिवारों की मदद करने और घायलों को इलाज मुहैया कराने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है.

राज्य सरकार ने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को 25 लाख रुपये का मुआवजा और एक सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया है. वहीं, घायलों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. सरकार ने यह भी कहा है कि घायलों के इलाज का पूरा खर्च राज्य सरकार उठाएगी.

क्या होगी जांच?

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि प्रशासन ने हादसे की जांच के लिए विशेष जांच दल (SIT) गठित करने का प्रस्ताव रखा है. इसके अलावा, उन्होंने कहा कि वह कलकत्ता हाई कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर घटना की जांच के लिए एक तथ्य-जांच समिति गठित करने का अनुरोध करेंगे. इस समिति में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और फॉरेंसिक टीमों को शामिल करने की मांग की जाएगी.

क्या बोले शुभेंदु अधिकारी?

मुख्यमंत्री ने घटनास्थल का दौरा करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में इस हादसे को दुखद बताया. उन्होंने कहा कि सरकार पूरी रात प्रभावित लोगों की मदद करने में जुटी रही. उनके मुताबिक, पीड़ितों के परिजनों ने उनसे मुलाकात की और राज्य सरकार पर भरोसा जताया.

अधिकारी ने कहा, "यह एक दुखद घटना है. इस हादसे में 19 लोगों की जान चली गई, जिनमें से 17 की मौके पर ही मौत हो गई. 25 लोग घायल हुए हैं. इनमें से 24 खतरे से बाहर हैं, जबकि एक व्यक्ति की हालत गंभीर बनी हुई है."

उन्होंने दोहराया कि सरकार प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी रहेगी और घायलों को जरूरी इलाज उपलब्ध कराया जाएगा. मुख्यमंत्री के मुताबिक, घोषित मुआवजा पैकेज का उद्देश्य इस त्रासदी से प्रभावित लोगों और उनके परिवारों को आर्थिक सहायता देना है.

क्या लोगों को लिया गया हिरासत में?

इस घटना के सिलसिले में पुलिस ने 12 लोगों को हिरासत में लिया है. उनसे पूछताछ की जा रही है. बताया गया है कि हिरासत में लिए गए लोगों में आयोजन से जुड़े लोग, स्वयंसेवक और अन्य व्यक्ति शामिल हैं. प्रशासन भगदड़ के पीछे की परिस्थितियों की जांच कर रहा है. सूत्रों के मुताबिक, जांच के दौरान इस आशंका पर भी विचार किया जा रहा है कि कहीं इस घटना के पीछे कोई साजिश तो नहीं थी. हालांकि, इस संबंध में अभी किसी निष्कर्ष की जानकारी नहीं दी गई है.

मुख्यमंत्री ने सख्त कार्रवाई का भरोसा देते हुए कहा कि घटना के लिए जो भी दोषी पाया जाएगा, उसे बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने स्पष्ट किया कि दोषी चाहे पुलिसकर्मी हो, स्वयंसेवक हो या दुर्गा पूजा समिति का सदस्य, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

पीएमओ ने क्या कहा?

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य के मुख्य सचिव से इस घटना पर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने प्रभावित परिवारों के लिए राहत और मुआवजे की घोषणा भी की है. इस मामले में केंद्र और राज्य सरकार मिलकर काम कर रही हैं.

इस बीच, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के रविवार सुबह 11 बजे मेडिकल कॉलेज जाने का कार्यक्रम था. उन्हें वहां हादसे में घायल लोगों से मुलाकात करनी थी. हालांकि, मुख्यमंत्री अधिकारी के अनुसार, अमित शाह के निर्धारित कार्यक्रम रद्द कर दिए गए.

ममता बनर्जी ने क्या कहा?

इस हादसे के बाद राजनीतिक बयानबाजी भी सामने आई है. मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की आलोचना की. उन्होंने 2025 के दुर्गा पूजा सीजन के दौरान हुई उन घटनाओं का जिक्र किया, जिनमें उनके बयान के मुताबिक, बारिश के बीच बिजली का करंट लगने से 13 लोगों की मौत हो गई थी. अधिकारी ने सवाल उठाया कि क्या ममता बनर्जी उस समय प्रभावित परिवारों से मिलने गई थीं. उनका यह बयान कोलकाता के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुई भगदड़ के बाद सामने आया है.

सिलीगुड़ी में दुर्गा पूजा पंडालों की सुरक्षा बढ़ाई गई

कोलकाता में भगदड़ की घटना के बाद सिलीगुड़ी में दुर्गा पूजा आयोजकों ने भीड़ को नियंत्रित करने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए कदम उठाए हैं. इन उपायों में अतिरिक्त स्वयंसेवकों और पुलिसकर्मियों की तैनाती, लगातार सार्वजनिक घोषणाएं करना और पूजा पंडालों में श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाने के लिए इंतजाम करना शामिल है.

कैसे और कब हुआ हादसा?

पंडाल में दुर्गा पूजा देखने पहुंचीं दीपाली दास ने मीडिया को बताया कि यह घटना शाम करीब 7:30 बजे हुई. उस समय पंडाल में पहले से ही भीड़ बढ़ रही थी. बारिश तेज होने के बाद और ज्यादा लोग पंडाल के अंदर आने लगे, जिससे भगदड़ मच गई. इस दौरान कई लोग घायल हो गए. वहीं, एक अन्य प्रत्यक्षदर्शी सैकत बनर्जी ने आयोजन में लापरवाही का आरोप लगाया. उन्होंने कहा कि मौके पर आयोजक, स्वयंसेवक और पुलिसकर्मी मौजूद नहीं थे, जिसके कारण लोग एक-दूसरे को धक्का देने लगे. सैकत बनर्जी ने बताया, “वहां न तो पूजा के आयोजक थे, न पुलिस और न ही स्वयंसेवक. सभी लोग एक-दूसरे को धक्का दे रहे थे और चिल्ला रहे थे। इस दौरान कई लोगों की तबीयत बिगड़ गई.”

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