कर्नाटक में 4 डिप्टी सीएम का फॉर्मूला! शिवकुमार कैबिनेट में किन नेताओं को मिलेगी बड़ी जिम्मेदारी?
डीके शिवकुमार के कांग्रेस विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद कर्नाटक में नई सरकार के गठन की तैयारी तेज हो गई हैय चार डिप्टी सीएम बनाए जाने की चर्चा तेज हैं.
कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष डीके शिवकुमार को शनिवार को सर्वसम्मति से कांग्रेस विधायक दल (सीएलपी) का नेता चुन लिया गया. विधायक दल की बैठक में उनके नाम पर सहमति बनने के बाद राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में उनकी ताजपोशी लगभग तय हो गई है. कांग्रेस नेतृत्व पहले ही घोषणा कर चुका है कि डीके शिवकुमार 3 जून को मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे.
सीएलपी बैठक में निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्दारमैया ने डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा. इस प्रस्ताव का समर्थन कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जी. परमेश्वर ने किया. इसके बाद विधायक दल ने सर्वसम्मति से शिवकुमार को अपना नेता चुन लिया.
विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद डीके शिवकुमार, सिद्दारमैया और कांग्रेस नेतृत्व के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल थावरचंद गहलोत से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने नई सरकार बनाने का दावा पेश किया.
क्या हो सकते हैं चार डिप्टी सीएम?
सूत्रों के मुताबिक, नई सरकार के गठन के पहले चरण में चार उपमुख्यमंत्रियों और करीब आधा दर्जन मंत्रियों को शपथ दिलाई जा सकती है. साथ ही सिद्दारमैया के बेटे को भी मंत्रिमंडल में शामिल किए जाने की चर्चा चल रही है. सरकार का अंतिम स्वरूप सोमवार शाम तक स्पष्ट होने की संभावना जताई जा रही है.
क्या कांग्रेस के टॉप लीडर्स से मिलेंगे डीके?
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि डीके शिवकुमार सोमवार को दिल्ली जा सकते हैं. वहां उनकी मुलाकात लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे समेत पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेताओं से हो सकती है.
इस दौरान मंत्रिमंडल विस्तार के पहले चरण में शामिल किए जाने वाले नेताओं के नामों पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा. माना जा रहा है कि दिल्ली में होने वाली बैठकों के बाद कैबिनेट की तस्वीर और अधिक स्पष्ट हो जाएगी.
कौन हो सकते हैं कर्नाटक के डिप्टी सीएम?
नई सरकार के गठन को लेकर उपमुख्यमंत्री पद के संभावित चेहरों पर भी मंथन जारी है. जिन नेताओं के नाम सबसे अधिक चर्चा में हैं, उनमें प्रियंका खड़गे, एमबी पाटिल, सतीश जारकीहोली और बीजेड जमीर अहमद खान शामिल हैं. वहीं कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जी. परमेश्वर को विधानसभा अध्यक्ष बनाए जाने की संभावना भी जताई जा रही है.
इसके अलावा डॉ. यतींद्र सिद्दारमैया को मंत्रिमंडल में शामिल करने पर भी विचार किया जा रहा है. माना जा रहा है कि नेतृत्व परिवर्तन के बाद संगठन और सरकार के बीच संतुलन बनाए रखने तथा पार्टी में एकजुटता कायम रखने के लिए यह कदम उठाया जा सकता है.
कांग्रेस विधायक दल की मीटिंग में क्या रहा खास?
- कांग्रेस विधायक दल की इस महत्वपूर्ण बैठक में पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व के प्रतिनिधि भी मौजूद रहे. बैठक में अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव केसी वेणुगोपाल, रणदीप सिंह सुरजेवाला और जयराम रमेश शामिल हुए.
- बैठक की शुरुआत एक प्रस्ताव के साथ हुई, जिसमें विधायक दल ने अपना नेता चुनने का अधिकार पार्टी आलाकमान को सौंप दिया. इसके बाद वरिष्ठ नेताओं के बीच मुख्यमंत्री कक्ष में विस्तृत चर्चा हुई.
- जब बैठक दोबारा शुरू हुई तो सिद्दारमैया ने औपचारिक रूप से डीके शिवकुमार के नाम का प्रस्ताव रखा. जी. परमेश्वर ने इसका समर्थन किया और फिर सर्वसम्मति से उन्हें कांग्रेस विधायक दल का नेता चुन लिया गया.
- इसके साथ ही कर्नाटक में कांग्रेस सरकार के नए नेतृत्व को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों पर विराम लग गया और डीके शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया.




