जंतर-मंतर के पास कहां से आया था पत्थर से भरा ट्रक, अब हुआ बड़ा खुलासा, CJP के सभी आरोप झूठे- 7 पॉइंट्स में समझें कहानी
जंतर-मंतर पर संसद मार्च से पहले एक पत्थर से भरा ट्रक खड़ा देखा गया था, जिसको लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाए थे. अब इस ट्रक को लेकर खुलासा हुआ है कि वो वहां क्यों खड़ा था?
Jantar Mantar Protest
दिल्ली के जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को भारी बवाल देखने को मिला था, क्योंकि कॉकरोच जनता पार्टी और छात्र संसद मार्च निकालने वाले थे, जिससे पुलिस ने उनको रोका. देखते ही देखते मामला गरमा गया और पुलिस को लाठीचार्ज से लेकर आंसू गैस के गोले तक दागने पड़े थे. वहीं ससंद मार्च से पहले जंतर-मंतर के पास एक पत्थर से भरा ट्रक देखा गया था.
जिसको लेकर कॉकरोच जनता पार्टी ने दिल्ली पुलिस पर आरोप लगाया था कि उन्होंने इसे जानबूझकर यहां खड़ा किया है ताकि छात्रों को हिंसा में फंसाया जा सके. इसके बाद हर किसी के मन में सवाल उठने लगा था कि आखिर ये ट्रक यहां कहां से आया? अब इसको लेकर दिल्ली पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है. कॉकरोच जनता पार्टी द्वारा ट्रक को लेकर लगाए गए आरोपों को पुलिस ने खारिज कर दिया है.
7 पॉइंट्स में जानें पूरा मामला
1. संसद मार्च से पहले सोशल मीडिया पर कई वीडियो और पोस्ट वायरल हुए, जिनमें दावा किया गया कि पत्थरों से लदा एक ट्रक जंतर-मंतर के पास जानबूझकर खड़ा किया गया था. सीजेपी नेताओं और समर्थकों ने आरोप लगाया कि यह शांतिपूर्ण प्रदर्शन को हिंसक बनाने की साजिश का हिस्सा था.
2. दिल्ली पुलिस ने इन दावों को पूरी तरह से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि ट्रक को प्रदर्शन स्थल या किसी राजनीतिक दल के कार्यालय के बाहर जानबूझकर नहीं रखा गया थ.। पुलिस ने बयान जारी कर कहा कि ऐसे सभी आरोप पूरी तरह से निराधार हैं. पुलिस ने कहा "वाहन को प्रदर्शनकारियों के खिलाफ किसी भी साजिश से जोड़ने वाले दावों में कोई सच्चाई नहीं है."
3. पुलिस के अनुसार, संबंधित ट्रक 16 जुलाई को एक वैन के साथ हुई सड़क दुर्घटना में शामिल था, जिसमें छह लोग घायल हुए थे. हादसे के बाद एफआईआर दर्ज कर वाहन को पुलिस ने जब्त कर लिया था. भंडारण के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने के कारण ट्रक को अस्थायी रूप से पार्लियामेंट स्ट्रीट पुलिस स्टेशन के पास खड़ा किया गया था.
4. पुलिस ने बताया कि 20 जुलाई को संसद मार्च के मद्देनजर व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई थी. इसी कारण अधिकारियों ने ट्रक मालिक को आवश्यक निर्देश देने के बाद तड़के ही उसमें रखे पत्थरों को उतरवाकर वाहन को दूसरी सुरक्षित जगह भेज दिया.
5. 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी की ओर से आयोजित संसद मार्च NEET-UG परीक्षा पेपर लीक विवाद के विरोध में निकाला गया था. इस मुद्दे से देशभर के लाखों छात्र प्रभावित हुए थे और इसी को लेकर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी दिल्ली पहुंचे थे.
6. 20 जुलाई को जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में प्रदर्शनकारियों तथा सुरक्षाकर्मियों के बीच कई जगह झड़पें हुईं. दिल्ली पुलिस के अनुसार, इस हिंसा में 200 से अधिक पुलिसकर्मी और 65 से ज्यादा प्रदर्शनकारी घायल हुए.
7. मंगलवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक आयोजित की गई, जिसमें संसद स्ट्रीट पुलिस स्टेशन में रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की कार्रवाई और दर्ज जनरल डायरी (जीडी) एंट्री की समीक्षा की गई. दिल्ली पुलिस ने नागरिकों से सोशल मीडिया पर वायरल हो रही अपुष्ट और भ्रामक जानकारी साझा करने से बचने की अपील की है.




