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समाज में बदनामी के डर से सिया और चेतन नहीं हुए एक, लेकिन केतन को क्यों उतारा मौत के घाट- जानिए पुलिस को क्या-क्या बताया

पुणे के लोहागढ़ किले पर केतन अग्रवाल की मौत पहले हादसा मानी गई, लेकिन पुलिस जांच में प्रेम संबंध, साजिश और CCTV फुटेज ने मामले को नया मोड़ दे दिया. इसी के साथ सिया ने पुलिस को क्या-क्या बताया.

समाज में बदनामी के डर से सिया और चेतन नहीं हुए एक, लेकिन केतन को क्यों उतारा मौत के घाट- जानिए पुलिस को क्या-क्या बताया
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( Image Source:  @micchamasala-X )
सागर द्विवेदी
By: सागर द्विवेदी5 Mins Read

Updated on: 24 Jun 2026 6:09 PM IST

पुणे के लोहागढ़ किले पर 24 वर्षीय केतन अग्रवाल की मौत पहले एक दर्दनाक हादसा मानी गई थी. परिवार को बताया गया कि ट्रैकिंग के दौरान उसका पैर फिसल गया और वह गहरी खाई में गिर गया. हर किसी ने इसे एक दुर्भाग्यपूर्ण दुर्घटना समझा. लेकिन कुछ दिनों बाद पुलिस की जांच ने इस मौत के पीछे ऐसी कहानी उजागर की, जिसने पूरे मामले को रहस्य, धोखे और कथित साजिश के जाल में बदल दिया. जिस लड़की से होने वाली थी शादी, उसी पर उठे सवाल.

केतन की सगाई सिया गोयल से हुई थी. दोनों के रिश्ते को परिवारों की मंजूरी मिल चुकी थी और शादी की तैयारियों की बातें भी शुरू हो चुकी थी. लेकिन पुलिस के मुताबिक, इस रिश्ते के पीछे एक ऐसा राज छिपा था, जिसके बारे में केतन शायद अनजान था. जांच में सामने आया कि सिया की जिंदगी में पहले से चेतन चौधरी नाम का युवक मौजूद था. पुलिस का दावा है कि दोनों एक-दूसरे के करीब थे और साथ रहना चाहते थे. लेकिन उनके सामने सबसे बड़ी दीवार थी परिवार और समाज की इज्जत.

भागकर शादी नहीं, इसलिए चुना खौफनाक रास्ता?

पुलिस सूत्रों के अनुसार पूछताछ में चेतन से सवाल किया गया कि अगर दोनों एक-दूसरे से प्यार करते थे तो भागकर नई जिंदगी क्यों नहीं शुरू कर ली? जवाब ने जांचकर्ताओं को चौंका दिया. पुलिस का दावा है कि सिया को डर था कि अगर वह सगाई तोड़कर प्रेमी के साथ भाग गई तो उसके परिवार की बदनामी होगी. इसी डर ने कथित तौर पर एक ऐसे फैसले को जन्म दिया, जिसने एक युवक की जान ले ली.

किले पर कैमरे में कैद हुआ रहस्य

18 जून को केतन और सिया लोहागढ़ किले पर पहुंचे थे. कुछ समय बाद खबर आई कि केतन खाई में गिर गया है. मामला लगभग बंद ही माना जा रहा था, लेकिन फिर पुलिस की नजर किले के टिकट काउंटर और आसपास लगे CCTV कैमरों पर गई.

फुटेज में एक अजीब नजारा दिखाई दिया.

एक युवक, जिसने गर्मी के मौसम में भी सिर से लेकर चेहरा तक ढक रखा था, लगातार केतन और सिया के आसपास मंडरा रहा था. उसने हुडी पहन रखी थी, चेहरा छिपा रखा था और ऊपर से हेडफोन लगाए हुए था. पुलिस अधिकारियों को यह व्यवहार सामान्य नहीं लगा.

33 डिग्री तापमान में हुडी पहनने वाला कौन था?

जांच टीम ने उस दिन का मौसम रिकॉर्ड खंगाला. तापमान करीब 33 डिग्री सेल्सियस था. ऐसे में किसी व्यक्ति का खुद को पूरी तरह ढक लेना संदेह पैदा करने वाला था. इसके बाद पुलिस ने फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ना शुरू किया. जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने दावा किया कि हुडी पहनकर घूम रहा व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि चेतन चौधरी था. यहीं से पूरी कहानी ने नया मोड़ ले लिया.

हादसे की कहानी से हत्या की जांच तक

जो मामला शुरुआत में एक ट्रैकिंग दुर्घटना माना जा रहा था, वह अब कथित हत्या की साजिश में बदल चुका है. पुलिस का आरोप है कि सिया और चेतन ने मिलकर केतन को रास्ते से हटाने की योजना बनाई थी. हालांकि आरोपों की सच्चाई का अंतिम फैसला अदालत में होगा, लेकिन जांच एजेंसियों का कहना है कि उनके पास ऐसे कई सबूत हैं जो इस कथित साजिश की ओर इशारा करते हैं.

अब पुलिस हिरासत में दोनों आरोपी

पुलिस ने सिया गोयल और चेतन चौधरी दोनों को गिरफ्तार कर लिया है. अदालत ने उन्हें 29 जून तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है ताकि मामले की गहराई से जांच की जा सके. उधर, केतन के परिवार के लिए यह मामला सिर्फ एक कानूनी जांच नहीं, बल्कि एक ऐसा जख्म बन गया है जो शायद कभी नहीं भर पाएगा. जिस लड़की के साथ उसने जिंदगी बिताने के सपने देखे थे, आज उसी पर उसकी मौत की साजिश में शामिल होने का आरोप है. लोहागढ़ किले की ऊंची चट्टानों पर उस दिन आखिर क्या हुआ था, इसका पूरा सच अभी जांच के दायरे में है. लेकिन इतना जरूर है कि यह मामला प्यार, विश्वास और विश्वासघात की उन कहानियों में शामिल हो चुका है, जिसने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है.

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