प्रोटीन और मसल्स के नाम पर कैसे गुमराह कर रही कंपनियां? Nestle से Amazon तक को FSSAI का नोटिस, अब आगे क्या होगा?
प्रोटीन सप्लीमेंट्स से लेकर ऑनलाइन मिलने वाले हेल्थ प्रोडक्ट्स तक, इनके फायदों को लेकर किए जा रहे दावे अब जांच के दायरे में हैं. FSSAI ने कई कंपनियों को नोटिस देकर पूछा है कि उनके विज्ञापनों में किए गए दावों का आधार क्या है.
बाजार में मिलने वाले प्रोटीन और सेहत से जुड़े उत्पाद खरीदते समय लोग अक्सर उनके पैकेट पर लिखे दावों पर भरोसा करते हैं. कोई प्रोडक्ट मांसपेशियों को मजबूत बनाने का दावा करता है, तो कोई शरीर में एनर्जी बढ़ाने और इम्यूनिटी को बेहतर रखने की बात कहता है. लेकिन क्या पैकेट पर लिखी हर बात पर भरोसा करना सही है?
इसी सवाल के बीच FSSAI ने कई कंपनियों के खिलाफ एक्शन लिया है. इनमें Dr Reddy's, Nestle Health Science, Amazon, Flipkart जैसे कई नाम शामिल हैं. ये नोटिस उन प्रोडक्ट्स से जुड़े हैं, जिन्हें शरीर में प्रोटीन की जरूरत पूरी करने और बिना फैट चर्बी वाली मांसपेशियों को बनाए रखने में मददगार बताकर बेचा जाता है. इन प्रोडक्ट्स के स्वास्थ्य संबंधी फायदों को लेकर किए गए दावों को भ्रामक मानते हुए FSSAI ने कंपनियों से जवाब मांगा है.
किन कंपनियों को मिला नोटिस?
FSSAI ने Dr Reddy's, Nestle Health Science, Tirupati Wellness के साथ Amazon, Flipkart और Netmeds को नोटिस दिया है. FSSAI ने प्रोटीन और मसल्स को मजबूत रखने का फायदा बताकर बेचे जा रहे प्रोडक्ट्स की पड़ताल की. इस दौरान पैकेट पर लिखी कुछ बातें ऐसी मिलीं, जिनसे ग्राहकों को प्रोडक्ट के असली फायदे को लेकर गलत जानकारी मिल सकती थी. इसके बाद नोटिस के जरिए कंपनियों से पूछा गया है कि उनके खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई क्यों नहीं की जानी चाहिए.
प्रोटीन से लेकर इम्यूनिटी तक, किन दावों पर सवाल?
FSSAI उन उत्पादों पर खास ध्यान दे रहा है, जिनके पैकेट पर ज्यादा प्रोटीन होने की बात कही गई है. इसके साथ ही मांसपेशियों को मजबूत बनाने, शरीर में मांसपेशियों को बनाए रखने, बीमारियों से लड़ने की ताकत बढ़ाने और शरीर को ऊर्जा देने जैसे दावों की भी जांच हो रही है. अथॉरिटी का कहना है कि खाद्य पदार्थों के पैकेट पर उनके फायदों के बारे में ऐसी बातें नहीं लिखी जानी चाहिए, जिन्हें पढ़कर ग्राहक गलत मतलब निकालें. खाने-पीने की चीजों के विज्ञापनों और पैकेट पर दी गई जानकारी साफ, सही और आसानी से समझ आने वाली होनी चाहिए.
FSSAI ने क्या कहा?
FSSAI का कहना है कि उसकी कोशिश है कि लोगों तक खाने-पीने की सुरक्षित और अच्छी चीजें पहुंचें. ग्राहकों को गलत जानकारी से बचाना और खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियम तोड़ने वालों पर कार्रवाई करना भी उसकी जिम्मेदारी का अहम हिस्सा है.
कंपनियों को अब क्या करना होगा?
नोटिस मिलने के बाद कंपनियों को बताना होगा कि उन्होंने अपने प्रोडक्ट्स के फायदों के बारे में जो बातें लिखी हैं, वे किस आधार पर कही गई हैं. FSSAI उनके जवाबों की जांच करेगा और उसके बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा. हालांकि, नोटिस जारी होने से यह साबित नहीं होता कि कंपनियों ने नियम तोड़े ही हैं. फिलहाल यह कदम खाने-पीने की चीजों के पैकेट पर लिखी जानकारी और उनसे जुड़े स्वास्थ्य लाभों के दावों की पड़ताल के लिए उठाया गया है.




