पूर्व आईपीएस अधिकारी डॉ. विक्रम सिंह ने स्टेट मिरर हिंदी के वरिष्ठ क्राइम इन्वेस्टिगेशन पत्रकार से बात करते हुए बताया कि फ्लाई दुबई विमान से जुड़े मामले, मोसाद की कथित चूक और भारत की सुरक्षा को लेकर अपनी बात रखी. उन्होंने कहा कि 7 अक्टूबर 2023 को इजराइल में हुए हमले में करीब 1,200 लोगों की मौत और कई लोगों को बंधक बनाए जाने की घटना खुफिया तंत्र की बड़ी विफलता थी. उनके मुताबिक, इस मामले में दुबई की ओर से पहले चेतावनी दिए जाने की बात भी सामने आई थी, फिर भी हमला नहीं रोका जा सका. उन्होंने फ्लाई दुबई से जुड़े मामले में पायलट की नियुक्ति और उसकी पृष्ठभूमि की जांच पर भी सवाल उठाए. डॉ. सिंह ने कहा कि पायलट के पुराने रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और चरमपंथी विचारों से उसके कथित जुड़ाव की जांच की जानी चाहिए थी. उन्होंने भारत और इजराइल को रणनीतिक साझेदार बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच सुरक्षा सहयोग अहम है और पाकिस्तान की गतिविधियों पर भी नजर रखी जा रही है. उन्होंने दुनिया को संदेश देते हुए कहा कि सुरक्षा के मामले में हमेशा सतर्क रहना जरूरी है, क्योंकि लापरवाही बड़े खतरे को जन्म दे सकती है. इसके अलावा, उन्होंने भारत की आर्थिक और जनसंख्या संबंधी ताकत का जिक्र करते हुए कहा कि देश को कमजोर करने की कोशिशों का सामना करने की क्षमता भारत में है. अमेरिका पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा कि उसकी वैश्विक ताकत पहले जैसी नहीं रही और मौजूदा अंतरराष्ट्रीय हालात में उसकी चुनौतियां बढ़ी हैं.