साल 2020 में छह दिन के अंतराल में पहले दिशा सालियान और उसके बाद एक्टर सुशांत सिंह राजपूत की संदिग्ध हालातों में मौत ‘सिर्फ संदिग्ध मौत’ नहीं वह डबल मर्डर है. बस जरूरत है कि CBI अब अपनी ‘सरकारी पिंजरे का तोता’ की छवि से बाहर निकलने को इस मामले में अगर महाराष्ट्र के पूर्व पुलिस अधिकारियों परमबीर सिंह और सचिन वाजे से, जो मैं 6 सवाल (दोनो संदिग्ध अफसरों से 3-3 सवाल) बता रहा हूं वह पूछ ले. इतने में ही बीते 6 साल से संदिग्ध मानी जा रही सुशांत सिंह राजपूत और दिशा सालियान की न केवल मौत की गुत्थी सुलझ जाएगी, अपितु यह ‘एक दूसरे से जुड़ा डबल मर्डर’ भी साबित हो जाएगा. और तो और इन दोनो मौतों की कड़ियां जुड़ने से इस कांड में कई बड़े बड़े सफेदपोश और पुलिस अधिकारियों की गर्दन तक भी सीबीआई कानूनन आसानी से पहुंच जाएगी यह मेरा दावा नहीं 36 साल की आईपीएस की नौकरी के अनुभव से ठोस अनुमान है. यह तमाम चुनौतीपूर्ण बातें स्टेट मिरर हिंदी के एडिटर क्राइम इनवेस्टीगेशन संजीव चौहान के साथ एक्सक्लूसिव बातचीत में 1974 बैच के पूर्व आईपीएस और उत्तर प्रदेश के रिटायर्ड पुलिस महानिदेशक डॉ. विक्रम सिंह ने बेबाकी से बयान की हैं.