NEET UG और NEET PG में क्या अंतर, कौन कब दे सकता है कौन सी परीक्षा, कट ऑफ से लेकर करियर ऑप्शन तक डिटेल में समझें
NEET UG वह एग्जाम है, जिसके जरिए छात्र 12वीं के बाद मेडिकल कॉलेज में दाखिला लेकर डॉक्टर बनने की शुरुआत करते हैं. वहीं NEET PG MBBS पूरा करने के बाद दी जाने वाली परीक्षा है, जो छात्रों को किसी खास मेडिकल फील्ड में विशेषज्ञ डॉक्टर बनने का मौका देती है.
NEET UG और NEET PG में क्या अंतर
डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले ज्यादातर स्टूडेंट्स के मन में एक सवाल जरूर आता है कि आखिर NEET UG और NEET PG में क्या फर्क होता है. कई छात्र यह भी समझ नहीं पाते कि कौन-सी परीक्षा कब देनी होती है और मेडिकल करियर में इन दोनों का क्या रोल है.
असल में NEET UG और NEET PG दोनों अलग-अलग लेवल के एग्जाम हैं. NEET UG मेडिकल फील्ड में एंट्री दिलाती है, जबकि NEET PG डॉक्टर बनने के बाद स्पेशलाइजेशन यानी विशेषज्ञता हासिल करने का रास्ता खोलती है. आसान शब्दों में कहें तो NEET UG मेडिकल करियर की शुरुआत है और NEET PG आगे की ग्रोथ और बड़ी पहचान तय करती है.
क्या होता है NEET UG?
NEET UG यानी National Eligibility cum Entrance Test Undergraduate एक नेशनल लेवल का एग्जाम है. यह परीक्षा 12वीं के बाद मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए होती है. इस एग्जाम के जरिए छात्र MBBS, BDS और दूसरे मेडिकल कोर्स में दाखिला लेते हैं. इसमें Physics, Chemistry और Biology से सवाल पूछे जाते हैं.
NEET UG का एग्जाम कौन दे सकता है?
- यह एग्जाम 12वीं के बाद दिया जाता है.
- इसके लिए PCB यानी Physics, Chemistry और Biology सब्जेक्ट्स जरूरी हैं.
- इस एग्जाम को देने से MBBS और BDS में एडमिशन मिलता है.
क्या होता है NEET PG?
NEET PG यानी National Eligibility cum Entrance Test Postgraduate एक पोस्टग्रेजुएट मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम है. यह परीक्षा MBBS पूरा करने के बाद दी जाती है. इसके जरिए छात्र MD, MS जैसे स्पेशलाइजेशन कोर्स में एडमिशन लेते हैं.
NEET PG की खास बातें
- यह एग्जाम MBBS के बाद दिया जाता है.
- इसमें डॉक्टर बनने के बाद स्पेशलाइजेशन चुनने का मौका मिलता है.
- पूरा MBBS सिलेबस पूछा जाता है
NEET UG के लिए योग्यता क्या है?
NEET UG देने के लिए छात्रों को कुछ जरूरी शर्तें पूरी करनी होती हैं.
- 12वीं में Physics, Chemistry और Biology होना जरूरी.
- तय मिनिमन नंबर्स होने चाहिए.
- छात्र की उम्र कम से कम 17 साल होनी चाहिए.
- फिलहाल NEET परीक्षा के लिए कोई तय ऊपरी आयु सीमा नहीं है, हालांकि नियम समय-समय पर बदल सकते हैं.
NEET PG के लिए क्या योग्यता चाहिए?
- NEET PG देने के लिए उम्मीदवार के पास MBBS की डिग्री होना जरूरी है.
- मान्यता प्राप्त कॉलेज से MBBS किया होना चाहिए.
- इंटर्नशिप पूरी होना जरूरी है.
- मेडिकल काउंसिल में रजिस्ट्रेशन होना चाहिए.
कितनी होती है NEET UG और NEET PG की कट ऑफ?
दरअसल NEET UG और NEET PG दोनों ही एग्जाम की कट ऑफ हर साल बदलती रहती है. इसलिए आपको परीक्षा पास करने के लिए कड़ी मेहनत करनी चाहिए.
कौन ज्यादा कठिन है?
कई छात्र पूछते हैं कि NEET UG ज्यादा कठिन है या NEET PG. NEET UG में कॉम्पिटिशन ज्यादा होता है क्योंकि लाखों छात्र परीक्षा देते हैं. वहीं NEET PG में सिलेबस काफी बड़ा और गहराई वाला होता है. इसमें सिर्फ रटने से काम नहीं चलता, बल्कि मेडिकल की अच्छी समझ जरूरी होती है.
MBBS UG है या PG?
MBBS एक Undergraduate यानी UG डिग्री है. यही मेडिकल करियर की शुरुआत मानी जाती है. MBBS पूरा करने के बाद ही छात्र NEET PG देकर MD या MS जैसे कोर्स कर सकते हैं.
NEET के बाद करियर ऑप्शन
NEET UG के बाद
- MBBS डॉक्टर
- बीडीएस डॉक्टर
- एलाइड हेल्थ कोर्स
- नर्सिंग और पैरामेडिकल फील्ड
NEET PG के बाद
- विशेषज्ञ डॉक्टर
- सर्जन
- कार्डियोलॉजिस्ट
- डर्मेटोलॉजिस्ट
- मेडिकल रिसर्चर्स
सैलरी में कितना अंतर होता है?
NEET UG के बाद MBBS डॉक्टर की शुरुआती सैलरी सामान्य होती है, लेकिन NEET PG करके स्पेशलिस्ट बनने पर कमाई और पहचान दोनों तेजी से बढ़ती हैं. स्पेशलिस्ट डॉक्टरों की डिमांड ज्यादा होने के कारण उनकी सैलरी भी काफी हाई होती है.
अगर आप डॉक्टर बनना चाहते हैं तो सबसे पहले NEET UG क्लियर करना जरूरी है. इसके बाद MBBS पूरा करके NEET PG के जरिए अपनी पसंद की स्पेशलाइजेशन चुन सकते हैं. दोनों परीक्षाएं मेडिकल करियर के अलग-अलग पड़ाव हैं और एक सफल डॉक्टर बनने के लिए दोनों का अपना अलग महत्व है.




