Begin typing your search...

पैरों से गूंजा 'सारे जहां से अच्छा', बिना हाथों के जन्मी मौली अडकुर ने पैरों से बजाया हारमोनियम | Video Viral

मौली अडकुर की कहानी हौसले और आत्मविश्वास की मिसाल है. जन्म से बिना हाथों के पैदा हुई मौली ने कभी हालात के आगे हार नहीं मानी. महाराष्ट्र के कोल्हापुर की रहने वाली मौली पैरों से न सिर्फ़ लिखती हैं बल्कि हारमोनियम भी बजाती हैं. हाल ही में आरपीजी एंटरप्राइजेज के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने 28 जनवरी 2026 को उनका वीडियो शेयर किया, जिसमें वह पैरों से 'सारे जहां से अच्छा' बजाती नजर आ रही हैं.

पैरों से गूंजा सारे जहां से अच्छा, बिना हाथों के जन्मी मौली अडकुर ने पैरों से बजाया हारमोनियम | Video Viral
X
( Image Source:  Instagram: mauli_adkur )
रूपाली राय
By: रूपाली राय

Published on: 29 Jan 2026 2:37 PM

मौली अडकुर (Mauli Adkur) की प्रेरणादायक कहानी एक ऐसी लड़की की है, जो जन्म से ही हाथों के बिना पैदा हुई, लेकिन उसने कभी हार नहीं मानी. आज वह न सिर्फ़ संगीत की दुनिया में कमाल दिखा रही है, बल्कि लोगों के दिलों में एक नई उम्मीद जगाती है. आरपीजी एंटरप्राइजेज के चेयरमैन हर्ष गोयनका ने 28 जनवरी 2026 को अपने स्थापना दिवस समारोह में मौली का एक वीडियो शेयर किया. इस वीडियो में मौली अपने पैरों से बहुत ही कुशलता से हारमोनियम बजा रही हैं.

कैप्शन में उन्होंने लिखा, 'भारत की भावना.' यह कैप्शन बहुत गहरा है, क्योंकि यह बताता है कि भारत में दृढ़ता, मेहनत और जज्बा कितना मजबूत है. मौली अडकुर महाराष्ट्र के कोल्हापुर की रहने वाली हैं. जन्म से ही उनके दोनों हाथ नहीं थे. ऐसे में ज्यादातर लोग सोचते हैं कि जीवन बहुत मुश्किल हो जाएगा, लेकिन मौली ने इसे चुनौती की तरह लिया. उन्होंने कभी खुद को कमजोर नहीं समझा. बचपन से ही उन्होंने फैसला किया कि जो चीजें दूसरों के हाथों से होती हैं, वो वह पैरों से करेंगी. उन्होंने पैरों की उंगलियों से लिखना सीखा. स्कूल-कॉलेज की पढ़ाई पूरी की और बोर्ड एग्जाम भी पैरों से लिखकर पास किए. यह अपने आप में बहुत बड़ी अचीवमेंट है. लेकिन मौली रुकी नहीं उनकी असली पहचान संगीत से हुई.

पैर से बजाय हारमोनियम

मौली को संगीत बहुत पसंद है खासकर हारमोनियम बजाना. हारमोनियम एक ऐसा वाद्य यंत्र है, जिसमें आमतौर पर हाथों से कीज़ दबाई जाती हैं और बेलोज़ (हवा भरने वाला हिस्सा) हाथ या पैर से चलाया जाता है. लेकिन मौली ने इसे उल्टा कर दिया, उन्होंने पैरों से कीज़ दबाना सीखा और हवा भरने का काम भी पैरों से ही किया. शुरुआत में बहुत मुश्किल हुई होगी घंटों प्रैक्टिस करनी पड़ी होगी. लेकिन उनकी मेहनत रंग लाई. आज वह इतनी अच्छी तरह हारमोनियम बजाती हैं कि सुनने वाले हैरान रह जाते हैं.

गूंजा 'सारे जहां से अच्छा'

उनका सबसे प्रसिद्ध प्रदर्शन देशभक्ति गीत 'सारे जहां से अच्छा' का है. इस गीत को उन्होंने हजारों लोगों के सामने पैरों से हारमोनियम पर बजाया. वीडियो में देखकर लगता है जैसे कोई सामान्य संगीतकार हाथों से बजा रहा हो. लेकिन जब पता चलता है कि यह पैरों से हो रहा है, तो सबकी आंखें नम हो जाती हैं. यह गीत सिर्फ़ संगीत नहीं, बल्कि देश के प्रति उनका प्यार और दृढ़ता दिखाता है. मौली ने कई बार स्टेज पर परफॉर्म किया है. लोग उनकी तारीफ करते नहीं थकते. सोशल मीडिया पर उनके वीडियो वायरल होते हैं. लोग लिखते हैं- 'सच में प्रेरणा', 'कुछ भी नामुमकिन नहीं', 'भारत की बेटी' जैसे कमेंट्स कर रहे हैं.

टैलेंट की हो रही तारीफ

28 जनवरी 2026 को हर्ष गोयनका ने जब यह वीडियो शेयर किया, तो इसे 1,900 से ज्यादा लाइक्स मिले. कमेंट्स में लोग मौली के टैलेंटेड और जज्बे की खूब तारीफ कर रहे थे. हर्ष गोयनका जैसे बड़े उद्योगपति का यह वीडियो शेयर करना मौली के लिए बहुत बड़ी बात है. इससे लाखों लोगों तक उनकी कहानी पहुंची.

झेलनी पड़ी कई चुनौतियां

मौली सिर्फ़ म्यूजिशियन नहीं है, उन्होंने जीवन में कई चुनौतियां झेली. पढ़ाई पूरी की, नौकरी भी की (कुछ रिपोर्ट्स में बताया गया है कि वह BMC में अधिकारी के पद पर भी काम कर चुकी हैं या कर रही हैं. घर के काम भी पैरों से करती हैं- खाना बनाना, कपड़े धोना, सब कुछ। उनकी जिंदगी साबित करती है कि अगर इरादा मजबूत हो, तो कोई कमी बाधा नहीं बन सकती. आज मौली की कहानी युवाओं के लिए बहुत बड़ी मिसाल है. स्कूल-कॉलेज के बच्चे जब हार मानने लगते हैं, तो उनकी स्टोरी सुनकर हिम्मत मिलती है खुद मौली भी बताती हैं कि 'कमियां नहीं, कोशिश मायने रखती है.'

Viral Video
अगला लेख