पश्चिम बंगाल का वो BJP विधायक, जिसने साफ-साफ कहा- 5 साल में मुसलमानों का एक काम नहीं करूंगा
कोलकाता की काशीपुर-बेलगछिया सीट से BJP विधायक रितेश तिवारी का बयान विवादों में है. वायरल वीडियो में उन्होंने कहा कि मुस्लिम समुदाय से वोट नहीं मिलने के कारण वह अगले पांच साल तक उनके लिए कोई काम नहीं करेंगे.
Kolkata की काशीपुर-बेलगछिया सीट से BJP विधायक Ritesh Tiwari का एक बयान राजनीतिक बहस का विषय बन गया है. एक वायरल वीडियो में वह यह कहते नजर आ रहे हैं कि हालिया चुनाव में मुस्लिम समुदाय से उन्हें एक भी वोट नहीं मिला, इसलिए वह अगले पांच साल तक उनके लिए कोई काम नहीं करेंगे.
अपने विधानसभा क्षेत्र में आयोजित एक सार्वजनिक कार्यक्रम में रितेश तिवारी ने कहा, "आने वाले पांच साल में मैं उनका एक भी काम नहीं करूंगा.” रितेश तिवारी ने हालिया विधानसभा चुनाव में Atin Ghosh को हराया था. चुनाव में तिवारी को 68,368 वोट मिले, जबकि अतिन घोष को 66,717 वोट हासिल हुए.
क्या बोले रितेश तिवारी?
उन्होंने सभा में कहा, “करीब 74 साल के चुनावी इतिहास में मैं इस इलाके का पहला उम्मीदवार हूं जिसे एक भी मुस्लिम वोट नहीं मिला. जिन्होंने मुझे वोट दिया है, उनका मुझ पर अधिकार है. जिन्होंने मुझे वोट नहीं दिया, उनके घर मैं वोट मांगने भी नहीं गया था. बाबा भोलेनाथ को साक्षी मानकर कहता हूं कि अगले पांच साल तक मैं उनका कोई काम नहीं करूंगा. मैं उनके लिए एक भी सर्टिफिकेट जारी नहीं करूंगा… एक भी सर्टिफिकेट नहीं.”
अपने संबोधन में तिवारी ने आगे कहा, "यह सभा लाइव चल रही है. लेकिन मुझे फर्क नहीं पड़ता कि कौन क्या सोचता है और कौन क्या कहता है. मोदीजी कहते हैं ‘सबका साथ, सबका विकास’, मैं इसे मानता हूं. लेकिन इस चुनाव में उन्होंने कुछ और शब्द जोड़े हैं- ‘सबका हिसाब’. इसलिए मैं हिसाब करूंगा. लेकिन वैसे नहीं जैसे 2021 विधानसभा चुनाव के बाद TMC ने किया था. मैं लोकतांत्रिक तरीके से करूंगा, बिना किसी को थप्पड़ मारे और बिना किसी से एक पैसा लिए."
जब इस बयान को लेकर उनसे सवाल किया गया तो रितेश तिवारी ने माना कि उन्होंने यह बातें कही हैं और वह अपने बयान पर कायम हैं.
मेरी यही सोच करते रहो आलोचना!
उन्होंने कहा, "हिंदू बहुल बूथों में मुझे कुछ वोट मिले और दूसरे उम्मीदवारों को भी वोट मिले. लेकिन मुस्लिम बहुल बूथों में सिर्फ TMC को वोट मिला. वहां किसी और को वोट नहीं मिला. मुस्लिम वोट पूरी तरह TMC के पक्ष में गया. जिन्होंने मुझे वोट दिया, उनका मुझ पर अधिकार है. मेरे पास सीमित संसाधन हैं और मैं उन्हें उन्हीं लोगों के साथ साझा करूंगा जिन्होंने मुझे वोट दिया. जिन्होंने मुझे वोट नहीं दिया, उनके लिए मैं उन लोगों के अधिकार क्यों कम करूं जिन्होंने मुझे वोट दिया? लोग मेरी आलोचना कर सकते हैं, लेकिन मेरी सोच यही है.”
इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, BJP के प्रदेश प्रवक्ता Debjit Sarkar ने कहा कि उन्हें इस बयान की जानकारी नहीं है. उन्होंने कहा, "मैं इस मामले से अवगत नहीं हूं. मैंने न वीडियो देखा है और न ऑडियो सुना है, इसलिए मैं इस पर कोई टिप्पणी नहीं कर सकता. इस बारे में विधायक से ही पूछा जाना चाहिए."
वहीं CPI(M) की केंद्रीय समिति के सदस्य Sujan Chakraborty ने इस बयान की आलोचना की है.उन्होंने कहा, “BJP संविधान की भावना का सम्मान नहीं करती और विधायक के भाषण में यही नजर आता है. हमने दूसरे राज्यों में भी इस तरह के बयान सुने हैं और अब बंगाल में भी ऐसा होने लगा है. लोग ऐसी मानसिकता और ऐसे कदमों का विरोध करेंगे."
कौन हैं रितेश तिवारी?
- Ritesh Tiwari पश्चिम बंगाल की राजनीति में सक्रिय BJP नेता हैं. उनका जन्म 14 जून 1971 को Kolkata में हुआ था. वह फिलहाल पश्चिम बंगाल के काशीपुर-बेलगछिया विधानसभा क्षेत्र से विधायक हैं और 2026 में पहली बार पश्चिम बंगाल विधानसभा पहुंचे.
- रितेश तिवारी लंबे समय से भारतीय जनता पार्टी से जुड़े हुए हैं. उन्होंने साल 1989 में BJP जॉइन की थी. पार्टी में वह पश्चिम बंगाल BJP के उपाध्यक्ष भी रह चुके हैं. उन्होंने अपनी पढ़ाई University of Calcutta से की और साल 2003 में स्नातक की डिग्री हासिल की. वर्तमान में वह कोलकाता के कॉसिपोर इलाके में रहते हैं.
- रितेश तिवारी ने इससे पहले 2014 और 2016 में चौरंगी विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था, लेकिन दोनों बार उन्हें Nyana Bandopadhyay के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा. साल 2022 में पार्टी विरोधी गतिविधियों के आरोप में BJP ने उन्हें निलंबित कर दिया था. हालांकि बाद में 2025 में Samik Bhattacharya के प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद उनका निलंबन वापस ले लिया गया.
- इसके बाद 2026 के विधानसभा चुनाव में रितेश तिवारी ने काशीपुर-बेलगछिया सीट से चुनाव लड़ा और कोलकाता नगर निगम के डिप्टी मेयर तथा TMC नेता Atin Ghosh को 1681 वोटों से हराकर जीत हासिल की.




