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अब माता-पिता की टेंशन होगी दूर, हर डे-केयर सेंटर में CCTV की होगी LIVE स्ट्रीमिंग; कर्नाटक सरकार ने क्यों लिया यह फैसला? 10 पॉइंट्स
बेंगलुरु के एक डे-केयर सेंटर में बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार के मामले के बाद कर्नाटक सरकार सख्त कदम उठाने जा रही है. अब सभी डे-केयर सेंटरों में CCTV कैमरे और उनकी लाइव स्ट्रीमिंग माता-पिता के लिए अनिवार्य करने की तैयारी है, ताकि वे अपने बच्चों पर रियल टाइम नजर रख सकें.
बेंगलुरु डे-केयर विवाद के बाद कर्नाटक सरकार का बड़ा कदम
( Image Source:
Google Gemini )
Bengaluru Daycare Abuse Case: बेंगलुरु के ब्रूकफील्ड स्थित कैपजेमिनी कैंपस के अंदर संचालित लिटिल स्कॉलर्स डे-केयर सेंटर में छोटे बच्चों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला सामने आने के बाद कर्नाटक में डे-केयर सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा फैसला लिया जा रहा है. अब माता-पिता जल्द ही अपने बच्चों की गतिविधियों पर घर या ऑफिस से ही लाइव नजर रख सकेंगे.
कर्नाटक राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (KSCPCR) ने घोषणा की है कि बेंगलुरु के सभी डे-केयर सेंटरों में CCTV कैमरे और उनकी लाइव स्ट्रीमिंग की सुविधा अनिवार्य की जाएगी. आयोग का कहना है कि इससे बच्चों की सुरक्षा बढ़ेगी और अभिभावकों का भरोसा भी मजबूत होगा.
क्या है पूरा मामला? 10 बड़ी बातें
- KSCPCR के अध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि आयोग जल्द ही शहर के सभी डे-केयर सेंटरों का सर्वे करेगा और उनके लिए एक स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) तैयार करेगा.
- इस SOP में CCTV के अलावा फर्स्ट-एड की व्यवस्था, बच्चों की सुरक्षा से जुड़े नियम और स्टाफ की जवाबदेही जैसी व्यवस्थाएं भी शामिल होंगी.
- यह फैसला उस घटना के बाद लिया गया है जिसमें आरोप लगा कि डे-केयर सेंटर में रोने वाले कुछ मासूम बच्चों को बाथरूम में बंद कर दिया जाता था. शिकायत मिलने के बाद पुलिस और बाल अधिकार आयोग ने जांच शुरू की थी.
- इस मामले में पुलिस ने पहले 55 वर्षीय एक आया (नैनी) को गिरफ्तार किया था, जिस पर एक बच्ची को बाथरूम में बंद करने का आरोप है.
- अब पुलिस ने दूसरी नैनी को भी गिरफ्तार किया है. दिलचस्प बात यह है कि यही महिला इस मामले की व्हिसलब्लोअर भी मानी जा रही थी.
- पुलिस के अनुसार दूसरी नैनी पर बच्चों के वीडियो संदिग्ध परिस्थितियों में रिकॉर्ड करने, उन्हें निजी लोगों के साथ साझा करने और मोबाइल से कुछ वीडियो डिलीट करने का आरोप है.
- पूछताछ के दौरान उसने वीडियो रिकॉर्डिंग को लेकर अलग-अलग बयान दिए, जिससे पुलिस को संदेह हुआ कि कुछ फुटेज जानबूझकर रिकॉर्ड या एडिट की गई हो सकती है.
- स्थानीय अदालत ने दूसरी नैनी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. फिलहाल उसे परप्पना अग्रहारा सेंट्रल जेल में रखा गया है.
- राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (NCPCR) की टीम ने भी डे-केयर सेंटर का दौरा कर जांच शुरू कर दी है.
- अधिकारियों का कहना है कि इस घटना ने डे-केयर सेंटरों की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं.




