बेंगलुरु में AI खा जाएगा आधी नौकरियां, डिप्टी CM डीके शिवकुमार का दावा कितना बेचैन करने और हलचल मचाने वाला?
बेंगलुरु के भविष्य और नौकरियों को लेकर एक बड़ा बयान सामने आया है, जिसने टेक जगत में हलचल बढ़ा दी है.. डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर चेतावनी दी है कि आने वाले समय में यह बड़ी संख्या में रोजगार को प्रभावित कर सकता है.
डी के शिवकुमार ने क्यों कहा बेंगलुरु में AI खा जाएगा आधी नौकरियां
बेंगलुरु, जिसे भारत का टेक हब कहा जाता है, एक बार फिर बड़े बयान को लेकर चर्चा में है. कर्नाटक के डिप्टी सीएम डीके शिवकुमार ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) को लेकर ऐसी बात कही है, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है. उनका कहना है कि आने वाले समय में AI की वजह से बेंगलुरु और देश के कई हिस्सों में 50% नौकरियां जा सकती हैं.
इस बयान के बाद टेक इंडस्ट्री और नौकरीपेशा लोगों के बीच हलचल बढ़ गई है. जहां एक तरफ बेंगलुरु को भविष्य का शहर बताया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ रोजगार को लेकर चिंता भी सामने आ रही है. ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या AI वाकई नौकरियों के लिए बड़ा खतरा बन सकता है या फिर यह सिर्फ एक बदलाव की शुरुआत है.
बेंगलुरु है फ्यूचर सिटी
नेटवर्क18 फ्यूचर ऑफ वर्क समिट में बोलते हुए डीके शिवकुमार ने कहा कि बेंगलुरु को दुनिया “फ्यूचर सिटी” के रूप में देख रही है. उनका दावा है कि यहां की विशाल टेक टैलेंट की वजह से यह शहर ग्लोबल लेवल पर खास पहचान रखता है. उन्होंने यह भी कहा कि बेंगलुरु में 2.26 करोड़ से अधिक आईटी प्रोफेशनल्स हैं, जो इसे अन्य शहरों से अलग बनाता है.
AI खा जाएगा 50% नौकरियां
हालांकि, उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर चिंता भी जताई. शिवकुमार ने कहा कि आने वाले समय में AI की वजह से बेंगलुरु सहित देश के कई हिस्सों में करीब 50% नौकरियों पर असर पड़ सकता है. उन्होंने इसे एक बड़ी चुनौती बताते हुए भविष्य की तैयारी की जरूरत पर जोर दिया.
लिविंग कॉस्ट और इंफ्रास्ट्रक्चर
उपमुख्यमंत्री ने मुंबई और बेंगलुरु की तुलना करते हुए कहा कि बेंगलुरु में जीवन यापन की लागत अपेक्षाकृत कम है. उन्होंने बताया कि जहां मुंबई में किराया काफी ज्यादा है, वहीं बेंगलुरु में यह काफी किफायती है. साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि शहर के दक्षिणी हिस्से में एक नया एयरपोर्ट बनाने की योजना पर काम चल रहा है.




