एक्सपर्ट शरद कोहली ने सोने-चांदी में जारी भारी उतार-चढ़ाव के पीछे क्रूड ऑयल, डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड को बड़ी वजह बताया. उनका कहना है कि जब क्रूड ऑयल महंगा होता है तो डॉलर की मांग बढ़ती है, जिससे बॉन्ड यील्ड ऊपर जाती है और बड़े निवेशक सोने-चांदी से पैसा निकालकर बॉन्ड्स में लगाने लगते हैं. हालांकि उन्होंने मौजूदा गिरावट को अस्थायी दौर बताया और कहा कि लंबे समय के निवेशकों के लिए यह अच्छा मौका हो सकता है. शरद कोहली के मुताबिक आम लोगों को एकमुश्त निवेश करने के बजाय SIP की तरह थोड़ा-थोड़ा करके सोना खरीदना चाहिए. उन्होंने निवेश पोर्टफोलियो में 80% सोना और 20% चांदी रखने की सलाह दी, क्योंकि चांदी में उतार-चढ़ाव और जोखिम ज्यादा रहता है.