पता नहीं पिंकी कहां चली गई, प्लेन क्रैश में मौत के बाद जौनपुर से महाराष्ट्र तक मातम; मां-दादी ने रो रोकर सुनाई दास्तां
बारामती विमान हादसे में फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली की मौत के बाद महाराष्ट्र से लेकर उत्तर प्रदेश के जौनपुर तक शोक की लहर है. परिवार के दर्दनाक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं.
बारामती विमान हादसे के बाद सिर्फ महाराष्ट्र ही नहीं, उत्तर प्रदेश के जौनपुर तक मातम पसरा है. सोशल मीडिया पर पिंकी माली के परिवार के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं. कहीं मां बेसुध होकर रो रही हैं, तो कहीं पिता की आवाज़ भर्रा रही है. इन वीडियो ने हादसे को आंकड़ों से बाहर निकालकर एक परिवार की टूटी दुनिया में ला खड़ा किया है.
इस विमान हादसे में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार के साथ फ्लाइट अटेंडेंट पिंकी माली की भी जान चली गई. पिंकी जौनपुर जिले के केराकत तहसील के भैंसा गांव की रहने वाली थीं, लेकिन रोज़गार के सिलसिले में परिवार के साथ मुंबई में रहती थीं. जैसे ही हादसे की पुष्टि हुई, पिंकी के घर में चीख-पुकार मच गई और वही पल अब सोशल मीडिया पर लोगों को झकझोर रहा है.
पिंकी की दादी ने क्या कहा?
पिंकी की दादी ने कांपती आवाज़ में बताया कि हादसे की खबर उन्हें मंदिर से लौटते वक्त मिली. उन्होंने कहा, “मैं पूजा करके आई ही थी कि किसी ने बताया पिंकी का प्लेन गिर गया. बेटे को फोन किया तो वह रो रहा था, बस इतना बोला, पता नहीं पिंकी कहां चली गई.” दादी ने कहा कि दो महीने पहले ही पिंकी गांव आई थी और अब उसकी तस्वीरें ही सहारा है.
पिंकी की मां का दर्द क्या है?
पिंकी की मां का रो-रोकर बुरा हाल है. घर में मातम पसरा हुआ है. उन्होंने कहा, “मेरा मन पहले से घबरा रहा था, लग रहा था कुछ गलत हुआ है, लेकिन कोई सच नहीं बता रहा था.” मां बार-बार यही कहती रहीं कि बेटी ने कभी दुख नहीं दिया और आज बिना कुछ कहे चली गई.
पिंकी के पिता ने क्या कहा?
पिता शिवकुमार माली का दर्द शब्दों में नहीं समा रहा. उन्होंने कहा, “मैंने टैक्सी चलाकर बच्चों को पढ़ाया. पाई-पाई जोड़कर पिंकी को एयर होस्टेस बनाया. उसने मेरा सपना पूरा किया, लेकिन आज सब खत्म हो गया.” वे रोते हुए बोले, “पिंकी ने कहा था, पापा कल आपसे बात करूंगी… लेकिन वो कल कभी नहीं आया.”
क्या शादीशुदा थी पिंकी माली?
हां, पिंकी माली शादीशुदा थीं. उनकी शादी नवंबर 2021 में हुई थी और वे अपने पति के साथ पुणे में रहती थीं. उनके पति एक प्राइवेट कंपनी में मैनेजर हैं. परिवार का कहना है कि पिंकी अपने करियर और परिवार दोनों को संतुलन में रखती थीं और भविष्य को लेकर बेहद उत्साहित थीं.
पिता को क्यों नौकरी से निकाला गया था?
पिंकी के पिता ने एक पुराना किस्सा साझा किया, जिसने इस कहानी को और भावुक बना दिया. उन्होंने बताया कि वे कभी दिल्ली एयरपोर्ट पर ड्राई क्लीनर का काम करते थे. 1989 में तत्कालीन प्रधानमंत्री वीपी सिंह की फ्लाइट की सफाई में चूक होने पर उन्हें नौकरी से निकाल दिया गया. उसी दिन से पिंकी ने ठान लिया था कि वह फ्लाइट अटेंडेंट बनकर अपने पिता का अधूरा सपना पूरा करेगी और उसने यह कर दिखाया.
एक उड़ान जो लौटकर नहीं आई
मुंबई के मलाड स्थित ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट से लेकर वीआईपी चार्टर्ड फ्लाइट्स तक का सफर तय करने वाली पिंकी माली आज यादों में सिमट गई हैं. यह हादसा सिर्फ एक विमान दुर्घटना नहीं, बल्कि उस संघर्ष की कहानी है जिसमें एक पिता का सपना, एक बेटी की मेहनत और एक परिवार की खुशियां हमेशा के लिए थम गईं.





